A woman standing with her back to the camera, wearing a white shirt and pink pants, opens a glass sliding door to a bright, sunny outdoor scene.
Protect Your Home Basics

Summary: आसान देखभाल से बढ़ाएँ दरवाज़ों की उम्र

दरवाज़े और खिड़कियों की नियमित देखभाल न करने से छोटी समस्याएँ धीरे-धीरे बड़े खर्च और असुविधा में बदल जाती हैं। समय-समय पर सफ़ाई, तेल लगाना और हल्की मरम्मत घर को सुरक्षित, सुंदर और टिकाऊ बनाए रखती है।

Doors and Windows Maintenance: दरवाज़े और खिड़कियाँ घर का अहम हिस्सा होते हैं, फिर भी उनकी देखभाल करना हम अक्सर भूल जाते है। आमतौर पर हम सोचते हैं कि जब तक इनमें कोई बड़ी खराबी न आए, तब तक ध्यान देने की ज़रूरत नहीं। रोज़ की भागदौड़ में फर्श, फर्नीचर और सजावट पर तो ध्यान चला जाता है, लेकिन कुंडी, कब्ज़े और खिड़कियों की फिटिंग नज़रअंदाज़ हो जाती है। धूल, नमी और मौसम का असर धीरे-धीरे पड़ता है, इसलिए समस्या तुरंत नहीं दिखती है। इसका समाधान बहुत आसान है—समय-समय पर सफाई करना, हल्का तेल लगाना और ढीले हिस्सों को ठीक करना। थोड़ी-सी नियमित देखभाल से दरवाज़े और खिड़कियाँ लंबे समय तक ठीक रहते हैं और घर सुरक्षित व आरामदायक बना रहता है। इसके अलावा, सही देखभाल न होने पर दरवाज़े

चरमराने लगते हैं, खिड़कियाँ अटकने लगती हैं और धीरे-धीरे मरम्मत का खर्च बढ़ जाता है। कई बार छोटी-सी ढील या जंग बड़ी समस्या का कारण बन जाती है। 

Bright room with large glass windows and a sliding door looking out onto a green garden.
Small Care, Long Life

घर बनाते या सजाते समय हम फर्नीचर, दीवारों के रंग, परदे और लाइटिंग पर तो पूरा ध्यान देते हैं। लेकिन दरवाज़े और खिड़कियाँ, जो घर की बनावट और सुरक्षा की रीढ़ हैं,अक्सर हमारी लिस्ट में नीचे रह जाते हैं। ये चीज़ें रोज़मर्रा में चलती रहती हैं, इसलिए हमें लगता है कि इनमें किसी ख़ास देखभाल की ज़रूरत नहीं। जब तक चरमराहट, जाम होना या टूट-फूट सामने नहीं आती, तब तक हम इन्हें नज़रअंदाज़ करते रहते हैं।

ज्यादातर घरों में देखभाल तभी की जाती है जब कोई समस्या साफ़ दिखने लगे। दरवाज़ा ठीक से बंद न हो, खिड़की अटकने लगे या कुंडी ढीली पड़ जाए, तभी ध्यान जाता है। यह सोच कि अभी तो सब ठीक है धीरे-धीरे छोटी समस्याओं को बड़ा बना देती है। समय रहते हल्की मरम्मत या सफ़ाई कर ली जाए, तो भारी खर्च और असुविधा से बचा जा सकता है।

तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में घर की मेंटेनेंस सबसे पीछे छूटती है। लोग साफ़-सफाई को सिर्फ़ फ़र्श और फर्नीचर तक सीमित मान लेते हैं। कई लोगों को तो यह जानकारी ही नहीं होती कि लकड़ी, एल्यूमिनियम या लोहे के दरवाज़ों-खिड़कियों को भी नियमित देखभाल चाहिए। नमी, धूल और मौसम का असर धीरे-धीरे इन्हें कमजोर कर देता है।

A girl is using a yellow handheld automatic window vacuum cleaner to clean a large window pane.
Easy Care, Big Savings

बारिश, धूप, नमी और प्रदूषण,ये सभी दरवाज़ों और खिड़कियों को लगातार प्रभावित करते हैं। लकड़ी फूलने लगती है, लोहे में जंग लगती है और फिटिंग ढीली पड़ जाती है। चूँकि यह असर धीरे-धीरे होता है, इसलिए लोग इसे सामान्य मान लेते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि मौसम से होने वाला नुकसान समय पर रोका जाए, तो इनकी उम्र कई साल बढ़ाई जा सकती है।

महीने में एक बार कुंडियों, हैंडल और हिंज पर हल्का तेल लगाना, धूल-मिट्टी साफ़ करना और ढीले स्क्रू कस देना काफी होता है। लकड़ी के दरवाज़ों पर समय-समय पर पॉलिश या वार्निश लगवाना चाहिए, जबकि लोहे और एल्यूमिनियम के फ्रेम को जंग से बचाने के लिए ख़ास पेंट की कोटिंग से सुरक्षित रखा जा सकता है।

दरवाज़े और खिड़कियाँ सिर्फ़ घर का हिस्सा नहीं, बल्कि आपकी सुरक्षा, प्राइवेसी और आराम से जुड़ी चीज़ें हैं। इनकी सही देखभाल घर को सुरक्षित बनाती है, हवा-रोशनी का बेहतर आदान-प्रदान करती है और अनचाहे खर्च से बचाती है। जब हम समय रहते इन पर ध्यान देते हैं, तो घर न सिर्फ़ सुंदर दिखता है, बल्कि लंबे समय तक मज़बूत और भरोसेमंद भी बना रहता है।

उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाली तरूणा ने 2020 में यूट्यूब चैनल के ज़रिए अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद इंडिया टीवी के लिए आर्टिकल्स लिखे और नीलेश मिश्रा की वेबसाइट पर कहानियाँ प्रकाशित हुईं। वर्तमान में देश की अग्रणी महिला पत्रिका...