Summary : मनी प्लांट के मुरझाने के कुछ कारण
यह पौधा नमी पसंद करता है पर अत्यधिक गीलापन उसकी जड़ों के लिए हानिकारक होता है। मिट्टी देर तक गीली रहने से फफूंद पनपती है जिससे पत्तियाँ पीली होकर गिरने लगती हैं।
Money Plant Winter Dew Protection : सर्दियों में जब सुबह की ओस पत्तियों पर ठहर जाती है तो मनी प्लांट मुरझाने लगता है। यह पौधा नमी पसंद करता है पर अत्यधिक गीलापन उसकी जड़ों के लिए हानिकारक होता है। मिट्टी देर तक गीली रहने से फफूंद पनपती है जिससे पत्तियाँ पीली होकर गिरने लगती हैं। मनी प्लांट को सर्दियों की इस ठंडक से बचाना कठिन नहीं, बस थोड़ी समझ और कुछ आसान घरेलू उपायों की जरूरत है। यहाँ पाँच देसी नुस्खे दिए गए हैं, जिनसे आपका पौधा पूरे मौसम में हरा-भरा बना रहेगा।
नीम की पत्तियां

नीम पौधों के लिए एक सबसे प्रभावी जैविक दवा है। कुछ सूखी नीम की पत्तियाँ लें, उन्हें धूप में सुखाकर बारीक पीसें और यह पाउडर पौधे की मिट्टी की ऊपरी परत पर हल्के से बिखेर दें। नीम में मौजूद तत्व मिट्टी के भीतर फफूंद और कीड़ों को पनपने से रोकते हैं। यह काम सुबह तब करें जब ओस सूख चुकी हो ताकि अतिरिक्त नमी मिट्टी में न बढ़े। हर 10 से 15 दिन में यह प्रक्रिया दोहराने से जड़ों में सड़न नहीं होती, और पौधा धीरे-धीरे अपनी चमक वापस पा लेता है।
दालचीनी की गर्माहट
रसोई की दालचीनी पौधों के लिए एक प्राकृतिक फंगीसाइड का काम करती है। आधा चम्मच दालचीनी पाउडर को एक गिलास गुनगुने पानी में मिलाएँ, कुछ देर छोड़ दें, फिर इसे छानकर स्प्रे बोतल में भरें। ओस वाली रातों के बाद सुबह के समय, जब सूरज की हल्की किरणें पत्तियों पर पड़ रही हों तब इस घोल की हल्की फुहार पत्तियों पर करें। यह स्प्रे न केवल फफूंद की वृद्धि रोकता है बल्कि पत्तियों की नमी संतुलित रखकर उन्हें चमकदार बनाता है।
हल्दी का सुरक्षा घेरा

हल्दी के एंटीसेप्टिक गुण पौधे को संक्रमण से बचाने में बेहद प्रभावी हैं। एक चम्मच हल्दी पाउडर को आधे लीटर पानी में घोलें और दस दिन में एक बार इस घोल को पौधे की मिट्टी में डालें। चाहें तो पत्तियों पर भी हल्की फुहार करें। हल्दी मिट्टी में मौजूद बैक्टीरिया और फंगस को नष्ट करती है और पौधे की कोशिकाओं को मज़बूत बनाती है। इसका परिणाम यह होता है कि पत्तियाँ जल्दी पीली नहीं पड़तीं और नई शाखाएँ अधिक तेजी से निकलने लगती हैं।
लहसुन की असरदार रक्षा
लहसुन की कलियों में मौजूद सल्फर यौगिक मिट्टी के हानिकारक जीवाणुओं को खत्म करते हैं और फंगस की वृद्धि रोकते हैं। तीन से चार लहसुन की कलियाँ कुचलकर एक कप पानी में उबालें, ठंडा करें और फिर छानकर हफ्ते में एक बार इसका इस्तेमाल करें। इसे पौधे की जड़ों के पास डालें या पत्तियों पर हल्का स्प्रे करें। यह घरेलू नुस्खा पौधे के लिए प्राकृतिक कीटनाशक का काम करता है और ओस की नमी में सड़न से बचाता है।
गोबर की खाद

देसी गाय का सूखा गोबर सर्दियों में मनी प्लांट की मिट्टी के लिए वरदान है। यह न केवल पौधे को पोषण देता है बल्कि मिट्टी की नमी को भी संतुलित रखता है। एक मुट्ठी सूखा गोबर पाउडर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएँ और महीने में एक बार यह प्रक्रिया दोहराएँ। इससे मिट्टी में हवा का प्रवाह बना रहता है और पौधा आवश्यक पोषक तत्व प्राप्त करता है। अगर पौधा बाहर रखा है, तो खाद डालने के बाद उसे कुछ घंटे धूप में रखें ताकि नमी सूख जाए और मिट्टी में संतुलन बना रहे।
इन पाँच देसी नुस्खों से आपका मनी प्लांट न केवल ओस की ठंडक झेल लेगा बल्कि पूरे सर्द मौसम में हरा, घना और चमकदार बना रहेगा।
