Shiva Temples: हिन्दू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। इस साल इस पवित्र महीने की शुरुआत 4 जुलाई 2023 से हो रही है। भगवान शिव त्रिदेवों में से एक हैं और सावन का महीना भगवान शिव की आराधना का होता है। इस महीने में भगवान शिव की सच्चे मन से स्तुति और उपवास करने से भक्त की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। वहीं अपने भक्तों से प्रसन्न होने वाले भोलेनाथ उनकी सभी समस्याओं का निवारण करते हैं। सावन में शिवभक्त भगवान शिव (Shiv Temples) के मंदिरों में जाकर उनका आशीर्वाद ग्रहण करते हैं। भारत में कई ऐसे मंदिर हैं, जो शिव को समर्पित है। आज इस लेख में हम आपको केदारनाथ मंदिर के अलावा देश के ऐसे 10 शिव मंदिरों के बारे में बताएंगे, जहां जाकर आप देवों के देव महादेव का आशीर्वाद पा सकते हैं। ये प्राचीन मंदिर अपनी भव्यताओं के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी प्रसिद्ध है।
अमरनाथ गुफा (कश्मीर)

अमरनाथ गुफा को बाबा बर्फानी के नाम से भी जाना जाता है, जो कश्मीर की बर्फीली घाटियों में मौजूद है। यहां की सबसे बड़ी विशेषता है कि यहां प्राकृतिक तरीके से बर्फ के शिवलिंग का निर्माण होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी गुफा में भगवान शिव (Shiva Temples) ने माता पार्वती को अमर कथा सुनाई थी। उस दौरान कबूतर के एक जोड़े ने भी इस कथा को सुन लिया था और वे अमर हो गया था। और आज भी ये जोड़ा श्रद्धालुओं द्वारा देखा जाता है।
सोमनाथ मंदिर (गुजरात)
गुजरात के सौराष्ट्र में स्थित सोमनाथ मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है। इस मंदिर का विवरण महाग्रंथों में विस्तार से किया गया है। इस मंदिर का कई बार पुर्ननिर्माण करवाया जा चूका है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, चंद्रदेव ने यहां पर भगवान शिव (Shiva Temples) की आराधना की थी, जिन्हें सोम नाम से जानते थे। जिसके चलते इस जगह का नाम सोमनाथ पड़ा। ये मंदिर समुद्र तट से कुछ दूरी पर है, जिसकी वजह से यहां की खूबसूरती देखते ही बनती है।
भोजपुर शिव मंदिर (मध्य प्रदेश)

मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में बेतवा नदी के किनारे स्थित भोजपुर शिव मंदिर (Shiv Temples), अपने अधूरे निर्माण के लिए प्रसिद्ध है। ये यहां का सबसे प्राचीन शिव मंदिर है। इस मंदिर में एक विशाल शिवलिंग स्थापित है, जिसका निर्माण एक चट्टान द्वारा किया गया है, जिसकी ऊंचाई लगभग 18 फीट है। अपने आकार के चलते इस शिवलिंग को विशालकाय शिवलिंगो में से एक कहा जाता है।
महाकालेश्वर मंदिर (मध्य प्रदेश)
मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर मंदिर अपनी भव्य भस्म आरती के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। महाकाल की नगरी में स्थित ये मंदिर भारत के 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है। इस मंदिर (Shiva Temples) में शिवलिंग का शृंगार शमसान से लाई गई राख से किया जाता है। सावन में भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर के दर्शन करने मात्र से आपको संतुष्टि का अनुभव होता है।
अन्नामलाई मंदिर (तमिलनाडु)

तमिलनाडु के अन्नामलाई में स्थित ये मंदिर अपनी ऊंचाई और भव्यता के लिए प्रसिद्ध है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी स्थान पर भगवान शिव (Shiv Temples) ने ब्रह्मा जी को श्राप दिया था। इस मंदिर के भव्य परिसर में चार द्वार हैं, जिन्हें गोपरम के नाम से जाना जाता है। मंदिर की स्थापना चोल वंश के शासन के दौरान हुई थी, जिसका पुनर्निर्माण अन्य शासकों द्वारा कराया गया था। हर पूर्णिमा को मंदिर में मेले का आयोजन होता है, जहां भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
रामनाथस्वामी मंदिर (तमिलनाडु)
श्री रामनाथस्वामी मंदिर तमिलनाडु के रामेश्वरम में स्थित है। ये मंदिर भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जो हिन्द महासागर और बंगाल की खाड़ी से घिरा हुआ है। इसका निर्माण संगमरमर से किया गया है। भगवान शिव (Shiv Temples) के इस प्राचीन मंदिर के दर्शन के लिए दुनियाभर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मान्यता है कि भगवान राम ने लंका से लौटते समय इसी स्थान पर भगवान शिव की पूजा की थी।
काशी विश्वनाथ मंदिर (उत्तर प्रदेश)

देश के शिव मंदिरों की बात आती है तो वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर का नाम न आए ऐसा तो हो ही नहीं सकता। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित काशी विश्वनाथ (Shiv Temples) का मंदिर विदेशों में भी चर्चित है। 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक ये मंदिर गंगा नदी के पश्चिमी किनारे पर स्थित है। इस मंदिर में और गंगा किनारे पर आस्था की भव्यता को देखने देश-विदेश से हज़ारों लोग यहां आते हैं। मान्यता ये भी है कि जीवन में एक बार इस मंदिर के दर्शन करने से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
लिंगराज मंदिर (ओडिशा)
लिंगराज मंदिर ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में स्थित है, जो यहां की सबसे प्राचीन संरचनाओं में से एक है। इस मंदिर का निर्माण सोम वंश के राजाओं द्वारा करवाया गया था। मंदिर के कुछ हिस्सों को 1400 वर्षों से भी अधिक पुराना बताया जाता है। अगर इस सावन आप किसी शिव मंदिर (Shiv Temples) के दर्शन का विचार बना रहे हैं तो इस मंदिर में जाकर आपका मन शिव आस्था से भरने वाला है।
त्र्यंबकेश्वर मंदिर (महाराष्ट्र)

महाराष्ट्र के नासिक से लगभग 30 किलोमीटर दूर गोदावरी नदी के किनारे स्थित त्र्यम्बकेश्वर मंदिर, 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। मंदिर को काले पत्थरों से बनाया गया है, जिसका निर्माण पेशवा बालाजी बाजीराव ने करवाया था। इस मंदिर (Shiv Temples) में शिवलिंग के मुखों को ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों रूपों में दर्शाया गया है। तीन मुख वाले इस शिवलिंग पर रत्न जड़ित सोने के मुकुट सुशोभित हैं।
कैलाश मंदिर (महाराष्ट्र)
महाराष्ट्र के एलोरा में स्थित, कैलाश मंदिर अपने अनूठे निर्माण के लिए प्रसिद्ध है जिसका निर्माण छठी से 9वीं शताब्दी के दौरान किया गया था। इस मंदिर (Shiv Temples) को राष्ट्रकूट शासक कृष्ण प्रथम द्वारा बनवाया गया था। इसकी नक्काशी भव्यता से भरी हुई है। इस मंदिर को एक पर्वत से तराशकर बनाया गया है। शिव भक्त सावन के महीने में इस मंदिर के दर्शन कर भगवान शिव का आशीर्वाद ले सकते हैं।
