Overview: वर्साचे लक्ज़री रेस में पीछे क्यों छूटा
ज़ोरदार ग्लैमर पर आधारित वर्साचे का स्टाइल, शांत लक्ज़री के वर्तमान चलन में फिट नहीं बैठ पाया। ब्रांड की अत्यधिक दृश्यता ने इसकी विशिष्टता (Exclusivity) को कम कर दिया। अपनी हेरिटेज (विरासत) को मज़बूत न करने और लगातार ट्रेंड्स के पीछे भागने के कारण, लक्ज़री मार्केट में वर्साचे का मूल्य फिसल गया।
Why Versace Fall Behind In The Luxury Race : वर्साचे एक टाइम पर फैशन की दुनिया में सुपरहिट था। लेकिन अब यह लक्ज़री रेस में पीछे छूट गया है। इसका कारण यह है कि दूसरे लक्ज़री ब्रांड्स ने अपनी ‘हेरिटेज’ और ‘क्वाइट एस्थेटिक’ पर फोकस किया। जबकि वर्साचे अपने संस्थापक जियानी वर्साचे के पुराने ग्लैमरस और सेलिब्रिटी-सेंट्रिक स्टाइल पर ही अटका रहा। जब कॉर्पोरेट मालिक माइकल कोर्स ने इसे खरीदा, तो इसका वैल्यू कम ही रहा।
ऐसा लाउड एस्थेटिक जो आज के टाइम में फिट नहीं हुआ

वर्साचे ब्रांड हमेशा सेलिब्रिटी ग्लैमर और लाउड स्टाइल से जुड़ा रहा। आज के कस्टमर हेरिटेज और क्वाइट डिज़ाइन को पसंद कर रहे हैं। वर्साचे का स्टाइल अब इस ट्रेंड से मैच नहीं करता। ट्रेंड-ड्रिवन डिज़ाइन ने इसकी ‘लॉन्ग लास्टिंग’ वैल्यू कम कर दीl ब्रांड के डिज़ाइन ज़्यादातर ट्रेंड्स पर बेस्ड होते थे। इसकी वजह से ये डिज़ाइन लॉन्ग लास्टिंग नहीं रह पाए, और इसका वैल्यू भी कम हो गया।
नए सिग्नेचर कोड्स में ‘हेरिटेज ग्राउंडिंग’ की कमी दिखी
लक्ज़री ब्रांड्स अपने पुराने सिग्नल और ट्रेडिशन को नए तरीके से दिखाते हैं। वर्साचे ने भी नए सिग्नेचर कोड्स बनाने की कोशिश की, लेकिन उनमें मजबूत हेरिटेज बेस नहीं थीं। ब्रांड ने बार-बार नए लोगो और पैटर्न बनाए, जिससे एक स्ट्रॉन्ग, टाइमलेस सिंबल नहीं बन पाया।
ओवर-एक्सपोज़र ने इसकी एक्सक्लूसिविटी कर दी
फैशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि रेड कार्पेट पर और हर जगह वर्साचे प्रोडक्ट्स की वाइड विजिबिलिटी ने इसकी एक्सक्लूसिविटी कम कर दी। लक्ज़री ब्रांड के लिए एक्सक्लूसिविटी बहुत ज़रूरी होती है। जब यह बहुत ज़्यादा दिखने लगा, तो कस्टमर्स के लिए इसका चार्म कम हो गया।
