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Parenting tips in hindi - बच्चों में विटामिन डी की कमी पूरी करते हैं ये 5 आहार

बच्चों के स्वास्थ्य के लिए विटामिन-डी अति आवश्यक है। जन्म के बाद से ही बच्चों में इस विटामिन की एक निश्चित मात्रा होना जरूरी माना जाता है। धूप के अलावा इन खाद्य पदार्थ से भी इस विटामिन की कमी को पूरा किया जा सकता है।

बड़े होते बच्चों के शारीरिक विकास के लिए विटामिन-डी एक जरूरी विटामिन है। इस विटामिन से हड्डियां मजबूत होती हैं और दिमाग तेज बनता है। लेकिन वर्तमान समय में खासकर शहरों में रहने वाले बच्चों में विटामिन-डी की कमी पाई जा रही है।

आजकल छोटे-छोटे बच्चों को भी पैर दर्द और कमजोर हड्डियों की शिकायत हो रही है। कमजोर हड्डियां और मांसपेशियां विटामिन-डी की कमी की ओर इशारा करते हैं। यह एक ऐसा विटामिन है, जो बिना मेहनत के धूप में खेलने से मिल जाता है। इसका सबसे बड़ा स्रोत धूप ही है।

विटामिन-डी की कमी से बच्चों में होने वाली बीमारियां

  1. हड्डियां होती हैं कमजोर: विटामिन-डी की कमी होने पर हड्डियां कमजोर और टेढ़ी होने लगती हैं। बच्चों में विटामिन-डी की कमी से हड्डियां कमजोर होती हैं और उनका पूर्ण विकास नहीं हो पाता है। जिससे फ्रैक्चर होने और हड्डियों के टूटने की समस्या हो जाती है।
  2. रिकेट्स का खतरा: इसे सूखा रोग भी कहते हैं। यह विटामिन-डी की कमी से बच्चों में होता है। विटामिन-डी शरीर को कैल्शियम सोखने में मदद करता है, जिससे हड्डियां मजबूत बनती हैं। इसमें बच्चों के पैर टेढ़े-मेढ़े हो जाते हैं। बच्चो में रिकेट्स का खतरा अधिक है क्योंकि डार्क स्किन वाले बच्चों में रिकेट्स का खतरा ज्यादा होता है। ऐसी स्किन वाले बच्चों में मेलेनिन की वजह से सूरज की रोशनी से विटामिन-डी का उत्पादन कम होता है। इसकी वजह से विटामिन-डी की कमी होती है और सूखा रोग का खतरा बढ़ जाता है।
  3. दिमाग पर असर: विटामिन-डी की कमी का असर दिमाग पर भी पड़ता है। विटामिन-डी दिमाग में दो तरह के केमिकल, सेरोटोनिन और डोपामिन, बनाने में मदद करता है। इनकी कमी से दिमाग कमजोर होने लगता है।
  4. एनीमिया का खतरा: हाल ही में प्रकाशित हुई राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण रिपोर्ट में एनीमिया सबसे बड़ी बीमारी में से एक बनकर उभरी है। देश में आधे से ज्यादा महिलाओं और बच्चों में खून की कमी है। खून की कमी को ही एनीमिया रोग कहते हैं। अगर शरीर में 30 नैनो ग्राम प्रति मिली लीटर से कम विटामिन-डी है तो कई बीमारियां हो सकती हैं।
  5. इम्यूनिटी कमजोर: बच्चों में विटामिन-डी की कमी होने पर इम्युनिटी कमजोर हो जाती है, जिसका असर आप उनके रोजाना के व्यवहार में देखने को मिल सकता है, जिससे वो चिड़चिड़े हो जाते हैं और जल्दी ही बीमार पड़ जाते हैं। ऐसे बच्चों को संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है।

विटामिन-डी की कमी पूरी करने के लिए क्या करें

पहले के समय में शायद ही किसी ने सोचा होगा कि भारत और अफ्रीका जैसे देशों में भी लोगों में विटामिन-डी की कमी हो सकती है। लेकिन अब कमी ही नहीं हो रही है बल्कि यह एक प्रचलित बीमारी बन गई है। इसका केवल एक उपाय है कि अपने खाने की आदत को सुधारें और पर्याप्त मात्रा में धूप लें। धूप के अलावा इन 5 चीजों का सेवन अपने डाइट में अगले छह महीने तक करें।

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