बच्चों के मन पर डालती हैं नकारात्मक असर पेरेंट्स की ये 4 बातें
बच्चा हमसे वो चीजें सीखना ही नहीं चाहता, लेकिन जाने अनजाने हम उसे कहीं न कहीं कुछ गलत सिखा रहे होते हैं।
Parenting Mistakes: बच्चों की परवरिश में हम हर रोज़ कुछ न कुछ नया सीखते हैं। कभी अपनी परवरिश का कुछ अच्छा हिंसा किसी को सीखा आते हैं। कभी दूसरों की परवरिश के तरीके आजमाते हैं। कहीं ना कहीं हम अपने बच्चों को कुछ अच्छा ही सिखाने की कोशिश करते हैं। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है हम बहुत सी गलतियां कर बैठते हैं लेकिन हमें इसका जरा भी एहसास नहीं होता है। बच्चा हमसे वो चीजें सीखना ही नहीं चाहता, लेकिन जाने अनजाने हम उसे कहीं न कहीं कुछ गलत सिखा रहे होते हैं। कोशिश करें आपकी पेरेंटिंग सकारात्मक ही रहे।
आइये जानते हैं माता पिता की कौन सी आदतें बच्चों का भविष्य भी ख़राब कर सकती हैं।
Also read: कहीं आप नेगेटिव पेरेंटिंग की तरफ तो नहीं बढ़ रहे?: Negative Parenting
तेज़ आवाज़ में जवाब देना

जब कभी बच्चों के बीच कुछ अनबन हो जाती है, और हमारा बच्चा ज्यादा कुछ ना कह कर उस नकारात्मक माहौल से बाहर आ जाता है। हमें लगने लगता है हमारा बच्चा दब्बू है डरपोक है। बस उसके बाद से ही हम बच्चे को ना जाने क्या क्या सिखाने लगते हैं। हमें लगता है शांत रहना बच्चे को डरपोक बना देगा इसलिए हम बच्चे को ऊंची आवाज में बात करना सिखाने लगते हैं। लड़ाई झगड़ों में तेज़ आवाज़ में चिल्लाना, या उन्हें किसी का व्यवहार पसंद ना आये तो उन्हें सलाह देते हैं की ऊंची आवाज में चिल्ला कर उस व्यक्ति से पेश आना।
नकारात्मक शब्दों का इस्तेमाल

बच्चे को अच्छे शब्द बोलना सिखाएं। बच्चे मासूम होते हैं और प्यारी बातें करते हुए ही अच्छे लगते हैं। उन्हें कभी न कहें की तुम मोटे, पतले या आलसी हो, कामचोर हो, पढाई में जीरो हो, इस तरह के नकारात्मक शब्द बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। बेशक आप उन्हें ऐसा किसी और को बोलने के लिए नहीं कह रहे हैं। लेकिन बच्चे जैसा व्यवहार होता हुआ देखते हैं और जैसी भाषा सुनते हैं वैसी ही उनकी शब्दावली भी बन जाती है। जाने अनजाने वो किसी और के सामने भी ऐसा बिल सकते हैं या किसी को ऐसा कह सकते हैं। अपने द्वारा बोले गए नकारात्मक शब्दों पर काबू रखें।
लड़ाई झगड़ा

बच्चों को हमेशा सिखाएं किसी तरह की लड़ाई या झगड़ों में ना पड़ें। उनके सामने भी किसी से ऊंची आवाज में बात ना करें। बच्चे का अगर किसी से लड़ाई झगड़ा हो गया है तो दोनों तरफ के बच्चों को प्यार से समझाएं। अपने बच्चे की तरफदारी करते हुए दुसरे बच्चों पर कभी हावी ना हों। जरुरत पड़ने पर बच्चों के माता पिता आपस में बैठ कर बच्चों से बात करें। लड़ाई करना या हाथ चलना बच्चों की आदत बन जाने पर वो हिंसक प्रवत्ति के बन जाते हैं। हर छोटी छोटी बात पर उन्हें गुस्सा आने लगता है।
पैसे का रौब

बच्चों को हमेशा रूपये पैसों और अमीर गरीब के कांसेप्ट से दूर रखें। उन्हें कभी ना कहें आप कम कमाते हैं या बहुत ज्यादा कमाते हैं। पैसों की अहमियत सिखाना और रौब झाड़ना दो अलग अलग बातें हैं। पैसो की कदर करना जरूर सिखाएं। तुम जो छहों मिल जाएगा या हमारे पास तो कुछ भी नहीं है इस तरह के नकारात्मक शब्दों का इस्तेमाल कभी न करें। इस तरह बच्चे के मन में गलत भावना या घमंड आ सकता है। बच्चे को अच्छी तरह से पैसों को इस्तेमाल करना सिखाएं, साथ में पैसे बचनमा भी सिखाएं।
