Tulsi Plant Care During Monsoon
Tulsi Plant Care During Monsoon

Overview: हल्दी से बना आसान घरेलू घोल मानसून में तुलसी के पौधे को बीमारियों से बचाएगा

मानसून में तुलसी का पौधा कमजोर और पीला पड़ना आम बात है, लेकिन हल्दी के पानी से बना यह आसान घरेलू उपाय इसे फिर से हरा-भरा और ताज़ा बना सकता है। हल्दी न सिर्फ तुलसी को बीमारियों से बचाती है बल्कि उसकी पत्तियों को और भी घना और मजबूत बनाती है।

Tulsi Plant Care During Monsoon: बरसात का मौसम जहाँ हरियाली लेकर आता है, वहीं यह पौधों के लिए कई समस्याएँ भी खड़ी करता है। खासतौर से तुलसी, जो हर घर में आस्था और सेहत दोनों के लिए लगाई जाती है, मानसून में अक्सर पत्तियों का पीला पड़ना, जड़ों का गलना या कीट लगने जैसी दिक्कतों से गुजरती है। ऐसे में केमिकल फर्टिलाइज़र की बजाय हल्दी से बना घरेलू घोल आपके तुलसी के पौधे के लिए वरदान साबित हो सकता है।

क्यों पीली पड़ जाती है तुलसी बरसात में?

बरसात में ज़्यादा नमी और कम धूप की वजह से तुलसी की मिट्टी में फंगस और बैक्टीरिया पनप जाते हैं। इससे जड़ों की ग्रोथ रुक जाती है और पत्तियाँ धीरे-धीरे पीली पड़ने लगती हैं।

हल्दी है प्राकृतिक एंटीबायोटिक

turmeric water to revive tulsi plant
turmeric water to revive tulsi plant

हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण पाए जाते हैं। यह पौधे की जड़ों को सड़ने से बचाती है और मिट्टी को संक्रमणमुक्त बनाती है। यही वजह है कि हल्दी का पानी तुलसी के लिए एक नैचुरल टॉनिक की तरह काम करता है।

हल्दी वाला घोल बनाने का तरीका

एक गिलास पानी लें।

इसमें आधा चम्मच हल्दी पाउडर डालें।

इस घोल को अच्छी तरह मिलाएँ।

हफ्ते में एक बार इस घोल से तुलसी के पौधे की जड़ों में पानी दें।

कब और कैसे दें यह घोल?

हल्दी का पानी सुबह या शाम के समय ही देना चाहिए। बरसात में पौधे को पहले से गीली मिट्टी में यह घोल डालना और भी असरदार होता है। ध्यान रखें कि ज्यादा मात्रा में हल्दी का प्रयोग न करें।

तुलसी की पत्तियाँ होंगी और घनी

हल्दी का घोल पौधे की जड़ों को मज़बूत बनाता है। इससे पौधे की पत्तियाँ फिर से हरी-भरी हो जाती हैं और तुलसी का पौधा घना होकर ऊपर की ओर बढ़ने लगता है।

अन्य फायदे

तुलसी में फफूंदी नहीं लगती।

मच्छर और छोटे कीट पौधे से दूर रहते हैं।

तुलसी की खुशबू और औषधीय गुण बरकरार रहते हैं।

तुलसी को स्वस्थ रखने के अन्य टिप्स

मानसून में तुलसी को ज़्यादा पानी न दें।

पौधे को छत या बालकनी की ऐसी जगह रखें जहाँ हल्की धूप पहुँचे।

हर 10–15 दिन में तुलसी की सूखी या पीली पत्तियाँ हटा दें।

मेरा नाम वंदना है, पिछले छह वर्षों से हिंदी कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हूं। डिजिटल मीडिया में महिला स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन, बच्चों की परवरिश और सामाजिक मुद्दों पर लेखन का अनुभव है। वर्तमान में गृहलक्ष्मी टीम का हिस्सा हूं और नियमित...