महिलाओं के लिए पैसों से जुड़े मिथक जो नहीं हैं सही: Money Myths For Women
Money Myths For Women

Money Myths For Women: सालों से महिलाएं ही अपने घर के पैसे मैनेज करती आई हैं, बावजूद इसके हर समय उन पर सवाल उठाया जाता है कि वह आर्थिक मामलों में पिछड़ी हैं और पैसों को मैनेज कर पाने में अक्षम हैं। महिलाओं और पैसों से जुड़े कई ऐसे मिथक हैं, जिनका टूटना बहुत जरूरी है। यहां ऐसे ही पांच मिथक के बारे में बताया जा रहा है जो महिलाओं और पैसों से जुड़े हैं। 

मिथक 1 

आपने अक्सर यह गौर किया होगा कि अब तक ऐसा ही होता रहा है कि छोटे शहरों में लड़के एक ओर जहां साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ पढ़ने का विकल्प चुनते हैं तो वहीं महिलाओं को होम साइंस या आर्ट्स पढ़ने को कहा जाता है। यह लिंगभेद अब तक हमारे घरों में पैर पसारे हुए है। यह एक बस शुरुआत है, जिसके बाद से महिलाओं को पैसे और निवेश से जुड़ी बातों में भी पीछे की ओर लगातार धकेल दिया जाता है। 

असलियत

Money Myths
Money Myths and Facts

करियर ओरिएंटेड महिलाएं अपने पैसों को बेहतरी से मैनेज और खर्च दोनों करने में परफेक्ट साबित हुई हैं। आप अपने आसपास देखेंगे तो पाएंगे कि घर में रहने वाली महिलाएं भी अपने घर के बजट को कितनी बेहतरी से मैनेज कर लेती है, मानो वह कोई इकोनॉमिस्ट हो। 

मिथक 2 

पारंपरिक तौर पर पुरुषों को ही पैसे नियंत्रित करने और मैनेज करने की आजादी रहती है, भले ही वह पैसे उन्होंने नहीं कमाए हों। जिन घरों में महिलाएं ही अकेले घर चला रही हैं और पैसे कमा रही हैं, वे भी अपने पैसे घर के पुरुषों को सौंप देती हैं क्योंकि उन्हें बार-बार यह कहा जाता है कि निवेश और पैसों को मैनेज करने के मामले में वह अधपकी हैं। धीरे-धीरे यह आदत में बदलता चला गया और महिलाओं को पैसे के निवेश से दूर करता चला गया। 

असलियत

यदि आप कभी कोशिश नहीं करेंगे तो आपको पता ही नहीं चलेगा कि पैसे कहां पर निवेश किए जाते हैं और कहां निवेश करने से ज्यादा फायदे मिलते हैं। इसके लिए आप अपने दोस्तों और विशेषज्ञों की सलाह ले सकती हैं कि निवेश कहां किया जाना सही रहेगा। 

मिथक

यदि कोई महिला निवेश करना भी चाहती है, तो उसे ऐसा तभी करना चाहिए जब उसकी शादी हो जाए। अमूमन यह सोचा और कहा जाता है कि शादी के बाद ही उसका असली घर बसता है और तब वह अपने पति और ससुराल वालों की मदद से पैसे निवेश कर सकती हैं। 

असलियत

निवेश करने की कोई शुरुआत कभी भी जल्दी नहीं होती है, खासकर महिलाओं के लिए क्योंकि अब तो शोध भी बताते हैं कि महिलाओं का दिमाग पुरुषों से ज्यादा चलता है। यदि महिलाएं अपने और अपने परिवार के लिए निवेश करती हैं, तो वह रिटायरमेंट और हेल्थ फंड दोनों के लिए अलग-अलग पैसे जमा करती हैं। यदि किसी महिला का निवेश पोर्टफोलियो मजबूत होगा, तो इससे उसे अपने जीवन के उतार-चढ़ाव से निकलने में मदद मिलती है। 

Money Myths For Women
Money Facts

मिथक 4 

यह बात बिल्कुल सच है कि महिलाएं और खरीदारी दोनों का आपस में गहरा रिश्ता है। इसे स्ट्रेस बस्टर के रूप में भी देखा जाता है, जो कि महिलाओं को रोजाना की जिंदगी में होने वाले तनाव से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। अब तो शोध भी यह कहने लगे हैं कि खरीदारी करने से दिल और दिमाग पर छाया तनाव काफी हद तक कम होता है। 

असलियत 

यह बात सच है कि महिलाओं को खरीदारी करना पसंद लेकिन गौर करने वाली बात है कि इस शॉपिंग में महिलाएं हमेशा ही अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों के लिए सामान खरीदती हैं। इतना ही नहीं आपके घर पर नजर आने वाली ज्यादातर चीज़ें घर की महिलों द्वारा ही खरीदी गई हैं। 

मिथक 5 

कोई भी पुरुष यह सोच सकता है कि किस महिला के लिए कौन सी चीज अच्छी है। हर व्यक्ति अपना भला और बुरा दोनों सोचने की आजादी रखता है और बावजूद निवेश के मामले में पुरुष बेहतर सोच सकता है। यदि पुरुष ही महिला के भविष्य का फैसला हमेशा करता रहे तो भला महिलाओं के हक और आजादी की बात अधूरी कैसे रह जाएगी। 

असलियत 

एक महिला से बेहतर कोई नहीं जान सकता कि उसके लिए क्या अच्छा है। सच तो यह है कि आर्थिक आजादी किसी भी महिला की जिंदगी का पहला और सबसे जरूरी लक्ष्य होना चाहिए। फिर चाहे उसकी शादी हो चुकी हो या नहीं हुई हो। आर्थिक आजादी यदि जिंदगी में रहती है, तो वह हर लिहाज से मजबूत और सुदृढ़ बनी रहती है। आर्थिक आजादी की वजह से वह अपनी जिंदगी के लिए फैसले लेने में भी सक्षम रहती है। खराब समय आने पर उसे कभी किसी के आगे हाथ भी नहीं फैलाना पड़ता है। 

स्पर्धा रानी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज ने हिन्दी में एमए और वाईएमसीए से जर्नलिज़्म की पढ़ाई की है। बीते 20 वर्षों से वे लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट लेखन में सक्रिय हैं। अपने करियर में कई प्रमुख सेलिब्रिटीज़ के इंटरव्यू...