fifty shades freed novel in Hindi: मैं तो सांस तक नहीं ले पा रही। क्या मैं यह सब सुनना चाहती हूं। उसने आंखें बंद कीं और थूक निगला। जब उसने उन्हें खोला तो वे बीते वक्त की यादों से भरी थीं। “गर्मियों के दिन थे। मैं कड़ी मेहनत कर रहा था। पता नहीं कहां से […]
Category: उपन्यास
गृहलक्ष्मी आप सभी को कुछ महान उपन्यासकारों के द्वारा लिखे गये उपन्यास Hindi novel, Hindi Love story, Hindi novel in pdf format में provide करता है। जैसे कि मुंशी प्रेमचंद के द्वारा लिखी गई उपन्यास Hindi novel गोदान, भूतनाथ जिसके उपन्यासकार बाबू देवकीनन्दन खत्री, दौलत आई मौत लाई के महान उपन्यासकार जेम्स हेडली चेइज़ जोकि पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।
इस तरह के और भी बहुत से उपन्यास आप ग्रहलक्ष्मी पर पढ़ सकते है। जिसे पढ़ने में आपको बहुत ही ज्यादा मजा आयेगा और आप इससे बहुत कुछ सिख सकते है। जोकि आपके जीवन में बहुत ही उपयगी साबित होगी।
जमींदार बाबू गंगासहाय के घर में – हिरनापुर का शहीद मेला
शाम को गाँव में जमींदार बाबू गंगासहाय के यहाँ हम लोग पहुँच गए थे। एकदम सादा रहन-सहन वाले इतने नेक और भले इनसान थे वे कि क्या कहूँ, क्या नहीं, कह पाना मुश्किल। कई बार हमारे शब्द साथ छोड़ जाते हैं।…कुछ ऐसा ही मैं महसूस कर रहा था।…शहीद मोहना के लिए उनके दिल में ऐसा […]
अध्याय – 24 – फिफ्टी शेड्स फ्रीड
fifty shades freed novel in Hindi: “मैं तो तुम्हें सारा दिन चूमना पसंद करता पर तुम्हारा नाश्ता ठंडा हो रहा है।” वह मेरे होठों के पास आकर बोला। ओह यह तो फिर से तैयार है। “खाओ।” मैंने उसकी वासना से भरी निगाहों के तले उसांस भरी और अपनी आई वी को संभालते हुए उठ कर […]
अध्याय – 23 – फिफ्टी शेड्स फ्रीड
fifty shades freed novel in Hindi: सब जगह दर्द महसूस हो रहा है। मेरे सिर, मेरी छाती…तीखा दर्द हो रहा है। मेरी कमर, मेरे बाजू और पीठ में तेज दर्द है। मैं कहां हूं। मैंने अपना दिमाग इस ओर लगाना चाहा। आंखें नहीं खुल रहीं पर कुछ शब्द सुने जा सकते हैं। “मि. ग्रे! पसलियों […]
अध्याय – 22 – फिफ्टी शेड्स फ्रीड
fifty shades freed novel in Hindi: “जैक???” डर के मारे मेरी आवाज ही गायब हो गई। ये जेल से कब आया। इसके पास ईया का फोन क्यों है? मैं अचानक ही बेसुध-सी होने लगी। “मेरी याद है या नहीं?” “हां बेशक” “तुम सोच रही होगी कि मैंने तुम्हें याद क्यों किया?” “हां” “फोन मत काटना। […]
कलम आज उनकी जय बोल! – हिरनापुर का शहीद मेला
पहले बनारस तक बस से यात्रा, फिर एक खटखटिया टैंपू की सवारी। उसका शोर इतना अधिक था, जैसे कानों को बहरा ही कर देगा। पर गनीमत यह थी कि सड़क के दोनों ओर सिर से सिर मिलाए हरे-भरे पेड़ों की कतारें, जो कहीं थमने का नाम ही नहीं लेती थीं। जैसे हवाओं में दोस्ताना रंग […]
अध्याय – 21 – फिफ्टी शेड्स फ्रीड
fifty shades freed novel in Hindi: मैंने अपने गहरी नींद में सोए पति के मैसेज को देखा। वह कल रात डेढ़ बजे तक उसके साथ ड्रिंक ले रहा था। वह किसी मदहोश की तरह गहरे खर्राटे भर रहा है। कह सकते हैं कि वह शांति से सो रहा है। मैं वहीं पास वाली कुर्सी पर […]
अध्याय – 20 – फिफ्टी शेड्स फ्रीड
fifty shades freed novel in Hindi: ऐसा लगा मानो मेरी पूरी दुनिया ही टूट कर बिखर गई हो। एक बच्चा। मैं अपने लिए बच्चा अभी नहीं चाहती। मैं अभी मां बनने के लायक नहीं हूं। “मिसेज ग्रे! क्या आप एक गिलास पानी लेंगी? आपका चेहरा बता रहा है कि आपके लिए ये खबर किसी सदमे […]
हिरनापुर जाना है – हिरनापुर का शहीद मेला
तीन दिन पहले परमेश्वरी बाबू का पत्र मिला था, “राजेश्वर भाई, आजकल इलाहाबाद में हूँ। कल हिरनापुर जाना है, हिरनापुर यानी शहीद मोहनाv उसे पेड़ पर लटकाकर फाँसी दी गई थी। गाँव में हर साल वहाँ शहीद मेला लगता है। तुम यहाँ आओ तो साथ-साथ चलेंगे।” परमेश्वरी बाबू मेरे बचपन के मित्र हैं, पर बड़े […]
अध्याय – 19 – फिफ्टी शेड्स फ्रीड
fifty shades freed novel in Hindi: मैं रोने लगी। मेरे डैडी को होश आ गया। वे ठीक हो गए हैं। “प्यारी एना! रोना बंद करो। मैं कहां हूं।” “आपका एक्सीडेंट हो गया था। आप पोर्टलैंड के अस्पताल में हो।” “क्या आप पानी लोगे?” हालांकि मैं जानती हूं कि उन्हें अपने-आप कुछ नहीं देना पर मैं […]
