जब आप एक नए रिलेशन में आते हैं तो क्या आपको भी आपके मन में कुछ हलचल महसूस होती है मानो वह आपको कोई चेतावनी दे रहा हो। यह एक अजीब किस्म की भावना होती है जिसे आप अपने शरीर की 6वीं सेंस कह सकते हैं। इसमें ऐसा महसूस होता है मानो आपका शरीर आपको कुछ बताना चाहता है।

यह मन में महसूस होने वाली फीलिंग हम सभी ने कभी न कभी तो सुनी ही होगी। यह एक सत्य बात है की आपका मस्तिष्क और आपका शरीर एक तुक में काम करते हैं और जब भी हम अपने किसी खास इंसान के देखते हैं तो हमारे मन में तितलियां उड़ने लगती है। लेकिन जब आप कुछ शोकजनक या कोई हिम्मत वाला काम करते हैं तो आपका जी घबराने लग जाता है।

रिश्तो को महसूस किया जा सकता है

प्रश्न यह है कि क्या आप अपने मन पर विश्वास कर सकते हैं?

स्टडीज यह दर्शाती हैं की 85% महिलाएं जिन्हें अपने मन में यह भावना महसूस होती है की उनके पार्टनर उनके साथ धोखा कर रहे हैं वह सही होती हैं। बहुत से लोग इस बात पर हमेशा संदेह करते हैं कि क्या इस भावना पर हमें यकीन करना चाहिए? क्या हमें इस तरफ ध्यान देना चाहिए? बहुत से लोग यह मानते हैं की यह फीलिंग सच में ही काम करती है।

इस पर विशेषज्ञों का कहना है कि हमारा इम्यून सिस्टम भी हमारे साथ हर ट्रामा को झेलता है। यह हमारे साथ होने वाले हर मानसिक और शारीरिक ट्रॉमा को याद रखता है और उसी के हिसाब से निर्णय लेता है। जब भी हम मुसीबत में होते हैं तो यह हमारे लिए निर्णय करने में आसानी पैदा कर देता है। हमारे मन से वही केमिकल्स तब निकलते हैं जब हम कुछ सोचते हैं तब। इसलिए हम कह सकते हैं की इस मन वाली भावना पर हम विश्वास कर सकते हैं। इनके शब्दों के निचोड़ में हम कह सकते हैं कि हमारे शरीर के ज्ञान को हमें कभी इग्नोर नही करना चाहिए और जहां तक हो सके वहां तक इसकी बात मान लेनी चाहिए।

अपने मन की सुनें

अगर आप अपनी लव लाइफ के बारे में सोचने बैठती हैं तो जब भी आपके पार्टनर ने कुछ गलत किया होगा तो यह संभावना होती है कि आपको एक बार तो लगा ही होगा कि वह यह गलती दुबारा भी कर सकती हैं। अगर हम प्रेम की बात करते हैं तो अगर कुछ गलत हो जाता है तो आप अंत में कहती हैं कि मुझे शुरू से ही पता था। यह सब हमारे मन की ही भावनाएं होती हैं।

रिश्तो को महसूस किया जा सकता है

लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि आपको हर बात अपने शरीर की ही माननी चाहिए। कई बार हमारा अचेतन दिमाग भी कुछ चीजों को बहुत ज्यादा महसूस करता है और इसके द्वारा भी आपके मन में हलचल हो सकती है। इसलिए आपको हमेशा भी आपके मन की नहीं सुननी है। बहुत से लोगों के लिए यह मुश्किल भी होता है कि हमें इन स्थितियों में क्या करना चाहिए। डॉक्टर्स का मानना है कि जब आपको खुद में यकीन होता है तो आपको पता होता है कि आपके लिए क्या सही है और आप एक अच्छा निर्णय ले पाते हैं।

हां यह सच है!!

किसी नए रिश्ते में आते समय मन में होने वाली हलचल असली होती है क्योंकि आपके शरीर को भी पता चलता है कि आप एक नया निर्णय लेने जा रहे हैं इसलिए वह आपके हृदय को सुरक्षित रखने के लिए कई बार ऐसी हलचल करता है। लेकिन आपको यह पता होता है कि आपके लिए क्या सही है तो आपको उसी हिसाब से अपना चयन करना चाहिए।

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