ये रहे उत्तर प्रदेश के 8 सबसे प्रसिद्ध शिव मंदिर, सावन में दर्शन करने मात्र से पूरी होगी सारी मनोकामनाएं: Sawan 2024
Famous Shiva Temple of Uttar Pradesh

Famous Shiva Temple of Uttar Pradesh: सावन का महीना चल रहा है। भक्त शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव की दर्शन करने को लालायित हैं। सावन के महीने में भक्तजन कावड़ लेकर बद्रीनाथ और हरिद्वार जाते हैं। सावन (Sawan 2024) के महीने में भगवान शिव की असीम कृपा बनती है। इसलिए सभी श्रद्धालु मां पार्वती और भगवान शिव की पूजा अर्चना कर अपनी सभी समस्याओं को दूर करने की प्रार्थना करते हैं। आज हम जानेंगे उत्तर प्रदेश के उन मंदिरों के बारे में, जहां सावन के महीने में आप लोगों को भगवान शिव के दर्शन मात्र से ही आपके सभी काम बनेंगे।

 Kashi Vishwanath Temple in varanasi
Kashi Vishwanath Temple in varanasi

काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक शिवलिंग बनारस के काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थित है। यहीं पर गंगा नदी भी बहती है। यह भारत के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। सभी की इच्छा होती है कि मरने से पहले वह काशी विश्वनाथ के दर्शन जरूर कर ले। दर्शन करने के लिए यहां श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। कहते हैं कि भगवान शिव को सिर्फ एक लोटे जल से भी प्रसन्न किया जा सकता है। श्रद्धालु मां गंगा से जल लेकर भगवान विश्वनाथ पर अर्पित करते हैं।

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में गंगा जी को गढ़ गंगा नाम से जाना जाता है। यहीं गढ़ मुक्तेश्वर धाम है। यहां शिव मंदिर और शिवलिंग कारखंडेश्वर स्थित है। कहते हैं कि भगवान शिव ने इस मंदिर की स्थापना परशुराम से करवाई थी। श्रद्धालुओं को सावन के महीने में इस मंदिर में भगवान शिव के दर्शन करने चाहिए।

उत्तर प्रदेश राज्य के मथुरा जिले में स्थित गोपेश्वर महादेव मंदिर एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। यह यमुना नदी के तट पर स्थित है। सावन के महीने में इस मंदिर में भगवान शिव के दर्शन करने के लिए लाखों श्रद्धालु आते हैं। भक्तजनों यमुना नदी से जल लेकर शिवलिंग पर अर्पित करते हैं।

Sri Mankameshwar Mandir Prayagraj
Sri Mankameshwar Mandir Prayagraj

प्रयागराज में यमुना नदी के तट पर प्रसिद्ध मनकामेश्वर मंदिर स्थित है। संगम नगर में इस मंदिर के दर्शन के लिए लाखों लोगों की भीड़ लगी रहती है। सावन के सोमवार पर इस मंदिर में सभी लोग संगम से जल लेकर भगवान शिव को अर्पित करते हैं। प्रयागराज में इस मंदिर के दर्शन करने जरूर जाएं।

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में स्थित यह मंदिर बहुत प्रसिद्ध है और इसकी काफी मान्यता है। माना जाता है कि महाभारत काल में जब पांडव अज्ञातवास के दौरान यहां पर रुके हुए थे तो उन्होंने इस दौरान शिवलिंग की स्थापना यहां पर की थी। कानपुर में बहराइच गंगा जी से लोग गंगाजल लेकर इस मंदिर में पहुंचते हैं और भगवान शिव को अर्पित करते हैं। सावन के महीने में कांवड़िए भारी संख्या में यहां पर जल चढ़ाने के लिए आते हैं।

Pura Mahadev Temple Encompasses History To Attract Tourists
Pura Mahadev Temple meerut Encompasses History To Attract Tourists

उत्तर प्रदेश के मेरठ-बागपत सीमा पर पुरा महादेव मंदिर स्थापित है। यह हिंडन नदी के तट पर स्थित है। कहते हैं कि इस मंदिर की स्थापना भी भगवान परशुराम ने की थी। सावन में इस मंदिर का दर्शन करने के खास महत्व हैं। इस मंदिर में भगवान शिव के दर्शन करने आते हैं।

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में भव्य शिव मंदिर स्थित है। भगवान शिव के दर्शन करने के लिए भक्तों के भीड़ देर रात से ही लगनी शुरू हो जाती है। कानपुर में यह मंदिर गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है मान्यता है कि आनंदी नाम की एक गए अपना सारा दूध इस एक ही स्थान पर छोड़ देती थी। उस स्थान की खुदाई करने पर वहां एक शिवलिंग मिला और यहां आनंदेश्वर मंदिर का निर्माण हुआ।

यूपी का लखीमपुर खीरी जिला छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध है क्योंकि जिस जिले में भगवान शिव का गोला गोकर्णनाथ धाम स्थित है। इस मंदिर के पीछे मान्यता यह है कि सतयुग में रावण भगवान शिव को यहां पर लेकर आया था। इस मंदिर के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु बहुत दूर-दूर से आते हैं।

प्रतिमा 'गृहलक्ष्मी’ टीम में लेखक के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। डिजिटल मीडिया में 10 सालों से अधिक का अनुभव है, जिसने 2013 में काशी विद्यापीठ, वाराणसी से MJMC (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की। बीते वर्षों...