Kharmas me Kya kar Sakte Hai
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Overview: हरियाली और हरतालिका तीज में अंतर

हरियाली तीज सावन में और हरतालिका तीज भाद्रपद में मनाई जाती है। दोनों व्रत शिव-पार्वती की पूजा व पति की लंबी उम्र की कामना के लिए रखे जाते हैं।

Hariyali Teej vs Hartalika Teej: हिंदू धर्म में तीज का पर्व मुख्य रूप से सुहागिन महिलाओं के लिए खास त्योहार माना जाता है, जिसका महिलाओं को बेसब्री से इंतजार रहता है। हरियाली तीज और हरतालिका तीज जैसे त्योहार विशेष तिथियों में मनाए जाते हैं जोकि सुहाग की दीर्घायु से जुड़े होते हैं। इन दोनों ही त्योहारों में शिव-पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है। वैसे तो पूरे साल में कुल 5 तीज के पर्व पड़ते हैं जिसमें-आखा तीज, गणगौर तीज, हरियाली तीज, कजरी तीज और हरतालिका तीज शामिल हैं। इन सभी तीज की तिथियों, परंपराओं और नियमों में अंतर होता है। आइए जानते हैं हरियाली और हरतालिका तीज में क्या अंतर है, दोनों त्योहारों का धार्मिक महत्व क्या है और इस साल हरियाली और हरतालिका तीज का व्रत कब रखा जाएगा।

हरियाली और हरतालिका तीज नहीं है एक

Hariyali teej and Hartalika teej Not Same
Hariyali teej and Hartalika teej Not Same

हरियाली और हरतालिका तीज में जो सबसे बड़ा अंतर है वह है तिथि और मास का। दोनों ही तीज का त्योहार अलग-अलग तिथियों और महीने में मनाई जाती है। बात करें हरियाली तीज की तो यह सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। वहीं हरतालिका तीज भाद्रपद या भादो महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है। धार्मिक ग्रंथों में दोनों तीज व्रत के महत्व भी अलग-अलग बताए गए हैं। मान्यता है कि हरतालिका तीज का व्रत देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए किया था, जबकि हरियाली तीज देवी पार्वती और भगवान शिव के पुनर्मिलन के उपलक्ष में मनाया जाता है।

हरियाली तीज विशेषकर उत्तर भारत जैसे राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे क्षेत्रों में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। वहीं हरतालिका तीज विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार-झारखंड जैसे राज्यों में मनाना मनाया जाता है। हरतालिका तीज को कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे राज्यों में अलग नाम के साथ मनाते हैं। यहां इस पर्व को गौरा हब्बा पर्व कहा जाता है।

नाम और तिथि में अंतर लेकिन उद्देश्य समान

Teej Puja and Rituals Importance
Teej Puja and Rituals Importance

हरियाली और हरतालिका तीज की तिथि परंपरा में अंतर होता है, लेकिन दोनों ही त्योहार मनाने का उद्देश्य और महत्व समान होता है। यह दोनों पर्व सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु की कामना के लिए रखती हैं। साथ ही इस दिन व्रत रखकर विधि विधान से शिव पार्वती का पूजन करने से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके साथ ही हरियाली और हरतालिका तीज सुहागिन महिलाओं के साथ ही कुंवारी कन्याएं भी रख सकती हैं। माना जाता है कि यदि कुंवारी कन्याएं इस व्रत को विधि-विधान से करती हैं तो इससे उन्हें मनचाहे और योग्य वर की प्राप्ति होती है।

हरियाली और हरतालिका तीज 2025 कब

Hariyali teej and Hartalika teej 2025 Date
Hariyali teej and Hartalika teej 2025 Date

इस साल हरियाली तीज का व्रत रविवार 27 जुलाई को रखा जाएगा। क्योंकि पंचांग के अनुसार इस दिन सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पड़ रही है। वहीं हरतालिका तीज का व्रत मंगलवार 26 अगस्त 2025 के दिन रहेगा। इन दोनों ही तिथियों में सुहागिन महिलाएं व्रत रखकर शिव-पार्वती का पूजन करेंगी।

मेरा नाम पलक सिंह है। मैं एक महिला पत्रकार हूं। मैं पिछले पांच सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैं लाइव इंडिया और सिर्फ न्यूज जैसे संस्थानों में लेखन का काम कर चुकी हूं और वर्तमान में गृहलक्ष्मी से जुड़ी हुई हूं। मुझे...