मारवाड़ी शादी में होती हैं कई रस्में, जानिए इन अनोखे रीति-रिवाजों के बारे में: Marwadi Wedding Rituals
चलिए जानते हैं मारवाड़ी शादियों में कितनी तरह की रस्में होती है और उनका क्या महत्व है।
Marwadi Wedding Rituals: भारत में शादी से जुड़े कई तरह के रीति-रिवाज होते हैं। मारवाड़ी शादी में भी अलग-अलग तरह के रीति-रिवाज होते हैं। शादी में बाकियों की रस्म से बहुत कुछ अलग और रोमांचक होता है। मारवाड़ी शादियां शुरुआत से लेकर बहू के गृह प्रवेश तक अलग अलग रस्मों से पूरी शादी सजी होती है। इन शादियों में आपको ऐसी कई रस्में देखने को मिलेंगे जो सुनने में तो आकर्षक है ही बल्कि उनके मतलब और रश्म निभाने के तरीके भी अनूठे होते हैं। चलिए जानते हैं मारवाड़ी शादियों में कितनी तरह की रस्में होती है और उनका क्या महत्व है।
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रात्री जोगा
दूल्हा-दुल्हन और शादी की अन्य रस्मों को बुरी नजरों से बचाने के लिए रात्रि जोगा रस्म निभाई जाती है। इस रस्म में घर की महिलाओं द्वारा घर के दीवारों पर पवित्र चित्र को बनाया जाता है और वर वधु पक्ष एक दूसरे को मिठाई का आदान प्रदान करते हैं।
धोली कलश
इस रस्म में घर की बहू-बेटियां अपने सर पर भरा हुआ कलश उठाती हैं। इन घड़ों को फिर घर के दामाद सिर से हटाकर रखते हैं। इसके बाद घर के दामादों से ही एक मंडप में एक रस्म करवाई जाती है, जिसे कई जगहों पर मंडप गाड़ना कहा जाता है। इस रस्म को पूरा करना बहुत जरूरी होता है ताकि शादी में कोई अड़चन न आए।
पिट्ठी लगाना

मारवाड़ी शादियों में हल्दी वाले रस्म को पिट्ठी लगाना कहते हैं। इस रस्म के दौरान दूल्हा-दुल्हन एक दूसरे के घर पर ही अनुष्ठान को करते हैं और रिश्तेदारों संग हल्दी की रस्म को निभाते हैं। इस रस्म दूल्हे की बहन या भाभी पहले हल्दी को पिसती है और फिर दूल्हे को यह लेप लगाती है।
पल्ला और जनेऊ

पल्ला रस्म में दूल्हे वाले दुल्हन के घर जाकर वह सामान उपहार के रूप में देते हैं जिसे दुल्हन शादी वाले दिन पहन कर सजती संवरती है। इसके बाद शादी से एक दिन पहले जनेऊ की रस्म निभाई जाती है, जिसे आम बोलचाल में जनेऊ से भी जाना जाता है।
तिलक
मुद्दा रस्म को तिलक के नाम से भी जानते हैं। इस दिन दुल्हे को दुल्हन के घर वालों की ओर से तिलक लगाकर कुछ भेंट दी जाती है। फल और मिठाई की टोकड़ी दी जाती है।
वर निकासी

मारवाड़ी शादी में जिस दिन दूल्हे की बारात बैंड बाजे और घोड़े के साथ निकलती है उसे वर निकासी रस्म नाम से संबोधित किया जाता है। इस रस्म के दौरान घर वाले खूब नाच गान करते हैं।
