Summary: सेक्स के बाद पार्टनर से दूरी
सेक्स के बाद भावनात्मक दूरी या अपराधबोध संस्कार, असुरक्षा, कम्युनिकेशन की कमी और हार्मोनल बदलाव के कारण होता है, जिसे समझ और संवाद से संभाला जा सकता है।
Post-Sex Guilt: सेक्स दो लोगों के बीच न सिर्फ शारीरिक जुड़ाव है, बल्कि मानसिक और भावनात्मक जड़ाव भी है। लेकिन कई बार सब वैसा नहीं होता जैसा सोचा जाता है। कई बार सेक्स के बाद संतुष्टि की जगह डर, अपराधबोध अपने साथी से दूरी या गुस्सा महसूस होता है। सेक्स के बाद इस तरह का अनुभव महिला और पुरुष दोनों में हो सकता है। इस तरह के अनुभव के पीछे क्या कारण है आईए जानते हैं इस लेख में।
सेक्स के बाद अपराधबोध के सामान्य कारण
कपल्स के बीच सेक्स के बाद अपराधबोध के कई कारण हो सकते हैं। लेकिन एक महत्वपूर्ण कारण कपल्स के संबंध की स्थिति पर निर्भर करता है, क्या वह वैवाहिक है या नहीं। जो कपल्स विवाह से पहले आपस में संबंध बनाते हैं अक्सर उनमें संस्कार और परवरिश से जुड़े अपराधबोध का भाव आता है। इसका मुख्य कारण हमारे संस्कार हैं। आज भी हमारे समाज में सेक्स को शारीरिक मानसिक जरूरत के बजाए एक टैबू की तरह देखा जाता है।

विवाह के पश्चात कपल के बीच अपराधबोध का मुख्य कारण उनके सेक्स डिजायर में असमानता का होना हो सकता है। अगर एक पार्टनर को अधिक चाहिए और दूसरा उसे बार-बार मना करें या फिर जल्दबाजी में उसकी इच्छा पूरी करें तो सामने वाले के मन में अपराधबोध, डर या गुस्से की भावना उत्पन्न हो सकती हैं।
कई बार पुरुष और महिला अपने ऑर्गेज्म तक पहुंचाने के समय को लेकर भी अपराधबोध महसूस करते हैं। खास कर पार्टनर जब एक दूसरे की जरूरत को पूरा ना कर पाएं।
कई बार कपल सेक्स से पहले या सेक्स के दौरान अपने पार्टनर के शारीरिक बनावट पर बुरे कमेंट्स करते हैं जिससे सामने वाले पार्टनर के आत्मसम्मान में कमी आती है और वह अपराधबोध से भर जाता है।
सेक्स के बाद पार्टनर से दूरी या अपराधबोध का एक कारण मेडिकल कारण हो सकता है जिसे PCD (post-coital dysphoria) कहा जाता है।
इस तरह की भावना से कैसे निपटें
पार्टनर से खुलकर बात करें: अगर आपके साथ ऐसी परेशानी है तो परेशानी के समाधान का पहला कदम है अपने साथी से खुलकर बात करें। बात करते समय पार्टनर को दोष देने की बजाय उससे अपनी परेशानी बताएं।
खुद को दोषी न माने: अगर आप विवाह से पहले अपने साथी के साथ संबंध बनाते हैं तो उस समय अपने संस्कारों के कारण खुद को दोषी मानने के बजाय वैज्ञानिक बुद्धि से समझे सेक्स प्राकृतिक मानवीय जरूरत है इसमें कुछ गलत नहीं है।
अगर आपने निर्णय बहाव में आकर लिया था तो खुद को कोसने की बजाय उससे सीखें।
अपनी भावनाओं को समझें: सेक्स के बाद आपको पछतावा क्यों हो रहा है या समझना आपके लिए जरूरी है। इसके लिए आप जर्नलिंग की मदद ले सकते हैं। आप लिखे आपको डर, गुस्सा, शर्म, अपराधबोध क्यों है। क्या आपका मन नहीं था
क्या पार्टनर ने आपकी सहमति नहीं ली
क्या आपके साथी ने या आप ने एक दूसरे को अपमानित किया
क्या आपको संतुष्टि नहीं मिली या कोई और वजह
इस तरह आप अपनी भावनाओं को बेहतर समझ सकते हैं और इस बारे में अपने साथी से बात कर सकते हैं।
सेक्स से पहले मानसिक रूप से तैयारी करें:
सेक्स को सिर्फ शारीरिक नहीं मानसिक क्रिया बनाएं। खुद को मानसिक रूप से तैयार करने के लिए कहें, आप जिससे प्रेम करते हैं आप उससे नजदीकी चाहते हैं, सेक्स वही जरिया है। यह प्राकृतिक क्रिया है, इसमें शर्म की बात नहीं है। यह मेरे पार्टनर के साथ मेरे इमोशनल कनेक्शन को मजबूत बनाता है। मेरी इच्छा ना होने पर मेरे साथी द्वारा समझा जाता है और मेरे सहमति के बिना वह आगे नहीं बढ़ता।
इसके बाद भी परेशानी बढ़ रही है, समस्या गंभीर होती जा रही है तो सेक्स काउंसलर की मदद ले।
