Kochi's coastal corridor transforms into tourism haven.
Discover Kochi's Emerging Coastal Paradise

Summary : यह योजना कई मायने में बहुत ही ख़ास माना जा रहा है

इस महत्वाकांक्षी परियोजना से 50 छिपे पर्यटन स्थलों को जोड़ा जाएगा जो चेल्लनाम, कुंबलांगी और वेस्ट कोच्चि के इलाकों में बिखरे हैं।

Kochi Coastal Tourism Boost: कोच्चि केरल का यह तटीय नगर एक नई क्रांति की दहलीज पर खड़ा है। फोर्ट कोच्चि से थेक्कनपोझी तक तटीय कॉरिडोर को विकसित करने की योजना ब्लू इकोनॉमी कॉन्क्लेव में पेश हुई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से 50 छिपे पर्यटन स्थलों को जोड़ा जाएगा जो चेल्लनाम, कुंबलांगी और वेस्ट कोच्चि के इलाकों में बिखरे हैं। यह कई मायने में बहुत ही ख़ास माना जा रहा है, यह न केवल बैकवाटर्स और बीचों को चमकाएगा बल्कि स्थानीय जीवन, संस्कृति और इको टूरिज्म को बढ़ावा देगा।

Kochi Coastal Tourism Boost
Silver-sand beaches shimmer in Kochi.

इस कॉरिडोर की सबसे बड़ी खासियत है एक दर्जन से अधिक चाँदी जैसी सफेद रेत वाले बीच। पुथनथोडू बीच को चेराई बीच की तरह विकसित किया जाएगा। हार्बर बीच और चंथकाडापुरम जैसे स्थल पिकनिक, सनबाथिंग और वॉटर स्पोर्ट्स के लिए तैयार होंगे। यहाँ की रेत इतनी बारीक है कि पैरों तले रुई जैसा एहसास होता है। सैलानी सूर्योदय-सूर्यास्त में लहरों के साथ खेल सकेंगे और सुविधाओं जैसे शेड्स, चेंजिंग रूम्स से आराम मिलेगा।

कालंथरा कायल और कल्लंचेरी कायल जैसी 6 किलोमीटर लंबी बैकवाटर्स इस कॉरिडोर का दिल हैं। इन झीलों में हाउसबोट राइड्स, कैनोइंग और बर्डवॉटचिंग के अवसर होंगे। प्रवासी पक्षियों का झुंड जैसे किंगफिशर और हेरॉन देखना एक जादुई अनुभव होगा। योजना में व्यू पॉइंट्स, ब्रिज और इको-फ्रेंडली बोट्स शामिल हैं जो पर्यावरण को नुकसान न पहुँचाएँ। सैलानी यहाँ सूर्यास्त में चाय की चुस्की ले सकेंगे, या लोकल फिशिंग एक्सपीरियंस कर सकेंगे।

Local life and culture
Local life and culture come alive.

यह कॉरिडोर मछुआरों, किसानों और कारीगरों के तटीय जीवन को जीवंत करेगा। 12 लाख की आबादी वाले इलाके में धान के खेत, मछली पालन और लोक कलाएँ जैसे चाविट्टू नाटकन को हाइलाइट किया जाएगा। सैलानी टॉडी टेस्टिंग, मछली के पारंपरिक पकवान और धार्मिक त्योहारों में भाग ले सकेंगे। योजना में कल्चरल सेंटर्स और वर्कशॉप्स होंगे, जहाँ कारीगरों से सीखा जा सकेगा। यह न केवल पर्यटन बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।

यह परियोजना पर्यावरण को प्राथमिकता देती है। 70% इलाके में फैले धान के खेतों और एक्वाकल्चर को संरक्षित करते हुए सोलर लाइटिंग, वेस्ट मैनेजमेंट और इको-ट्रेल्स बनाए जाएँगे। सैलानी साइकिलिंग पाथ्स और इलेक्ट्रिक बोट्स से घूमेंगे, जो कार्बन फुटप्रिंट कम करेंगे। योजना में कम्युनिटी इन्वॉल्वमेंट है ताकि विकास स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को ऊँचा करे। यह टिकाऊ पर्यटन का मॉडल बनेगा, जहाँ सैलानी प्रकृति से जुड़ेंगे बिना नुकसान पहुँचाए। बैकवाटर्स में मछली पालन को बढ़ावा देकर आर्थिक स्वावलंबन आएगा।

New gateway to connectivity
New gateway connects coastal wonders seamlessly.

यह कॉरिडोर फोर्ट कोच्चि की ऐतिहासिक विरासत को अलप्पुझा के अंतरराष्ट्रीय आकर्षण से जोड़ेगा। बेहतर सड़कें, ब्रिज और ट्रांसपोर्ट सुविधाएँ सैलानियों को एक ही ट्रिप में दोनों जगह पहुँचा देंगी। व्यूअर रेस्ट एरियाज, इन्फो सेंटर्स और साइनेज से नेविगेशन आसान होगा। सैलानी फोर्ट कोच्चि के चाइनीज फिशिंग नेट्स से शुरू कर बैकवाटर्स तक घूमेंगे। यह विकास रोजगार सृजित करेगा। गाइड्स, शॉपकीपर्स और लोकल आर्टिस्ट्स के लिए। सैलानी एक ही सफर में इतिहास, प्रकृति और संस्कृति का मिश्रण पाएँगे।

कुल मिलाकर, यह कोच्चि को केरल का नया गेटवे बना देगा। यह योजना सैलानियों के लिए कोच्चि को एक कैनवास बना देगी, जहाँ समुद्र की लहरें कहानियाँ सुनाएँगी। जल्द ही यहाँ पहुँचें, और नई यादें बनाएँ!

संजय शेफर्ड एक लेखक और घुमक्कड़ हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ। पढ़ाई-लिखाई दिल्ली और मुंबई में हुई। 2016 से परस्पर घूम और लिख रहे हैं। वर्तमान में स्वतंत्र रूप से लेखन एवं टोयटा, महेन्द्रा एडवेंचर और पर्यटन मंत्रालय...