घर की किस दिशा में कौन सी चीजें रखना पहुंचाता है फायदा: Vastu Tips For Home
आज हम आपको बताएंगे कि घर के किस कोने में कौन-सी चीज़ रखने से आपको अधिक लाभ मिल सकता है।
Vastu Tips For Home: घर बनवाते समय या कोई नया सामान घर में रखते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी होता है, क्योंकि हर वस्तु का वास्तुशास्त्र से संबंध होता है। अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे, तो यह जानना जरूरी है कि कौन-सी सामान को घर की किस दिशा में रखना अधिक लाभकारी हो सकता है। अगर आपको इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, तो चिंता की कोई बात नहीं है, क्योंकि आज हम आपको बताएंगे कि घर के किस कोने में कौन-सी चीज़ रखने से आपको अधिक लाभ मिल सकता है।
उत्तर दिशा
वास्तुशास्त्र के अनुसार उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की दिशा माना जाता है। यह दिशा धन-लाभ और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है। इस दिशा में घर या दुकान का गल्ला रखा जा सकता है, जिससे आर्थिक लाभ होता है। इस दिशा को कभी खाली नहीं छोड़ना चाहिए। आप यहां या हरे पौधे रख सकते हैं, जिससे पॉजिटिविटी बनी रहती है।
पूर्व दिशा

पूर्व दिशा के स्वामी सूर्य देव और इंद्र माने जाते हैं। यह दिशा जीवन में ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक है। वास्तु के अनुसार इस दिशा को अच्छे से साफ रखना चाहिए। रोज सुबह इस दिशा में दीपक जलाना शुभ होता है। आप पूर्व दिशा में भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की मूर्तियां स्थापित कर सकते हैं, जो सुख-समृद्धि को बढ़ावा देती हैं।
दक्षिण दिशा
दक्षिण दिशा को यम और मंगल ग्रह की दिशा माना गया है। यह दिशा स्थिरता और सफलता प्रदान करती है। घर या दुकान पर तिजोरी इस दिशा में रखना सबसे उपयुक्त होता है, लेकिन उसका दरवाज़ा उत्तर दिशा की ओर खुलना चाहिए। इस डायरेक्शन में भारी वस्तुओं के लिए अच्छी मानी जाती है, जैसे अलमारी, फर्नीचर। गलती से भी इस दिशा में बाथरूम न बनाएं।
पश्चिम दिशा
पश्चिम दिशा के ग्रह स्वामी शनि हैं। यह दिशा परिश्रम और कर्म से मिलने वाले फल की दिशा मानी जाती है। घर में इस दिशा का उपयोग रसोईघर के रूप में किया जा सकता है। यदि यहां रसोई नहीं बनती है, तो इसे स्टोर रूम या डाइनिंग रूम के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यहां पर रोशनी और वेंटिलेशन का ध्यान रखना जरूरी है।
ईशान कोण
ईशान कोण को सबसे पवित्र दिशा माना जाता है। यह दिशा जल तत्व और भगवान शिव का स्थान है। गुरु ग्रह इस दिशा के स्वामी हैं। इस दिशा में पूजा रूम बनाया जा सकता है। इस दिशा को हमेशा साफ, शांत और खुले रूप में रखना चाहिए। यहां जूते-चप्पल, कूड़ेदान नहीं रखना चाहिए।
आग्नेय कोण

यह दिशा अग्नि तत्व की दिशा है और इसके स्वामी शुक्र ग्रह हैं। यह रसोईघर के लिए आदर्श मानी जाती है क्योंकि यहां अग्नि का स्थान होता है। आग्नेय कोण में गैस चूल्हा, माइक्रोवेव, टोस्टर, या अन्य इलेक्ट्रॉनिक किचन अप्लायंस को रखा जा सकता है।
वायव कोण
वायव कोण को वायु तत्व का स्थान माना जाता है और इसके स्वामी चंद्रमा हैं। यह दिशा गेस्ट रूम या खिड़की के लिए उपयुक्त होती है। यहां वायु का वेंटिलेशन अच्छा होता है, इसलिए यह दिशा खुली और हवादार होनी चाहिए। यदि घर में कोई स्टोर या टॉयलेट बनाना हो, तो वह भी इस दिशा में बनाया जा सकता है।
नैऋत्य कोण
नैऋत्य कोण को पृथ्वी तत्व का स्थान माना गया है और इसके स्वामी राहु तथा केतु हैं। इस कोने में घर का मास्टर बेडरूम बनाना शुभ माना जाता है। यहां टीवी, म्यूजिक सिस्टम, रेडियो और खेलकूद का सामान रखा जा सकता है।
