dry fruits
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Summary: इन तरीकों से पहचानें असली ड्राई फ्रूट्स और बचें केमिकल खतरे से।

ड्राई फ्रूट्स की मांग बढ़ते ही मिलावट और केमिकल पॉलिशिंग का खतरा भी बढ़ जाता है। सही पहचान, आसान घरेलू टेस्ट और सतर्क खरीदारी से आप अपने परिवार को नकली ड्राई फ्रूट्स के नुकसान से बचा सकते हैं।

Identify Original and Fake Dry Fruits: काजू, बादाम, किशमिश और पिस्ता जैसे ड्राई फ्रूट्स ऊर्जा और स्वाद दोनों के लिए मशहूर हैं, लेकिन इसी लोकप्रियता के चलते मिलावट का खेल भी तेजी से बढ़ जाता है। पुराने या कमजोर क्वालिटी वाले ड्राई फ्रूट्स को ताजा दिखाने के लिए बाजार में कई तरह के केमिकल तरीकों का इस्तेमाल होने लगा है, जो स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकते हैं।

त्योहारी सीजन में ड्राई फ्रूट्स की मांग अचानक बहुत बढ़ जाती है। यही वह समय होता है जब दुकानदार पुराने स्टॉक को नया रूप देने के लिए एसिड वॉश, कलरिंग और पॉलिशिंग तक का सहारा लेते हैं। दिखने में ये ड्राई फ्रूट्स बेहद आकर्षक लगते हैं, लेकिन इनकी प्राकृतिक गुणवत्ता खत्म हो चुकी होती है। ऐसे केमिकल-ट्रीटेड ड्राई फ्रूट्स का लंबे समय तक सेवन पेट, स्किन और लिवर पर बुरा असर डाल सकता है।

Color and shine also tell the difference between real and fake
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बहुत ज्यादा चमकदार या एकदम समान रंग वाले ड्राई फ्रूट्स अक्सर प्राकृतिक नहीं होते। काजू यदि अनोखे तरीके से सफेद और चमकदार दिख रहा है तो समझना चाहिए कि उसे किसी रसायन से पॉलिश किया गया है। इसी तरह किशमिश यदि असामान्य रूप से सुनहरी और एक जैसे रंग की हो, तो उसकी असलियत पर सवाल उठने चाहिए। असली किशमिश का रंग हल्का असमान और बनावट थोड़ी प्राकृतिक खुरदरी होती है।

बहुत कम दाम या टूटे-छांटे हुए ड्राई फ्रूट्स अक्सर कम क्वालिटी या दोबारा प्रोसेस किए गए होते हैं। ऐसे ड्राई फ्रूट्स में ताजगी नहीं होती और मिलावट की संभावना काफी ज्यादा होती है। बेहतर है कि पूरी आकार वाले, समान दिखने वाले और प्राकृतिक रंग वाले ड्राई फ्रूट्स ही चुनें।

ड्राई फ्रूट्स की असलियत उनकी खुशबू और बनावट में हमेशा झलकती है। असली ड्राई फ्रूट्स में हल्की और प्राकृतिक खुशबू महसूस होती है, जबकि केमिकल-ट्रीटेड ड्राई फ्रूट्स में तीखी या आर्टिफिशियल गंध आती है। इसके टेक्सचर पर भी ध्यान देना जरूरी है ताजे ड्राई फ्रूट्स मुलायम और नेचुरल महसूस होते हैं, जबकि मिलावटी वाले अक्सर कठोर, सूखे और अनप्राकृतिक से लगते हैं।

Do a Simple Home Check Using the Litmus Test
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अगर आपको काजू या बादाम पर संदेह हो, तो घर पर एक आसान-सा परीक्षण उनकी सच्चाई बता सकता है। ड्राई फ्रूट पर पानी की कुछ बूंदें डालें और लिटमस पेपर रखें। यदि पेपर का रंग लाल या नारंगी हो जाए, तो यह संकेत है कि उसमें एसिड या किसी रसायन का इस्तेमाल किया गया है। यह छोटा-सा टेस्ट मिलावट को पकड़ने में खासा असरदार होता है।

मिलावटी ड्राई फ्रूट्स का सेवन सिर्फ स्वाद ही नहीं, सेहत को भी नुकसान पहुंचाता है। लगातार खाने पर पेट में जलन, एसिडिटी, गैस और अपच जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। आर्टिफिशियल कलर या प्रिजर्वेटिव्स स्किन पर रैशेज, एलर्जी और खुजली पैदा कर सकते हैं। लंबे समय तक सेवन से लिवर और किडनी पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है, जिससे इन अंगों का कार्य प्रभावित हो सकता है।

ड्राई फ्रूट्स खरीदते समय केवल चमक या पैकिंग पर भरोसा न करें। विश्वसनीय दुकानों से खरीदें, अत्यधिक चमकदार या अनाप-शनाप सस्ते विकल्पों से बचें और घर लाने के बाद उनकी खुशबू, रंग और टेक्सचर जरूर जांचें। थोड़ी सी जागरूकता आपके घर को मिलावट के खतरे से बचा सकती है और त्योहारों की मिठास भी सुरक्षित रखती है।

राधिका शर्मा को प्रिंट मीडिया, प्रूफ रीडिंग और अनुवाद कार्यों में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। हिंदी और अंग्रेज़ी भाषा पर अच्छी पकड़ रखती हैं। लेखन और पेंटिंग में गहरी रुचि है। लाइफस्टाइल, हेल्थ, कुकिंग, धर्म और महिला विषयों पर काम...