Single Parent Happiness
Single Parent Happiness

Summary: "जब दिवाली घर में है, पर बच्चे दूर रोशनी के बीच यादों का साया

विदेश में बसे बच्चों से दूर रह रहे माता-पिता के लिए दिवाली रोशनी से ज्यादा यादों का त्योहार बन जाती है। अकेलापन भले हो, मगर रिश्तों की गर्माहट अब भी हर दीपक में झिलमिलाती है।

Single Parent Happiness: दिवाली हर भारतीय घर में केवल रोशनी और मिठास का त्योहार नहीं है, बल्कि परिवार और प्यार का जश्न भी है। लेकिन आजकल कई परिवारों में बच्चे पढ़ाई या जॉब के लिए विदेश में रहते हैं। ऐसे में इंडिया में रह रहे माता-पिता के लिए यह त्योहार कभी-कभी अकेलेपन और खालीपन का एहसास छोड़ देता है।

अकेलेपन की यह भावना अक्सर आंखों में नमी ला देती है दीपक जिन्हें जलाना वे बचपन में अपने बच्चों के साथ करते थे, मिठाई की प्लेटें जो अब खाली रह जाती हैं। लेकिन यह दूरी, प्यार और यादों की मिठास को मिटा नहीं सकती।

विदेश में रहते हुए भी बच्चे अपने माता-पिता के साथ वीडियो कॉल या ऑनलाइन पूजा के जरिए त्योहार का आनंद साझा कर सकते हैं। सुबह उठकर दीपक जलाते हुए अपने बच्चों को स्क्रीन पर देखना, उनकी हँसी सुनना और उनके साथ मिठाई का मज़ा लेना यह अकेलेपन को कम करने का सबसे बड़ा जादू है। छोटे वीडियो मैसेज या लाइव कॉल में माता-पिता को शामिल करना उन्हें यह एहसास देता है कि वे दूर होकर भी पास हैं।

छोटे सरप्राइज कभी-कभी शब्दों से ज़्यादा असर करते हैं। ऑनलाइन दिवाली कार्ड, वीडियो मैसेज, फोटो एल्बम या ड्राई फ्रूट्स, हेल्दी मिठाई पैक भेजना ये सिर्फ उपहार नहीं, बल्कि प्यार और यादों का पैकेज होते हैं। माता-पिता अपने बच्चों के चेहरे की मुस्कान या हाथ की मेहनत को महसूस कर सकते हैं, और यही दिवाली को खास बनाता है।

विदेश में रहने वाले बच्चों को चाहिए कि वे हर दिन थोड़ी सी बातचीत करें। सुबह की शुभकामना, दिनभर की हल्की बातें या शाम को पूजा में ऑनलाइन शामिल होना ये छोटे कदम माता-पिता के अकेलेपन को कम करते हैं और दिल में यह भरोसा पैदा करते हैं कि बच्चे हमेशा उनके साथ हैं।

बच्चों की तरफ़ से यह सुझाव देना कि माता-पिता पड़ोसियों, दोस्तों या कम्युनिटी इवेंट्स में शामिल हों, भी बेहद जरूरी है। यह न केवल अकेलेपन को कम करता है, बल्कि उन्हें यह भी महसूस कराता है कि उनके जीवन में खुशियाँ बनी रह सकती हैं। लोकल इवेंट्स, पूजा समारोह और संगीत-नृत्य के प्रोग्राम उनके लिए उत्सव का अनुभव जीवंत बनाए रखते हैं।

बच्चों के लिए यह समझना जरूरी है कि माता-पिता की खुशी केवल उपहार या भौतिक चीजों से नहीं आती। यह विचार, ध्यान और प्यार से आती है। विदेश में रहकर भी आप माता-पिता के लिए अपनी मौजूदगी का एहसास भेज सकते हैं चाहे वो रेसिपी वीडियो हो, घर की सजावट दिखाना हो या छोटे-छोटे DIY प्रोजेक्ट्स। इस तरह उनका दिल भर जाता है और त्योहार की मिठास लौट आती है।

अकेले रहना कभी-कभी उदासी ला सकता है, लेकिन प्यार, यादें और छोटा सा प्रयास इसे खुशी में बदल सकते हैं। वीडियो कॉल, डिजिटल संदेश, ऑनलाइन सरप्राइज और छोटे क्रिएटिव जेस्चर ये कदम यह सुनिश्चित करते हैं कि माता-पिता को अकेलापन महसूस न हो और दिवाली उनके लिए भी रोशनी और गर्मजोशी से भरी रहे। इस दिवाली, बच्चों की जिम्मेदारी सिर्फ दूर रहना नहीं है। यह प्यार, जुड़ाव और यादों के जरिए माता-पिता के दिल में त्योहार की रौनक लाना भी है। चाहे हजारों किलोमीटर दूर हों, थोड़ी सी मेहनत और दिल से किया गया प्रयास माता-पिता की दिवाली

राधिका शर्मा को प्रिंट मीडिया, प्रूफ रीडिंग और अनुवाद कार्यों में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। हिंदी और अंग्रेज़ी भाषा पर अच्छी पकड़ रखती हैं। लेखन और पेंटिंग में गहरी रुचि है। लाइफस्टाइल, हेल्थ, कुकिंग, धर्म और महिला विषयों पर काम...