Manners to Teach Kids: क्या आप अपने बच्चे को अच्छे संस्कार सिखाने के लिए उसके व्यस्क होने का इंतजार कर रहे हैं, तो आप गलती कर रहे हैं। अच्छे संस्कार बच्चे को उनकी व्यक्तिगत, सामाजिक और भावनात्मक विकास में मदद करते हैं, इसलिए छोटी उम्र में ही बच्चों को इसकी शिक्षा देना महत्वपूर्ण होता है। अच्छे मैनर्स वाला बच्चा मजबूत, आत्मविश्वासी और सम्मानित व्यस्क बनता है। बच्चों में अच्छे संस्कार उन्हें अपने माता-पिता और बड़ों से प्राप्त होते हैं। इसलिए कम उम्र में ही बच्चे को सही और गलत के बीच अंतर करना सिखाएं। यदि आप कच्ची उम्र में ही बच्चों को सही संस्कार देंगे तो वह यकीनन दूसरों के सामने आपको शर्मिंदा नहीं करेंगे।
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सही तरीके से करें संवाद

बच्चों को बचपन से ही सिखाना चाहिए कि चीखना-चिल्लाना संवाद करने का सही तरीका नहीं है। इसके बजाय, विनम्रता से बोलना सीखना चाहिए। इसके अलावा अपनी बात रखने के लिए अपनी बारी का इंतजार करें। यदि कोई व्यक्ति बात कर रहा है तो पहले उसकी बात खत्म हो जाने दें फिर अपनी बात रखें। बच्चों को बचपन से ही सिखाना चाहिए कि वह दूसरों की बात सुनें उन्हें जवाब न दें।
टेबल मैनर्स
आप कितने सभ्य है उसका पता आपके खाने के तरीके से लगाया जा सकता है। इसलिए बच्चों को दूसरों के सामने शर्मिंदा होने से पहले ही टेबल मैनर्स सिखाएं। टेबल मैनर्स बच्चों को बचपन में ही सिखाए जाने चाहिए ताकि बच्चा दूसरों के सामने सही ढंग से खाए या सर्व करे। बच्चे को गोद में रुमाल बिछाने, सीधे हाथ से खाने, चम्मच का प्रयोग करने, मुंह को साफ करना, प्लेट का खाना पूरी तरह से खत्म करना और खुद सर्व करने जैसी आदतों के बारे में बताएं। साथ ही टेबल लगवाना और साफ करने जैसे मैनर्स भी सिखाएं।
पर्सनल ग्रूमिंग
बच्चे को संस्कारी बनाने के लिए उसकी पर्सनल ग्रूमिंग करना बेहद आवश्यक है। बचपन से ही बच्चे को पर्सनल हाइजीन के बारे में बताएं। जैसे दिन में कम से कम दो बार ब्रश करें, खाना खाने से पहले हाथ धोएं, प्रतिदिन नहाएं, बालों को सही ढंग से ब्रश करें और साफ कपड़े पहनें। पर्सनल ग्रूमिंग यदि बच्चे को बचपन से सिखाई जाए तो बच्चा बड़े होकर भी इन्हीं नियमों को पालन करता है।
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दूसरों की करें मदद

बच्चों को बचपन से ही मददगार बनने के बारे में बताएं। इससे बच्चे की पर्सनेलिटी को डेवलप करने में मदद मिल सकती है। छोटी उम्र में बच्चे जो देखते हैं वही अपनाते हैं। इसलिए पेरेंट्स को भी अपने से बड़ों, छोटे या सहकर्मियों का सम्मान करना चाहिए ताकि बच्चा आपसे अच्छे मैनर्स सीख सके।
बनें ईमानदार
बच्चे छोटी उम्र से ही ईमानदार रहना और झूठ बोलना सीखते हैं। इसलिए सुनिश्चित करें कि आप अपने बच्चे के सामने झूठ न बोलें। यदि आप बच्चों से झूठे वादे करते हैं या हर बात पर उन्हें पुरस्कार देने की बात करते हैं तो तुरंत बंद कर दें। कई बार बच्चे पुरस्कार जीतने के लालच में झूठ का सहारा ले सकते हैं। बच्चों को ईमानदारी के बारे में बताएं। साथ ही झूठ से होने वाले नुकसानों से भी अवगत कराएं।
