Overview:कम्फर्ट छोड़े बिना भी यूं करें बचत
अगर आप अपने कम्फर्ट को छोड़े बिना पैसे बचाना चाहते हैं तो ऐसे में कुछ छोटे-छोटे नुस्खे अपनाएं।
Money Saving Tips: महंगाई के इस दौर में सेविंग करना बहुत ही जरूरी होता है। लेकिन जब भी बात पैसे बचाने की होती है तो ऐसा लगता है कि इसके लिए हमें अपनी पंसदीदा चीजों को छोड़ना पड़ेगा। ना कैफे की कॉफी, ना ऑनलाइन शॉपिंग और ना ही वीकेंड का चिल टाइम। हममें से कोई भी ऐसी बोरिंग जिन्दगी जीना नहीं चाहता, जिसमें पैसे बचाने के लिए हरवक्त अपने मन को मारना पड़े। अधिकतर लोग इस बात को लेकर दुविधा में रहते हैं कि वे अपनी सीमित आमदनी में पैसे किस तरह बचाएं और साथ ही साथ अपनी पसंदीदा चीजों को भी एन्जॉय कर पाएं। ऐसा करना थोड़ा मुश्किल लग सकता है, लेकिन अगर आप थोड़ा समझदारी दिखाएं तो ऐसे में सबकुछ आसानी से मैनेज कर सकते हैं।
आपको शायद पता ना हो, लेकिन बचत और कंफर्ट दोनों साथ-साथ चल सकते हैं। बस आपको रोजमर्रा की आदतों में थोड़ा बदलाव करना होगा और फिर आपको पैसे बचाने के लिए अपनी छोटी खुशियां छोड़नी नहीं पड़ेंगी। जब आप इस तरीके से बचत करना सीख जाते हैं, तो आपको लगेगा कि यह “कंजूसी” नहीं बल्कि “स्मार्ट खर्च” है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको ऐसे ही कुछ आसान तरीकों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप आसानी से बचत भी कर सकते हैं और अपने कंफर्ट का ध्यान भी रख सकते हैं-
स्मार्टली करें खर्च

अक्सर यह देखने में आता है कि लोग बचत करने के चक्कर में अपनी पसंद की हर चीज पूरी तरह छोड़ देते हैं। लेकिन यह ट्रिक केवल कुछ वक्त के लिए ही काम आती है। बाद में, इससे फ्रस्ट्रेशन होता है और फिर हम जरूरत से ज्यादा खर्च करते हैं। इसलिए, यह जरूरी कि आप अपने लिए कम्फर्ट बजट तयर करें। मसलन, बजट तैयार करते समय हर महीने अपने लिए एक छोटा हिस्सा अपनी खुशियों के लिए रखें, मसलन आप अपनी पसंदीदा कॉफी, स्ट्रीट फूड, स्किनकेयर या ओटीटी सब्सक्रिप्शन के लिए अलग से पैसे रख सकते हैं। जब आप ऐसा करते हैं तो आपको अजीब महसूस नहीं होता, वहीं बचत भी लगातार बनी रहती है। हालांकि, कंफर्ट बजट बनाते समय आप समझदारी दिखाएं। मसलन, अगर आप आम तौर पर ₹3000 फ़ूड ऑर्डर में खर्च करते हैं, तो इसे ₹1000 तक सीमित करें और बाकी घर पर बनाएं। आपको मज़ा भी मिलेगा और ₹2000 बच जाएंगे।
इंपल्सिव शॉपिंग से बचें
अक्सर बजट इसलिए भी बिगड़ जाता है, क्योंकि हम मॉल में जाकर इंपल्सिव शॉपिंग करने लग जाते हैं। इससे बचने का सबसे अच्छ तरीका है कि आप पहले ही अपनी शॉपिंग की लिस्ट व उसके लिए बजट तय करें। अगर आप कुछ खरीद रहे हैं तो खुद से ये तीन सवाल पूछें कि क्या मुझे ये अभी सच में चाहिए, क्या इसे कहीं सस्ता मिल सकता है, क्या मैं सेल का इंतज़ार कर सकता हूं। इसके जवाब से आपके माइंड में चीजें काफी क्लीयर हो जाएंगी। साथ ही, घर में इस्तेमाल होने वाली रोजमर्रा की चीजें जैसे चावल, दाल, डिटर्जेंट, टूथपेस्ट जैसी जरूरी चीज़ें ग्रॉसरी में एक साथ खरीदें। इससे यकीनन आपकी बचत होगी।
घर पर ही बनाएं आइटम
यह जरूरी नहीं है कि आप हर चीज बाजार से लाकर ही इस्तेमाल करें। अगर आप चाहें तो घर पर भी कई चीजों को बेहद आसानी से बना सकती हैं। ये नेचुरल चीजें ना केवल बजट फ्रेंडली होती हैं, बल्कि अधिक सुरक्षित भी मानी जाती हैं। मसलन, घर की क्लीनिंग के लिए आप मार्केट से महंगे क्लीनर खरीदने की जगह सिरका, नींबू व बेकिंग सोडा से नेचुरल क्लीनर तैयार करें। इसी तरह, ग्रॉसरी से नमकीन व बिस्कुट पर पैसे खर्च करने की जगह भुना चना या एयर-फ्राइड पोहा चिवड़ा को बतौर स्नैक्स खाएं।
छोटे खर्चों पर लगाएं रोक

अक्सर हमें पता नहीं चलता, लेकिन पूरा दिन हम कई तरह के छोटे-छोटे खर्च करते हैं, जिससे बचत करना काफी मुश्किल हो जाता है। ऑनलाइन ऑर्डर से लेकर डिलीवरी टिप्स या कैब राइड्स में काफी पैसा यूं ही खर्च हो जाता है। मसलन, आप हर दिन खाना ऑर्डर करने की बजाय लंच घर से लेकर जाएं। इसी तरह, शॉर्ट दूरी पैदल या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जाएं। आप अपनी दिनचर्या में यक छोटा सा बदलाव करें। आप अपने इन छोटे खर्चों को एक सप्ताह तक ट्रैक करें। इससे आपको यह समझ में आएगा कि आप हर कितने पैसे बेहद आसानी से बचा पाते हैं। इस तरह बिना कम्फर्ट छोड़े बचत होती है, बस अनजाने खर्च रुक जाते हैं।
पुरानी चीजों को बनाएं नया

अगर आप थोड़ी क्रिएटिविटी दिखाती हैं तो इससे आप अपने कम्फर्ट को छोड़े बिना बेहद आसानी से बचत कर पाते हैं। मसलन, आप अपने पुराने कुर्ते को टॉप या ड्रेस में बदलें। इसी तरह, ग्लास की बोतलों को वास के रूप में इस्तेमाल करें। अगर फर्नीचर पुराना हो जाए तो नया खरीदने की बजाय उसे रीपेंट करें। इस तरह आपका घर नया दिखता है। साथ ही साथ, आपको अतिरिक्त खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती है। साथ ही साथ, आप बेकार समझी जाने वाली चीजों को दोबारा इस्तेमाल कर पाती हैं। यह बचत करने का एक इको-फ्रेंडली तरीका है। साथ ही साथ, जब आप अपनी क्रिएटिविटी दिखाते हैं तो इससे आपको मन ही मन काफी खुशी भी होती है।
