Mysterious Temples In India Opens At Night
Mysterious Temples In India Opens At Night

Overview: आस्था, परंपरा और रहस्य से जुड़ी एक ऐसी कहानी, जो रात के अंधेरे में और भी गहरी हो जाती है

भारत के ये रहस्यमयी मंदिर सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं हैं, बल्कि सदियों पुरानी मान्यताओं और परंपराओं का जीवंत उदाहरण हैं। रात में खुलने वाले ये मंदिर हमें यह समझाते हैं कि आस्था समय की मोहताज नहीं होती। दिन हो या रात, जब श्रद्धा सच्ची हो, तो ईश्वर का अनुभव हर पल किया जा सकता है।

Mysterious Temples In India Opens At Night: भारत को मंदिरों की भूमि कहा जाता है, जहाँ हर मंदिर अपनी एक अलग मान्यता, इतिहास और परंपरा के लिए जाना जाता है। कुछ मंदिर सुबह की आरती और दिन की पूजा के लिए प्रसिद्ध हैं, तो कुछ ऐसे भी हैं जो रात के समय खुलते हैं। इन मंदिरों से जुड़ी मान्यताएँ आम सोच से बिल्कुल अलग हैं और यही वजह है कि लोग इन्हें “रहस्यमयी मंदिर” कहते हैं। आज हम आपको भारत के उन चुनिंदा मंदिरों के बारे में बताएंगे जो रात में खुलते हैं और जिनके पीछे छिपी वजहें आस्था और रहस्य का अनोखा मेल हैं।

उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर

Mahakaleshwar Temple, Ujjain
Mahakaleshwar Temple, Ujjain

मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह मंदिर तड़के सुबह और रात के विशेष समय में खुलता है। यहां होने वाली भस्म आरती रात के अंधेरे और ब्रह्म मुहूर्त में की जाती है। मान्यता है कि भगवान शिव स्वयं श्मशानवासी हैं और भस्म उनके वैराग्य का प्रतीक है। इसलिए यह पूजा रात में की जाती है, जिससे भक्तों को जीवन और मृत्यु के सत्य का बोध होता है।

कामाख्या देवी मंदिर, असम

Kamakhya Devi Temple,assam
Kamakhya Devi Temple,assam

असम के गुवाहाटी में स्थित कामाख्या देवी मंदिर तंत्र साधना के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर में कई विशेष पूजा और साधनाएँ रात में होती हैं। मान्यता है कि रात के समय देवी की शक्ति सबसे अधिक जागृत होती है। अमावस्या और नवरात्र के दौरान यहां रात में मंदिर के द्वार खुलते हैं, जहाँ साधक विशेष अनुष्ठान करते हैं। यही कारण है कि यह मंदिर रहस्य और आस्था दोनों का प्रतीक माना जाता है।

मेहंदीपुर बालाजी, राजस्थान

राजस्थान के दौसा जिले में स्थित मेहंदीपुर बालाजी मंदिर भूत-प्रेत बाधा से मुक्ति के लिए जाना जाता है। यहां शाम के बाद और रात के समय विशेष आरती और पूजा होती है। भक्तों का विश्वास है कि रात में नकारात्मक शक्तियाँ अधिक सक्रिय होती हैं, इसलिए उसी समय हनुमान जी की उपासना करने से जल्दी लाभ मिलता है। यह मान्यता इस मंदिर को और भी रहस्यमयी बनाती है।

काल भैरव मंदिर, उज्जैन

उज्जैन का काल भैरव मंदिर अपनी विचित्र परंपरा के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ भगवान को मदिरा अर्पित की जाती है। यहां मान्यता है कि काल भैरव रात्रि के देवता हैं, इसलिए उनकी पूजा रात में अधिक प्रभावी मानी जाती है। भक्तों का विश्वास है कि रात में दर्शन करने से भय, संकट और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है।

बनखंडी देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश के घने जंगलों में स्थित बनखंडी देवी मंदिर रात के समय विशेष रूप से खुलता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि देवी रात में अपने भक्तों की रक्षा के लिए जागृत रहती हैं। यहां रात में दीप जलाकर पूजा करने की परंपरा है, जो पीढ़ियों से चली आ रही है। यह मंदिर प्रकृति और आस्था के गहरे संबंध को दर्शाता है।

क्यों खुलते हैं ये मंदिर रात में

इन सभी मंदिरों के रात में खुलने के पीछे एक ही कारण नहीं है। कहीं तांत्रिक परंपरा है, कहीं भगवान की रात्रि स्वरूप की मान्यता, तो कहीं नकारात्मक शक्तियों से रक्षा का विश्वास। भारतीय संस्कृति में रात को केवल अंधकार का प्रतीक नहीं माना गया, बल्कि इसे आत्मचिंतन, साधना और शक्ति का समय भी माना गया है। यही सोच इन मंदिरों की परंपराओं को जन्म देती है।

मेरा नाम श्वेता गोयल है। मैंने वाणिज्य (Commerce) में स्नातक किया है और पिछले तीन वर्षों से गृहलक्ष्मी डिजिटल प्लेटफॉर्म से बतौर कंटेंट राइटर जुड़ी हूं। यहां मैं महिलाओं से जुड़े विषयों जैसे गृहस्थ जीवन, फैमिली वेलनेस, किचन से लेकर करियर...