जानें कितना ज़रूरी है बच्चों के बोर्ड में आपका रोल, ऐसे करें ख़ुद को तैयार: Parents role in kids boards
पैरेंट्स को यह समझना ज़रूरी है कि बच्चों के बोर्ड एग्जाम में आपका रोल बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसके लिए आपको ख़ास बातों का ध्यान रखना है जिससे आप बच्चों को फिजिकल, मेंटल और इमोशनल सपोर्ट कर सकें।
Parents Role in Kids Boards: परीक्षा का समय सिर्फ़ बच्चों के लिए ही नहीं बल्कि पैरेंट्स के लिए भी बहुत मुश्किल भरा होता है, ख़ासतौर पर उन बच्चों के लिए जो बोर्ड दे रहे हैं। इस समय बच्चों को पैरेंट्स के हर तरीक़े के सपोर्ट की ज़रूरत होती है। इसलिए पैरेंट्स को यह समझना ज़रूरी है कि बच्चों के बोर्ड एग्जाम में आपका रोल बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसके लिए आपको ख़ास बातों का ध्यान रखना है जिससे आप बच्चों को फिजिकल, मेंटल और इमोशनल सपोर्ट कर सकें। तो, जानते हैं कैसे करें ख़ुद को तैयार-
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घर में पॉजिटिव माहौल बनायें

परीक्षा का समय जैसे-जैसे पास आता है पैरेंट्स बच्चों को पढ़ने के लिए हर समय पीछे लग जाते हैं। उन्हें जरा सी देर भी बच्चा अगर ख़ाली बैठे हुए दिख जाए तो वो बच्चे को टोकने लगते हैं कि जाओ जाकर पढ़ाई करो। ऐसे में बच्चे और चिड़चिड़ा जाते हैं। इसकी जगह बच्चों को प्यार से समझायें। दबाव बनाने से वो प्रेशर में ठीक से पढ़ाई नहीं कर पायेंगे। उन्हें हमेशा प्रोत्साहित करें जिससे वो पॉजिटिव फील करें। ख़ुद भी घर किसी भी तरह के तनाव और विवाद से बचें। घर का माहौल पॉजिटिव होगा तो बच्चे अच्छे से पढ़ाई कर सकेंगे।
डाइट का ध्यान रखें

बच्चे परीक्षाओं में अच्छा परफ़ॉर्म कर सकें इसके लिए उन्हें सही डाइट की ज़रूरत होती है। कोशिश करें उन्हें सही टाइम पर हेल्दी खाना दें। ब्रेन फ़ूड की मात्रा बढ़ायें। जैसे ड्राई फ्रूट्स, फ्रूट्स, सूप, जूस आदि। इसके साथ ही दिमाग़ को ऑक्सीजन मिलती रहे, उसके लिए हाइड्रेशन का प्रॉपर ध्यान रखें। जब भी बच्चा पढ़ाई करे, उसके साथ पानी की बोतल ज़रूर रखें।
कनेक्ट रहें

बच्चों की पढ़ाई के बारे में ख़ुद भी जानकर रहें। उनका सिलेबस और परीक्षा पैटर्न ख़ुद थोड़ा समझने की कोशिश करें। इससे आप बीच-बीच में उनकी प्रोग्रेस देख सकती हैं। बच्चे भी यह जानेंगे कि पैरेंट्स को सब चीज़ पता है तो वो आपसे झूठ नहीं बोल सकेंगे। इसलिए हमेशा कम्युनिकेशन ज़रूरी है।
पर्सनल स्पेस दें
कई बार पैरेंट्स बच्चों की परीक्षाओं में ज़रूरत से ज्यादा इन्वॉल्व हो जाते हैं। ऐसे में बच्चे ख़ुद कुछ नहीं कर पाते हैं और हर बात पर पैरेंट्स पर निर्भर हो जाते हैं। आप सुपरविजन रखें लेकिन उन्हें स्पेस दें जिससे वो अपने पढ़ने का समय, विषय और पैटर्न ख़ुद तय कर सकें।
तुलना करने से बचें
हर बच्चे का पढ़ने का तरीक़ा और समझने का लेवल अलग होता है। कोई बच्चा बहुत देर तक बैठकर पढ़ सकता है लेकिन कोई बच्चा थोड़ी देर में बोर हो जाता है। आप बच्चे की प्रकृति और व्यवहार समझकर उसको मौक़ा दें। उसकी तुलना दूसरे बच्चों से नहीं करें इससे उसमें हीनभावना पैदा हो सकती है और उसका परफॉरमेंस ख़राब हो सकता है।
तो, अगर आपके बच्चे भी बोर्ड एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं तो आप अपने बच्चे का अच्छा परफॉर्म करने के लिए ये तरीक़े ज़रूर अपनायें।
