Paracetamol for Kids: सर्दी, खांसी, दर्द और बुखार के लिए बच्चों को दी जाने वाली दवाओं में सबसे कॉमन दवा है पैरासिटामोल। अक्सर लोग इसे बिना डॉक्टर की सलाह के ही खा लेते हैं। हाल ही में एक रिपोर्ट में लगभग 50 दवाओं के नाम बताए गए हैं जिन्होंने CDSCO के मानकों का उल्लंघन किया था। इस सूची में पैरासिटामोल भी शामिल है। पैरासिटामोल को हार्ट और किडनी के लिए खतरनाक माना गया है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में इसके अधिक सेवन से अस्थमा और व्यवहार संबंधित समस्याएं देखी जा सकती हैं। इतना ही नहीं प्रेग्नेंसी में पैरासिटामोल खाने से बच्चे की हेल्थ पर बुरा असर पड़ सकता है। पैरासिटामोल में कई ऐसे कंपाउंड पाए गए हैं जो लिवर से संबंधित बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकते हैं। इसलिए बच्चों को पैरासिटामोल देने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और इससे क्या स्वास्थ्य समस्याएं आ सकती हैं चलिए जानते हैं इसके बारे में।
क्या है पैरासिटामोल

पैरासिटामोल एक ऐसी दवा है जो बदन दर्द, सिरदर्द, जुकाम और बुखार जैसी समस्याओं से राहत दिलाने का काम करती है। बच्चों को 100 डिग्री फॉरेनहाइट से अधिक बुखार होने पर अधिकतर चिकित्सक पैरासिटामोल देने की सलाह देते हैं। ये गोलियों और सीरप दोनों में आती है। पैरासिटामोल की गोलियों को अन्य दर्द निवारक और एंटी-बायोटिक दवाओं के संयोजन के साथ लिया जा सकता है। हालांकि इसका ओवरडोज बच्चों और बुजुर्गों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
पैरासिटामोल से हो सकती हैं ये समस्याएं
स्किन इंफेक्शन
बच्चों की स्किन काफी नाजुक होती है। बुखार में दी जाने वाली पैरासिटामोल से बच्चों की त्वचा में चक्कते, लालपन और रैशेज देखे जा सकते हैं। दवा का ओवरडोज एलर्जी को बढ़ावा दे सकता है।
किडनी की समस्या
पैरासिटामोल का अधिक सेवन किडनी की समस्या को बढ़ावा दे सकता है। यदि बच्चे को पहले से किडनी से संबंधित समस्या है तो इस दवा के सेवन से वह बढ़ सकती है। कई मामलों में ये किडनी डैमेज का कारण भी बन सकती है।
हार्ट प्रॉब्लम
पैरासिटामोल का अधिक उपयोग बुजुर्गों में हार्ट संबंधित समस्याओं को बढ़ावा दे सकता है। इससे हार्ट अटैक पड़ने का खतरा लगभग 9 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। हालांकि बच्चों का खून गाढ़ा हो होकर समस्या पैदा कर सकता है।
सांस की समस्या
बुखार को कम करने के लिए यदि बच्चे को बचपन से पैरासिटामोल दिया जा रहा है तो ये धीरे-धीरे सांस से संबंधित समस्या को बढ़ावा दे सकता है। इसके अधिक सेवन से शरीर की इम्यूनिटी भी कम होने लगती है।
दवा का सेवन करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

- -शिशु और दो साल से कम आयु के बच्चों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
– बच्चे को उसकी उम्र, वजन और लिंग के अनुसार खुराक दी जानी चाहिए।
– जहां तक हो सके इसका सेवन कम करना चाहिए।
– बच्चों को बिना चिकित्सक की सलाह के दवा नहीं देनी चाहिए।
– दवा का ओवरडोज देने से हमेशा बचें।
– 24 घंटे में 2 बार से अधिक इस दवा का सेवन नहीं करना चाहिए।
– बच्चे को 100 डिग्री फॉरेनहाइट से अधिक टेक्प्रेचर होने पर ही पैरासिटामोल दें।
-सर्दी और खांसी की दवाओं में भी पैरासिटामोल होता है इसलिए दवा के ओवरडोज से बचें।
-प्रेग्नेंसी में इसका सेवन बिल्कुल न करें।
- पैरासिटामोल का अन्य विकल्प चुनें
- – पैरासिटामोल सर्दी, दर्द और बुखार को कम करने का काम करती है। ऐसे में आप चिकित्सक से इसका सब्सीट्यूट ले सकते हैं।
– एक बार बुखार कम हो जाने पर होम्योपैथी दवाओं का चुनाव किया जा सकता है।
– बच्चों को पैरासिटामोल की जगह घरेलू दवाएं दी जा सकती हैं लेकिन बुखार अधिक होने पर चिकित्सक की सलाह लें।
