Astro Remedies: ज्योतिष शास्त्र में, ग्रहों को हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला माना जाता है। कुंडली में ग्रहों की स्थिति व्यक्ति के स्वभाव, व्यक्तित्व, जीवन के विभिन्न पहलुओं और समग्र रूप से भाग्य को दर्शाती है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में कोई ग्रह कमजोर या अशुभ स्थिति में होता है, तो इसका व्यक्ति के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। कमजोर ग्रह से संबंधित क्षेत्रों में व्यक्ति को कठिनाइयों और बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
यह प्रभाव व्यक्ति के स्वभाव और आदतों में भी बदलाव ला सकता है। उदाहरण के लिए, कमजोर बुध ग्रह एकाग्रता और स्मरण शक्ति की कमी का कारण बन सकता है, कमजोर चंद्रमा मन में अशांति और भावनात्मक अस्थिरता पैदा कर सकता है, और कमजोर मंगल ग्रह क्रोध, आक्रामकता और आत्मविश्वास की कमी का कारण बन सकता है। यह समझना महत्वपूर्ण है कि कमजोर ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों को कमजोर किया जा सकता है। ग्रहों को मजबूत करने और उनके शुभ प्रभावों को प्राप्त करने के लिए अनेक उपाय किए जा सकते हैं। इनमें रत्न धारण, मंत्र जाप, दान, पूजा-पाठ, व्रत आदि शामिल हैं। ज्योतिषी से सलाह लेकर व्यक्ति अपनी कुंडली में कमजोर ग्रहों की पहचान कर उचित उपाय कर सकता है और अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
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1)केतु ग्रह कमजोर होने पर
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कमजोर केतु ग्रह सिर में अचानक खुजली पैदा कर सकता है। यह ग्रह मोक्ष का कारक माना जाता है, लेकिन कमजोर होने पर एकाग्रता में कमी, भ्रम, चिंता जैसी समस्याएं भी देता है। सिर की खुजली के साथ-साथ पैर दर्द और पेट की तकलीफ भी हो सकती है। ऐसे में ज्योतिषी से सलाह लेकर उपाय करने चाहिए, जिनमें नौ मुखी रुद्राक्ष, अश्वगंधा या लहसुनिया रत्न धारण करना, मंत्र जापना और दान करना शामिल हैं।
2)शनि और बुध ग्रह कमजोर होने पर
ज्योतिष शास्त्र में, शनि और बुध ग्रहों के अशुभ योग को अचानक और बार-बार खाने की आदत का कारण माना जाता है। ये अस्वस्थ आदत न सिर्फ मोटापे का कारण बन सकती है, बल्कि पाचन संबंधी समस्याओं और अन्य स्वास्थ्य चिंताओं को भी जन्म दे सकती है। इस स्थिति से निपटने के लिए दोतरफा रणनीति अपनानी चाहिए। बुध ग्रह के लिए आप बुधवार के दिन हरे वस्त्र धारण कर सकते हैं और बुध ग्रह से जुड़े मंत्रों का जाप कर सकते हैं। शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए शनिवार को काले वस्त्र पहनें और शनि ग्रह के मंत्रों का जाप करें। दान-पुण्य करना और जरूरतमंदों की सहायता करना भी लाभदायक माना जाता है।
3)चंद्र ग्रह कमजोर होने पर
चंद्रग्रह के पीड़ित होने पर व्यक्ति विशेष रूप से चंद्रमा के प्रभाव में आकर दूसरों की बातों में हस्तक्षेप करने लगता है। जब भी कोई दो लोगों के बीच कोई मुद्दा चल रहा होता है, तो वह अपनी राय देने के लिए उत्सुक हो जाता है, जिससे माहौल थोड़ा असंतुलित हो सकता है। इसे दूर करने के लिए, चंद्रमा की शांति के लिए सोमवार को शिवजी की आराधना करना बहुत फायदेमंद हो सकता है।
4)शुक्र ग्रह कमजोर होने पर
शुक्र ग्रह के अशुभ प्रभाव के कारण व्यक्ति की यादाश्त कमजोर हो जाती है और वह अक्सर चीज़ें भूलने लगता है। इस समस्या को कम करने के लिए शुक्र ग्रह की शांति आवश्यक है। शुक्रवार के दिन गुलाबी रंगों का प्रयोग करना विशेष रूप से लाभकारी होता है। इसके साथ ही, अरंड की जड़ या छह मुखी रुद्राक्ष धारण करना भी फायदेमंद होता है। हीरा रत्न पहनने से कुंडली में शुक्र ग्रह को मजबूती मिलती है, जिससे स्मरण शक्ति में सुधार होता है। इन उपायों से व्यक्ति की याददाश्त बढ़ सकती है और जीवन में सकारात्मकता आ सकती है।
5)मंगल ग्रह कमजोर होने पर
मंगल ग्रह क्रोध और ऊर्जा का प्रतीक है। अगर आपकी कुंडली में मंगल ग्रह कमजोर हो, तो आपको छोटी-छोटी बातों पर अत्यधिक गुस्सा आ सकता है और इससे झगड़े की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे मामलों में मंगल ग्रह की शांति के उपाय करना आवश्यक हो जाता है। इसके लिए मंगलवार के दिन हनुमान जी की आराधना करना विशेष रूप से लाभकारी होता है। हनुमान जी की उपासना से न केवल मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव कम होते हैं, बल्कि व्यक्ति के मन में शांति और संतुलन भी बना रहता है।
