महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर कच्चा दूध क्यों चढ़ाया जाता है? जानें इसका महत्व: Shivratri Facts
Mahashivratri Facts

शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाने के पीछे का इतिहास है बड़ा ही रोचक

कालकूट विष का प्रभाव समाप्त करने के लिए देवताओं ने भगवान शिव को कच्चा दूध पिलाया था। महाशिवरात्रि पर कच्चे दूध का विशेष महत्व होता है।

Shivratri Facts: महाशिवरात्रि का पर्व हर वर्ष बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं। इस दिन भक्तगण अपने आराध्य महादेव और माता पार्वती की पूजा अर्चना के लिए कई तैयारियां करते हैं। भगवान शिव के रुद्राभिषेक से लेकर उनको अर्पित की जाने वाली प्रत्येक सामग्री का विशेष ध्यान रखा जाता है। शास्त्रों में शिव को अर्पित होने वाली प्रत्येक सामग्री का महत्व बताया गया है। सामग्रियों में बेलपत्र, धतूरा, बेर, कच्चा दूध, फल-मूल शामिल किए जाते हैं। इन सभी सामग्रियों को शिवलिंग पर चढ़ाने का अपना महत्व है। इन सभी सामग्रियों में से कच्चे दूध को शिवलिंग पर अर्पित करना बहुत ही शुभ माना जाता है, क्योंकि कच्चा दूध सकारात्मक ऊर्जा का एक अच्छा संवाहक है। तो चलिए पंडित इंद्रमणि घनस्याल से जानते हैं शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाने के पीछे का महत्व क्या है।

Shivratri Facts: शिव को इसलिए पिलाया गया कच्चा दूध

Shivratri 2023
Raw milk offered on Shivling

पंडित इंद्रमणि घनस्याल बताते हैं कि भागवत पुराण और विष्णु पुराण में वर्णित है कि समुंद्र मंथन से निकले विनाशकारी कालकूट विष से सृष्टि को बचाने के लिए भगवान शिव ने उस विष को अपने गले में धारण किया था। जिसके कारण भगवान शिव और उनकी जटा में बैठी गंगा मैया को बहुत अधिक पीड़ा हुई। तब इस विष के असर को खत्म करने के लिए देवताओं ने भोलेनाथ से कच्चा दूध पीने की विनती की।

कच्चा दूध पीते ही भोलेनाथ के शरीर से विष का असर खत्म होने लगा, लेकिन विष पीने के कारण भगवान शिव के गले का रंग नीला हो गया और भोलेनाथ नीलकंठ कहलाए। तभी से शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाएं जाने की परंपरा शुरू हुई।

शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाने का वैज्ञानिक महत्व

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शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाना धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि, कच्चा दूध सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। विज्ञान के अनुसार, शिवलिंग पर चढ़ाए गए कच्चे दूध से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मंदिर में तरह तरह के लोग आते जाते हैं, इसलिए सकारात्मक ऊर्जा का स्तर ऊंचा बनाए रखने के लिए शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाया जाता है। शिवलिंग पर गिरने वाला दूध शिवलिंग से टकराकर सकारात्मक ऊर्जा में बदलता रहता है, इसी कारण मंदिर में आने वाले सभी भक्तगण खुद को ऊर्जावान महसूस करते हैं।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

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Tips to offered Raw milk on Shivling

गाय का कच्चा दूध चढ़ाएं
शिवलिंग पर कच्चा और ठंडा दूध ही चढ़ाना चाहिए। गाय के कच्चे दूध से शिवलिंग का अभिषेक करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं जल्दी पूरी होती है। शिवलिंग पर साफ और शुद्ध दूध चढ़ाना चाहिए। कभी भी उबला हुआ दूध या उबले हुए दूध को ठंडा कर के नहीं चढ़ाना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन में परेशानियां आती है।

विशेष दिनों में करें दूध से शिवलिंग का अभिषेक
ऐसे तो शिवपूजा के लिए सभी दिन शुभ है। लेकिन महाशिवरात्रि, शिवरात्रि और सावन महीने के सोमवार को शिवलिंग का दूध से अभिषेक करना भक्तगणों के लिए बेहद शुभ है। क्योंकि ये दिन भगवान शिव को बहुत अधिक प्रिय है।

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मेरा नाम मोनिका अग्रवाल है। मैं कंप्यूटर विषय से स्नातक हूं।अपने जीवन के अनुभवों को कलमबद्ध करने का जुनून सा है जो मेरे हौंसलों को उड़ान देता है।मैंने कुछ वर्ष पूर्व टी वी और मैग्जीन के लिए कुछ विज्ञापनों में काम किया है । मेरा एक...