Reason of Leaving Job: आज के समय में जब बेरोजगारों की संख्या इतनी अधिक है, वहां पर एक अच्छी जॉब मिलना वाकई में काफी कठिन है। एक बार जब व्यक्ति को जॉब मिलती है तो ऐसे में उसे यकीनन काफी खुशी होती है। वह खुद को अच्छी तरह प्रूव करना चाहता है और अपने करियर की ग्रोथ होते हुए देखना चाहता है। लेकिन कभी-कभी ऐसा भी होता है कि व्यक्ति अपनी जॉब छोड़ देता है। विभिन्न कंपनियों में लोग अक्सर अपनी जॉब छोड़ते देते हैं। कई बार व्यक्ति का यह फैसला अन्य कर्मचारियों को हैरान भी कर देता है। हालांकि, इसके पीछे उनके अपने कई कारण हो सकते हैं। तो चलिए आज हम आपको ऐसे ही कुछ कारणों के बारे में बता रहे हैं, जिनकी वजह से लोग अपनी जॉब छोड़ देते हैं-
पारिवारिक जिम्मेदारियां

ऑफिस और करियर यकीनन लोगों के लिए काफी अहम होता है। लेकिन जब परिवार और काम के बीच में से किसी एक को चुनना होता है तो ऐसे में लोग अपने परिवार को ही प्राथमिकता देते हैं। खासतौर से, महिलाओं के साथ यह बेहद आम है। यह देखने में आता है कि शादी व बच्चे होने के बाद महिलाएं अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाने के चक्कर में अपनी जॉब को छोड़ देती हैं। कई बार तो उन्हें बाद में इस बात का पछतावा भी होता है कि उन्होंने अपने करियर के पीक पर उसे अलविदा कह दिया।
अच्छी जॉब मिल जाना

जब हम एक जॉब में होते हैं तो हमेशा ही हमारी यह ख्वाहिश होती है कि हम अपने करियर में ग्रोथ करें और हमें एक बेहतरीन जॉब मिल जाए। इसके लिए लोग अक्सर इंटरव्यू भी देते हैं। अगर किसी व्यक्ति को एक बहुत अधिक अच्छी जॉब मिल जाती है और उसकी पोजिशन व सैलरी में इजाफा होता है तो ऐसे में व्यक्ति को अपनी जॉब छोड़ने से कोई गुरेज नहीं होता है।
टॉक्सिक माहौल

चूंकि ऑफिस में हम सभी अपने दिन का काफी सारा वक्त बिताते हैं, इसलिए ऑफिस का माहौल भी काफी अहम होता है। अगर ऑफिस का टॉक्सिक माहौल होता है तो ऐसे में व्यक्ति हमेशा ही दुखी रहता है। उसके मन में नेगेटिविटी आने लगती है। यहां तक कि व्यक्ति खुद पर से ही विश्वास खोने लगता है। जब ऑफिस की टॉक्सिसिटी व्यक्ति पर हावी होती है तो इसका असर व्यक्ति के काम पर ही नहीं, बल्कि उसके व्यवहार व पर्सनल लाइफ पर भी पड़ता है। जब यह टॉक्सिक माहौल बर्दाश्त से बाहर हो जाता है तो व्यक्ति अपनी जॉब छोड़ना ही बेहतर समझता है।
सैलरी का बहुत कम होना

भले ही जॉब करने के पीछे व्यक्ति का मकसद होता है कि वह अपने करियर में ग्रोथ करे। लेकिन इसके साथ-साथ फाइनेंशियल फ्रीडम व स्टेबिलिटी होना भी उतना ही जरूरी होता है। शुरूआती दिनों में व्यक्ति कम पैसों में काम करने के लिए तैयार हो जाता है, क्योंकि उसे अपने करियर को एक स्टार्ट देना होता है। लेकिन जब लंबे समय तक उसकी सैलरी नहीं बढ़ती है या फिर सैलरी इतनी कम होती है कि उसके लिए अपने खर्चे निकालना मुश्किल हो जाता है, तो ऐसे में व्यक्ति जॉब छोड़ना अधिक बेहतर समझता है। उसकी यह इच्छा होती है कि वह अपने समय व क्षमताओं को ऐसी जगह पर खर्च करे, जिससे वह बेहतर आय पा सके।
ऑफिस का बहुत अधिक दूर होना

किसी भी ऑफिस में काम करने के लिए उसका डिस्टेंस भी काफी अहम है। कई बार व्यक्ति को अच्छी जॉब तो मिल जाती है, लेकिन व्यक्ति का ऑफिस उसके घर से बहुत दूर होता है। यहां तक कि उसे ऑफिस जाने के लिए कई परिवहन को बदलना पड़ता है। जिसके कारण व्यक्ति आने-जाने में ही बहुत अधिक थक जाता है। लगातार इतना अधिक ट्रेवल करना व्यक्ति के लिए संभव नहीं होता है। ऐसे में व्यक्ति या तो अपना घर शिफ्ट कर लेता है या फिर वह जॉब ही छोड़ देता है।
करियर बदलना

जब हम अपने करियर को शुरू करते हैं तो अधिकतर लोगों को यह पता ही नहीं होता है कि उन्हें वास्तव में क्या करना है। ऐसे में व्यक्ति अपनी पढ़ाई व डिग्री के आधार पर एक जॉब हासिल करता है। लेकिन कुछ लोगों को लगातार काम करते हुए एक वक्त के बाद ऐसा लगता है कि उन्हें अपने काम में मजा नहीं आ रहा है या फिर वह उस काम के लिए नहीं बने है। ऐसे में व्यक्ति अपने करियर को चेंज कर लेता है और इसलिए फिर उस जॉब में बने रहने का कोई अर्थ नहीं रह जाता है। इसी वजह से व्यक्ति अपनी जॉब को छोड़ देता है।
काम में मंदी आना

कुछ वर्क एरिया ऐसा भी होता है, जिसमें समय-समय पर मंदी आती है। ऐसे में ऑफिस में रिसेशन घोषित किया जाता है। इस दौरान कई लोगों को जॉब से निकाला जाता है। जब ऐसा कुछ होता है तो अधिकतर लोग अपना भविष्य सुरक्षित रखना चाहते हैं। ऐसे में वह जॉब से निकाले जाने से पहले ही एक दूसरी अच्छी जॉब ढूंढ लेते हैं या फिर खुद का ही कोई काम शुरू कर लेते हैं। ऐसे में वे जब अपनी तैयारी पहले ही कर लेते हैं तो फिर उन्हें उस जॉब की जरूरत महसूस नहीं होती है और वे अपनी जॉब छोड़ देते हैं। वे नहीं चाहते हैं कि उनके करियर पर ऑफिस से निकाले जाने का दाग लगे। इसलिए, वे इस सिचुएशन के लिए पहले ही तैयार रहते हैं।
