लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन में गलतफहमियों को दूर करने के लिए इन तरीकों का लें सहारा: Long Distance Relationship Misunderstanding
Relationship Misunderstanding

Long Distance Relationship Misunderstanding: किसी भी रिश्ते में गलतफहमी पैदा होना बेहद आम बात है। चूंकि दो लोग अलग तरह से सोचते हैं, इसलिए यह काफी हद तक संभव है कि वे किसी एक बात या सिचुएशन को अलग तरह से देखें और उनके बीच गलतफहमी काफी बढ़ जाए। हालांकि, इस स्थिति में कपल्स आपस में मिलकर उस गलतफहमी को दूर कर लेते हैं। लेकिन अगर आप एक लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन में हैं तो ऐसे में ये गलतफहमियां आपके रिश्ते को बहुत अधिक प्रभावित कर सकती हैं। दरअसल, शारीरिक रूप से दूर होने और कम्युनिकेशन का सीमित होना इन गलतफहमियों को दूर करना चैलेंजिंग हो सकता है।

लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन में कपल्स एक-दूसरे से दूर होते हैं और ऐसे में जब उनके बीच किसी बात को लेकर गलतफहमी पैदा होती है तो यह काफी हद तक संभव है कि वे आपस में बात ही ना करें। जिससे वह गलतफहमी खत्म नहीं हो पाती है। कभी-कभी तो गलतफहमियां उनके रिश्ते को ही खत्म कर देती हैं। आपके साथ ऐसी स्थिति पैदा ना हो, इसके लिए जरूरी है कि आप कुछ आसान टिप्स को अपनाएं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही टिप्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन में गलतफहमी को आसानी से दूर किया जा सकता है-

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गलतफहमी को दूर करने से पहले आपको उसकी असली जड़ को समझना बेहद जरूरी है। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन में गलतफहमी होना अधिक आम है और इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं। मसलन, अगर आप टेक्स्ट में बात कर रहे हैं और आप क्लीयर तरीके से अपनी बात कहने की जगह इमोजी का इस्तेमाल करते हैं तो कई बार सामने वाला आपकी बात का असली मतलब समझ नहीं पाता और वह आपसे नाराज हो जाता है। इसके अलावा, लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन में टाइम का प्रेशर भी रिश्ते को बहुत प्रभावित करता है। मसलन, बिज़ी शेड्यूल और टाइम जोन के फर्क से बातचीत अधूरी रह जाती है। जब कपल्स दूर होते हैं तो ना केवल उनके लाइफस्टाइल में फर्क होता है, बल्कि इमोशनल सेंसिटिविटी भी बढ़ने लगती है। उन्हें दूर होने की वजह से हर छोटी बात दिल पर लगने लगती है। इसलिए, अगर आप सच में समस्या का समाधान चाहते हैं तो सबसे पहले ये पहचानें कि प्रॉब्लम कहां से शुरू हुई है।

Long Distance Relationship Misunderstanding
Open and Clear Communication

यूं तो कम्युनिकेशन किसी भी रिश्ते में फाउंडेशन है, लेकिन लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन में तो यह और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है। इसलिए किसी भी तरह की गलतफहमी से बचने और उसे दूर करने के लि ओपन व क्लियर कम्युनिकेशन होना बेहद जरूरी है। कभी भी आप अपने पार्टनर से ऐसा कुछ भी ऐसा न कहें जो दूसरे को कंफ्यूज करे। जैसे, “तुम मुझसे प्यार नहीं करते,“ की जगह कहें, “मुझे बुरा लगा जब तुमने मेरी कॉल मिस की और बताया भी नहीं।“ साथ ही जब आप अपने पार्टनर से बात कर रहे हैं तो अपनी बात कहने के चक्कर में बार-बार उनकी बात मत काटें। जब सामने वाला व्यक्ति अपना प्वॉइंट ऑफ व्यू सही तरह से नहीं समझा पाता है तो ऐसे में रिश्ते में गलतफहमियां बढ़ने लगती हैं। साथ ही साथ, हमेशा अपने पार्टनर से सिर्फ टेक्स्ट में ही बात ना करें। बल्कि वॉयस या वीडियो कॉल से बात करो ताकि आप अधिक क्लीयर तरीके से कम्युनिकेट कर पाएं।

Emotional Connection
Emotional Connection

अक्सर यह देखने में आता है कि लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन में कपल्स के बीच इमोशनल कनेक्शन कम होने लगता है, जिससे उनके बीच अनचाहे ही दूरियां बढ़ने लगती हैं। साथ ही साथ, इससे उनके बीच गलतफहमियां पैदा होने की संभावना भी बढ़ जाती है। इसलिए, हमेशा इमोशनल कनेक्शन बनाए रखने की कोशिश करें। आप दोनों अपनी रोजमर्रा की बातें शेयर करें, फिर चाहे वह छोटी-छोटी बातें ही क्यों न हों, लेकिन उसे अपने पार्टनर को बताएं ताकि कनेक्शन बना रहे। चूंकि आप दोनों एक-दूसरे से दूर हैं तो ऐसे में आपके अंदर कुछ फीलिंग्स, डर और ख्वाहिशें होंगी, जिसे आप एक-दूसरे से शेयर करें। इससे आपसी विश्वास और डीप कनेक्शन बढ़ता है। आप दोनों भले ही एक-दूसरे से दूर हैं, लेकिन फिर भी छोटे-छोटे मौके सेलिब्रेट करने से ना चूकें, जैसे एनिवर्सरी, अचीवमेंट्स, या कोई मजेदार याद। हमेशा याद रखें कि अगर आप दोनों के बीच इमोशनल बॉन्ड मजबूत रहेगा तो गलतफहमियां भी जल्दी सुलझ जाएंगी।

communication style
communication style

लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन में आपके और आपके पार्टनर के बीच किसी तरह की गलतफहमी पैदा ना हो या फिर गलतफहमी पैदा होने पर उसे सुलझाना आसान हो, इसके लिए जरूरी है कि आप अपने पार्टनर के कम्युनिकेशन स्टाइल को समझें। ध्यान दें कि हर किसी का बात करने का तरीका अलग होता है। इसे समझकर रिश्ते को और बेहतर बनाया जा सकता है। मसलन, सबसे पहले आप अपने पार्टनर की लव लैंग्वेज को पहचानें। कुछ लोग शब्दों से प्यार जताते हैं, तो कुछ काम करके। जब आप इसे समझ जाते हैं तो आपको अपने पार्टनर से किसी तरह की शिकायत नहीं होती है। साथ ही साथ, आपको अपने पार्टनर के ट्रिगर की पहचान भी होनी चाहिए। आप ऐसी बातें या टोन जो उन्हें चुभ सकती हैं, उन्हें अवॉइड करें। इससे रिश्ते में गलतफहमी बढ़ सकती है और आपके लिए स्थिति को संभालना मुश्किल हो सकता है। अगर पार्टनर को अपनी फीलिंग्स समझाने में टाइम लगता है, तो उन्हें उनका स्पेस दें। जब आप एक-दूसरे के तरीके समझेंगे, तो कंफ्लिक्ट्स अपने आप कम हो जाएंगे।

मैं मिताली जैन, स्वतंत्र लेखिका हूं और मुझे 16 वर्षों से लेखन में सक्रिय हूं। मुझे डिजिटल मीडिया में 9 साल से अधिक का एक्सपीरियंस है। मैं हेल्थ,फिटनेस, ब्यूटी स्किन केयर, किचन, लाइफस्टाइल आदि विषयों पर लिखती हूं। मेरे लेख कई प्रतिष्ठित...