आजकल की व्यस्त जीवनशैली में पैरेंट्स के पास इतना समय नहीं होता है कि वो अपने बच्चों के साथ उनकी पढ़ाई में इन्वॉल्व हों। इसीलिए पैरेंट्स बच्चों को ट्यूशन पढ़ने के लिए भेजते हैं जिससे बच्चे पढ़ाई में तो आगे निकल जाते हैं लेकिन पूरी तरह से सफलता नहीं प्राप्त कर पाते हैं। क्या आप जानते हैं कि बच्चों की पढ़ाई में उनके पैरेंट्स का इन्वॉल्वमेंट होना काफी हद तक उनकी सफलता के लिए मायने रखता है। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए भी ये बहुत ज़रूरी है की पैरेंट्स बच्चों के साथ बैठकर पढ़ाई करवाएं।
पैरेंट्स का बच्चों की पढ़ाई में इंगेजमेंट क्या है ?
माता-पिता का इंगेजमेंट तब होता है जब टीचर्स स्कूल की मीटिंग में पैरेंट्स को भी शामिल करते हैं। इसके अलावा माता-पिता घर और स्कूल दोनों जगह अपने बच्चे का पूरा सहयोग करते हैं। माता पिता अपने बच्चे के शैक्षिक लक्ष्यों को प्राथमिकता देते है और टीचर्स उनकी सहायता करते हैं। शिक्षा में माता-पिता की भागीदारी और जुड़ाव अब पहले से कहीं ज्यादा मायने रखता है क्योंकि यह काफी हद तक कम होता जा रहा है। अभिभावक अब संचार के दूरस्थ तरीकों को पसंद करते हैं, जैसे ऑनलाइन छात्र पोर्टल, और माता-पिता स्कूल की किसी एक्टिविटी में या सम्मेलन में भाग लेने से कतराते हैं। बच्चों के सर्वांगीण विकास ले लिए बहुत ज़रूरी है कि पैरेंट्स उनके साथ उनकी पढ़ाई में इन्वॉल्व हों।
पैरेंट्स कैसे हों बच्चों की पढ़ाई में इन्वॉल्व
1 – आप कितने भी बिजी क्यों न हों बच्चे से कम्युनिकेशन बनाए रखें।
2 -यदि बच्चा छोटा है तो रोज़ उसका बैग ज़रूर चेक करें साथ ही उसका होमवर्क करवाएं।
3 -बच्चे की टीचर के साथ कम्युनिकेशन बनाए रखें और मीटिंग करते रहें ।
4 -घर का माहौल पढ़ाई के लिए अच्छा बनाएं।
5 -बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ अच्छा करने के लिए प्रोत्साहित करें।
6 -बच्चे के स्कूल के माहौल के बारे में पूरी जानकारी रखें।
7 -बच्चों से बात करके ये पता करें कि उनके दोस्त कैसे हैं और उनकी कोई गलत लत तो नहीं है।
8 – बच्चे की स्किल्स को स्ट्रांग करने की कोशिश करें।
