24 घंटे

अवध की तहजीब का शहर है लखनऊ। इस शहर में मॉडर्न दुनिया के नजारे मिलते हैं तो इतिहास की झलक भी। लखनऊ शहर आपको मेट्रो शहरों की तरह मेट्रो ट्रेन की सैर भी कराता है तो यहां का खानपान भी इसकी पहचान है। कई सारी दूसरी चीजों की तरह कबाब यहां की खासियत हैं। कुछ कबाबों की इजाद भी यहीं हुई है। यही वजह है कि इस शहर में सिर्फ एक दिन में भी इतना कुछ है देखने को कि आप एक दिन की यात्रा को कई दिन की जरूर बना लेंगे। लखनऊ शहर को 24 घंटे की यात्रा में कैसे घूमना है, आइए हम बताते हैं-

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बड़ा इमामबाड़ा देखा क्या

गोमती नदी के किनारे पर बना बड़ा इमामबाड़ा को 1785 में नवाब असफ-उद-दौला ने बनवाया था। इतिहास की शान देखने का जरा भी शौक है तो आपको बड़ा इमामबाड़ा जरूर आना चाहिए। यहां की खासियत जानने से पहले ही ये जगह आपको आकर्षित कर लेगी। क्योंकि यहां की दीवारें और दरवाजे तक ऐतिहासिक कलाकारी की कहानी कहते हैं। 

 

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भूलभुलैया में खो जाएंगे

बड़ा इमामबाड़ा का सबसे अहम आकर्षण है भूलभुलैया। यहां के कई सारे एक से संकरे रास्ते आपको सिर्फ इस जगह पर ही नहीं बल्कि इतिहास में खो जाने को भी मजबूर कर देंगे। यहां आपको कई सारी बालकनी भी दिखेंगी। जहां से लखनऊ के कई हिस्सों का खूबसूरत नजारा देखने को मिलेगा। 

 

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रूमी दरवाजा की रौनक

लखनऊ कई सारी ऐतिहासिक जगहों के लिए जाना जाता है। इन्हीं ऐतिहासिक जगहों में से एक है रूमी दरवाजा। इस दरवाजे की रौनक ऐसी है कि आप घंटों इसे निहार सकते हैं। बड़ा इमामबाड़ा से ये जगह बहुत दूर नहीं है। ये दरवाजा सड़क के बीचों बीच है और नए-पुराने शहर को यहीं से अलग करता है। इसे भी असफ-उद-दौला ने 17 वीं शताब्दी में ही बनवाया था। इस दरवाजे का नाम 13 वीं शताब्दी के मुस्लिम सूफी जलाल अद-दिन मुहम्मद रूमी के बाम पर रखा गया है। 

 

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खानापीना है जरूरी

इतना घूमने के बाद आपको जरूर अब भूख लग ही जाएगी। इसलिए अब लखनऊ के उस रूप से रूबरू हो लीजिए, जो इसको काफी फेमस बनाता है। वो रूप है फूड हब का। लखनऊ में टुंडे के कबाब, रहीम के कुल्चा निहारी के साथ नॉनवेज के कई सारे फूड स्पॉट आपको मिल जाएंगे। ऐसा नहीं है कि शाकाहारी लोगों को ये शहर निराश करेगा बल्कि उनके लिए यहां काफी कुछ है जैसे शर्मा टी स्टाल, जैन चाट वाला और प्रकाश की कुल्फी। आपको पुराने लखनऊ में इतना कुछ खाने को मिल जाएगा कि आप निश्चित ही पेट भरकर यहां से निललेंगे। 

 

हजरत गंज के नजारे

दोपहर बाद का समय आप शहर के दिल हजरतगंज को देखने के लिए रख लीजिए। ये शहर के बीचों बीच बना है और ज्यादातर जगहों के रास्ते में आता है। इस जगह शाम के समय बस टहलना भी काफी दिल खुश कर देता है। यहां भी आपको खाने-पीने के कई ठिकाने मिल जाएंगे। 

 

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