Summary : हरा घोल की ख़ास बातें और उससे मिलने वाला लाभ
एक साधारण हरा घोल जो पूरी तरह घरेलू और जैविक है, मात्र 48 घंटे में मुरझाए पौधे में नई जान डाल सकता है। यह घोल पौधे की जड़ों, पत्तियों और मिट्टी- तीनों को संतुलित पोषण देता है।
Eco Friendly Money Plant Growth Booster: मनी प्लांट घर की शोभा बढ़ाने वाला पौधा है लेकिन कई बार सही देखभाल नहीं होने से इसकी हरियाली फीकी पड़ जाती है। कभी पत्तियाँ पीली हो जाती हैं तो कभी जड़ें सूखने लगती हैं। असल वजह होती है पोषण की कमी और नमी का असंतुलन। खुशखबरी यह है कि एक साधारण हरा घोल जो पूरी तरह घरेलू और जैविक है, मात्र 48 घंटे में मुरझाए पौधे में नई जान डाल सकता है। यह घोल पौधे की जड़ों, पत्तियों और मिट्टी- तीनों को संतुलित पोषण देता है।
समस्या : पोषण और पानी का असंतुलन

मनी प्लांट की कमजोरी का सबसे आम कारण है मिट्टी में नाइट्रोजन, पोटैशियम और आयरन की कमी। अधिक पानी देने से जड़ें सड़ जाती हैं, जबकि कम पानी देने से पत्तियाँ मुरझा जाती हैं। पौधे के लिए अप्रत्यक्ष रोशनी और 18–27°C तापमान उपयुक्त है। अगर पत्तियाँ पीली पड़ें तो समझिए पौधा नाइट्रोजन मांग रहा है। सबसे पहले पुरानी पत्तियाँ हटा दें ताकि नई पत्तियाँ तेजी से विकसित हों।
रेसिपी: तीन घरेलू चीज़ों में छिपा जादू
इस चमत्कारी घोल के लिए केवल तीन चीज़ें चाहिए। पालक, केले के छिलके और पानी। पालक नाइट्रोजन व आयरन देता है जबकि केले के छिलके पोटैशियम और फॉस्फोरस के स्रोत हैं। दोनों को बारीक काटकर 1 लीटर पानी में ब्लेंड करें और 24 घंटे ढककर रख दें। इस दौरान फर्मेंटेशन से पौष्टिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं। 24 घंटे बाद छान लें। यही है आपका हरा घोल। इसे फ्रिज में तीन दिन तक रखा जा सकता है।
प्रयोग का तरीका: 48 घंटे में हरियाली

पहले दिन शाम को मिट्टी हल्की गीली करें और जड़ों के पास 100 मिलीलीटर घोल डालें। अगले दिन सुबह बचा हुआ घोल हल्का छिड़काव करें ताकि पत्तियाँ इसे अवशोषित कर सकें। परिणाम जल्दी दिखता है। 24 घंटे में नई कोपलें और 48 घंटे में चमकदार पत्तियाँ। यह प्रक्रिया हफ्ते में एक बार दोहराएँ। 10 इंच के गमले के लिए 200 मिलीलीटर घोल पर्याप्त है।
सावधानियाँ: सही तरीके से करें उपयोग
घोल हमेशा ताज़ा बनाएँ और तीन दिन से पुराना न प्रयोग करें। फर्मेंटेशन के दौरान ढक्कन पूरी तरह बंद न करें। अगर पौधे में फफूंद दिखे तो पहले नीम तेल का छिड़काव करें। मनी प्लांट को कभी सीधे धूप में न रखें। अप्रत्यक्ष रोशनी ही आदर्श है। मिट्टी में अच्छा ड्रेनेज ज़रूरी है, वरना जड़ें सड़ सकती हैं। यह घोल जैविक है पर इसे बच्चों और पालतू जानवरों से दूर रखें।
देखभाल: हरियाली बनाए रखने के उपाय

हर 15 दिन में मिट्टी की ऊपरी परत बदलें और थोड़ा सूखा कॉफी ग्राउंड मिलाएँ। इससे मिट्टी की अम्लीयता बनी रहती है। हफ्ते में एक बार दूध और पानी का हल्का घोल पत्तियों पर स्प्रे करें। इससे वे चमकदार बनेंगी। हर छह महीने में पौधे को नया गमला दें और ऊपरी हिस्से की प्रूनिंग करें ताकि पौधा झाड़ीदार बने। यह हरा घोल अन्य इनडोर पौधों जैसे स्नेक प्लांट और पीस लिली के लिए भी लाभकारी है। यह आपके मनी प्लांट को नई ऊर्जा देता है, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है और घर की हरियाली लौटाता है।
