मानसून में पौधों की विशेष ख़्याल रखने की ज़रूरत
बारिश में लगातार भीगने के बाद इन पौधों की जड़े गल जाती हैं। इसलिए मानसून के आते ही इन्हें किसी ऐसी जगह पर रख दें जहां बारिश ज़्यादा नहीं पहुंचे।
Gardening in Monsoon: मानसून आमतौर पर बागवानी के लिए अच्छा माना जाता है लेकिन इस दौरान कुछ ऐसे भी पौधे होते हैं जिनका आपको विशेष ख़्याल रखने की ज़रूरत होती है। बारिश कैक्टस और सकुलेंट प्रजाति के पौधों के लिए किसी आफ़त से कम नहीं होती। बरसात के दौरान इन पौधों की विशेष देखभाल करनी होती है। बारिश में लगातार भीगने के बाद इन पौधों की जड़े गल जाती हैं। इसलिए मानसून के आते ही इन्हें किसी ऐसी जगह पर रख दें जहां बारिश ज़्यादा नहीं पहुंचे। इसके लिए आप अपनी बालकनी का चुनाव कर सकते हैं। सकुलेंट जो होते हैं उनको 40 प्रतिशत ह्यूमिडिटी चाहिए होती है जबकि बारिश में इसका स्तर 60 प्रतिशत से भी ज्यादा हो जाता है। इसलिए, इन पौधों को लो ह्यूमिडिटी एरिया यानी घर के भीतर रखना सही रहता है। भीतर इनको एसी या पंखे से जरूरत भर हवा मिल जाती है।
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बरसात का पानी

बरसात का पानी पौधों के लिए बहुत ही उपयोगी माना जाता है। यदि आपके यहाँ कम बारिश होती है तो उनको खुले में ही छोड़ दें। एक दो दिन में धूप निकलने के बाद मिट्टी हवा और धूप से अपने आप ही सूख जाती है। जिससे पौधे को संतुलित मात्रा में धूप, पानी और हवा मिलती रहती है और अच्छी तरह से ग्रो करते हैं। लेकिन जहां पर बारिश बहुत ज़्यादा होती हैं, वहाँ पौधों को खुले में छोड़ना सही नहीं होता है। जलभराव से उनकी जड़े गल जाती हैं। जिससे पौधे सूख अथवा मर जाते हैं।
पौधों की निगरानी

घर अथवा बालकनी में पौधों को लगा देना ही काफ़ी नहीं होता है। समय समय पर इनकी निगरानी भी रखनी होती है। आपने यदि बालकनी में पौधे रखें हैं तो उनको बीच-बीच में उन्हें चेक करते रहें। बालकनी में कुछ गमले ऐसे भी होते हैं जिन तक बारिश की फुहारें नहीं पहुंच पातीं, ऐसे में पौधे सूखने लगते हैं। इसलिए ऐसे गमलों में आप नियमित रूप से खाद पानी देते रहें। ताकि यह सूखे नहीं और अच्छी तरह से विकसित हो सकें।
अच्छी जल निकासी

पौधे को लगाते समय हम लोग इस बात का ख़्याल रखते हैं कि गमलों में अच्छी जलनिकासी की सुविधा हो। लेकिन बाद में गमलों के नीचे आमतौर पर हम सब छोटी सी प्लेट रख देते हैं ताकि फर्श गीला नहीं हो। ऐसा यदि आपने भी किया हो तो उस प्लेट को हटा दें। बारिश के मौसम में प्लेट में जमा यह पानी पौधों की जड़ों के लिए काफ़ी नुकसानदेह होता है। इसलिए गमलों के नीचे से प्लेटं हटा दें और ड्रेनेज होल को भी चेक कर लें।
सूखी पत्तियां हटा दें

गर्मियों में अक्सर हम तेज़ धूप से अपने पौधों को बचाने के लिए गमले की मिट्टी पर सूखी पत्तियां बिछा देते हैं, बरसात के मौसम में इनकी वजह से जलभराव और फ़ंगस आदि की समस्या हो सकती है। इसलिए, जड़ों के आसपास से सूखी पत्तियां हटा दें। इससे आपके पौधे की जड़ों तक हवा और धूप पहुंच सकेगी और किसी भी तरह के कीड़े आदि की समस्या भी नहीं होगी। इस मौसम में कीड़ों और फंगस की समस्या पौधों को परेशान करती है। इस समस्या से बचाव के लिए 15 दिनों के अंतराल पर आप नीम ऑयल का छिड़काव करें।
