मीना ने अपने बेटे की शादी तय की तो उसकी मां ने कहा कि इसे ‘चाय बनाने के सिवा कुछ नहीं आता।’ शादी के बाद उसने अपनी बहू से चाय बनाने को कहा तो बहू का जवाब था कि ‘उसे चाय भी बनानी नहीं आती।’

आज से 40-50 साल पहले यह देखा जाता था कि लड़की को घर का काम करना आता है कि नहीं।  इसी को देखते हुए शादी से पहले इन बातों को ध्यान में रखना जरूरी है और कुछ काम सीखना भी चाहिए।

  • ससुराल को मायका न समझें कि जब चाहा उठ गए, जब चाहा सो गए। इसलिए सबसे पहले जल्दी उठने की आदत डालनी चाहिए।
  • सुबह उठकर ‘बैड टी’ का इंतजार न करें, बल्कि नहा कर अपने साथ-साथ सबको गरमा-गरम चाय पिलाएं।
  • ससुराल में कभी भी अपने मायके का बखान न करें कि हमारे घर यह होता था या वैसा होता था। अपने ससुराल के रहन- सहन को समझने की कोशिश करें और उन्हीं के अनुसार अपने आपको ढालें।
  • चाहे कोई छोटा है या बड़ा उसकी इज्जत करें। सबका आदर करें और उन्हीं के अनुसार अपने आपको ढालें।
  • किसी से तू-तड़ाक करके न बोलें। कुछ बोलने से पहले मन में 2-3 बार सोचें, अगर आपको लगता है कि यह सही है तब ही बोलें।
  • घर के बड़ों की पसंद का ध्यान रख के ही कपड़े पहनें। कुछ समय तक विदेशी पहनावा न पहनें।
  • जहां आपको लगे कि आप सही हैं तो वहां सबको आदर-मान दे कर अपना पक्ष रखें।
  • अगर आप नौकरी करती हैं तो अपना मायका समझ कर अपनी मर्जी से लेट न उठें और न ही आशा करें कि आपको बनी बनाई चाय या नाश्ता मिलेगा।
  • सुबह जल्दी उठकर अपना नाश्ता अपने आप बनाएं, हो सके तो घर के सदस्यों के नाश्ते की भी तैयारी करके जाएं, जिससे आपको सराहा जाए।
  • रसोई की सफाई करती रहें। शैल्फ पर जरा सी गंदगी हो, सब्जी या चाय गिर जाए तो साथ ही गीले कपड़े से साफ कर दें। गैस को समय- समय पर साफ करती रहें।
  • प्रयोग करने के बाद रसोई के सामान को उसकी जगह पर ही रखें, यह नहीं कि शैल्फ पर ही रखा रहने दें।
  • चाय तो सब बना लेते हैं, मगर अच्छी व बढ़िया चाय बनाना एक कला है। दो लोगों के लिए डेढ़ कप पानी डाल कर गरम करें, थोड़ा अदरक,  2 छोटी इलायची पीस कर डालें और 3-4 मिनट उबालें। चीनी की जगह शक्कर डालें, एक छोटा चम्मच चाय पत्ती डाल कर 2 मिनट उबाल कर आधा कप दूध डालें। 2-3 उबाल आने पर सर्व करें।
  • कभी सौंफ, दालचीनी, लौंग, तुलसी या कभी गुलाब की सूखी पत्ती डाल कर अलग-अलग स्वाद की चाय बनाएं।
  • रोटी मुलायम व फूली-फूली बने, इसके लिए आटे को गूंधें। 5-8 मिनट तक ढक कर रखें, फिर हाथ में तेल लगाकर 2-3 मिनट गूंधें।
  • दाल कितनी और कैसे बनाएं, जितने लोग हैं उतनी मुट्ठी दाल लेकर नमक, मिर्च हल्दी डाल कर पका लें।
  • दालों में अलग-अलग तरह के तड़के लगाना सीखें, जैसे- हींग, जीरा, कढ़ी पत्ते का तड़का लगाएं। चने की या मूंग की दाल में जीरा-कढ़ी पत्ता व साबुत लाल मिर्च का तड़का लगाएं।
  • साबुत दालों में दाल को कुकर में डालकर पानी, नमक, मिर्च, हल्दी, अदरक, लहसुन और 1 छोटा चम्मच सरसों का तेल डालें। दाल बन जाने पर 1 बड़ा चम्मच देसी घी डालें।
  • काले चने, राजमां और सफेद चने बनाते समय प्याज, अदरक, लहसुन व हरी मिर्च को मोटा-मोटा पीस कर पानी डाल कर सीटी लगवा लें।  (पानी उतना ही डालें जितने में गल जाए), कुकर खोल कर 1 बड़ा चम्मच तेल, दो-ढाई चम्मच टमाटर प्यूरी डाल कर 5-7 मिनट भून कर अपने हिसाब से पानी डाल कर 5-8 मिनट उबाल लें।
  • मिक्सी रोटी के आटे में थोड़ा चावल का आटा व थोड़ा दही, 2 चम्मच तेल डाल कर नमक, हरी मिर्च, पिसा अदरक- लहसुन, कटा हरा धनिया या मेथी डालकर आटा गूंधें। रोटी मुलायम व स्वादिष्ट बनेगी।
  • अब आते हैं खाना परोसने पर, जितना खाना स्वादिष्ट बनाना जरूरी है उतना ही परोसना भी जरूरी है। आओ देखें कैसे?
  • जब चाय परोसें तो कप या गिलास के किनारे तक न भरें। चाय में चीनी कम डालें। एक कप में चीनी 2- 3 चम्मच रखें, जिससे जो ज्यादा चीनी पीता है वह डाल लेगा। बिस्कुट व नमकीन एक तरफ रखें। नमकीन में एक छोटा चम्मच रखें। कप के हैंडल बाहर की तरफ रखें, जिससे कप उठाने में आसानी हो।
  • टेबल पर मैट बिछा कर बाएं हाथ की तरफ प्लेट उल्टी करके रखें, इसके एक किनारे के नीचे नेपकिन फोल्ड करके रखें। दाएं हाथ के एक तरफ टेबल स्पून, 2 कटोरी उल्टी करके रखें, प्लेट के एक किनारे कांच का खाली गिलास उल्टा करके रखें।
  • बीच में खाना लाइन से इस प्रकार रखें कि खाना उठाने में कोई परेशानी न हो। टेबल के एक किनारे पानी का जग ढक कर रखें।
  • दाल या तरी वाली सब्जी को पूरा न भरें, ऊपर बारीक कटा हरा धनिया डालकर ऊपर से ढक कर उसके ऊपर सर्विस स्पून उल्टा करके रखें।
  • सूखी सब्जी पर भी धनिया, बारीक कटी तुलसी या पुदीना की बारीक कटी पत्ती डालें। चावल को केसरोल में डालकर ऊपर से सर्विस स्पून रखें।

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