Trail mix
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इस समय मोटापा और बढ़त वजन हमारे यहां एक बड़ी चिंता के तौर पर उभर रहा है। इससे अन्य कई तरह की बीमारियाँ भी होने का खतरा बना रहता है, जैसे कार्डियोवैस्क्यलर बीमारी, टाइप 3 डायबिटीज, इनफ्लेमेशन, किडनी के रोग, लीवर के रोग आदि। इन सब बीमारियों के अलावा, बढ़त वजन आपका कॉन्फिडेन्स को भी कम करता है और आप डिप्रेशन एवं एन्जायटी जैसी बीमारियों का भी शिकार हो सकते हैं। यही वजह है कि कई लॉग वजन कम करने के अपने लक्ष्य फिक्स कर लेते हैं लेकिन कुछ लॉग ही उसे फॉलो कर पाते हैं। यह अमूमन होता ही रहता है, क्योंकि कुछ किलो लूज करने में ही हालत खराब हो जाती है। और यह तब ज्यादा दिक्कत करता है, जब आपकी बॉडी का मेटाबॉलिज्म कम रहता है। कुछ लोगों को इसलिए भी यह मुश्किल भरा काम लगता है क्योंकि वे स्नैकिंग करना नहीं छोड़ पाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने वेट लॉस में ड्राई फ्रूट्स की मदद लें।

ड्राई फ्रूट्स ही क्यों

अब आप यह सोच रहे होंगे कि आखिर ड्राई फ्रूट्स ही क्यों? ऐसा इसलिए क्योंकि ड्राई फ्रूट्स हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होते हैं। फरीदाबाद स्थित एशियन हॉस्पिटल कीडायटीशियन विभा बाजपेयीके अनुसार, ड्राई फ्रूट्स कई बीमारियों से लड़ने में हमारी मदद करते हैं। जैसे-  पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियां, हृदय रोग, डायबिटीज, हड्डियों से जुड़े रोग आदि में ड्राई फ्रूट्स का सेवन बहुत फायदेमंद होते हैं। ये हमारी इम्यूनिटी को बूस्ट अप भी करते हैं। ड्राई फ्रूट्स हमारी ग्रोथ के लिए बहुत जरूरी होते हैं। ड्राई फ्रूट्स में मैक्रोन्यूट्रिएन्ट और माइक्रोन्यूट्रिएन्ट दोनों ही प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। जैसे – ड्राई फ्रूट में एनर्जी, प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक, सिलेनियम, ओमेगा 6 फैटी एसिड, ऑर्गैनिक एसिड, अमीनो एसिड, एंटी- ऑक्सीडेंट फॉस्फोरस आदि पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।

बादाम

 

वेट लॉस हो या न हो, बादाम को हमेशा अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। बादाम के रोज से सेवन से आपका मेटाबॉलीक रेट बूस्ट अप होगा, एलडीएल कोलेस्ट्रॉल खत्म होगा और खराब लाइपिड भी कम होंगे। अगर आपको पेट की चर्बी से छुटकारा पाना है, तो बादाम आपकी मदद कर सकता है।

पिस्ता

 

इस हरे मेवे में कई तरह के न्यूट्रिएन्ट होते हैं। कई तरह के विटामिन, मिनरल होते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल, एंटी- ऑक्सीडेंट को कंट्रोल करने में सहायक है। यह एक्स्ट्रा फैट से लड़ने में मदद करता है और आपके मेटाबॉलिज्म को बूस्ट अप करता है। यह सब मिलकर आपके वेट लॉस की प्रक्रिया को स्पीड अप करते हैं।

एप्रिकॉटएप्रिकॉट आपको खाने के कम से कम 5 घंटे बाद तक पेट को भरा हुआ महसूस कराता है। साथ ही यह आपकी बॉडी को मैग्नीशियम देता है, जो फैट मेटाबॉलिज्म को नियमित करता है। एप्रिकॉट का स्वाद मीठा होता है, जिसे आप डिज़र्ट में शामिल कर सकते हैं।

किशमिश

 

किशमिश एक बढ़िया वेट लॉस स्नैक है। सूखे हुए अंगूर में मजबूत केमिकल्स होते हैं, जो आपकी भूख को दबाते हैं। जब आप किशमिश को खाते हैं, तो यह आपकी बॉडी में केमिकल रिएक्शन करता है, जो आपकी ब्रीदिंग को धीमा करते हैं। किशमिश में पावरफुल न्यूट्रोट्रांसमिटर्स होते हैं, जिन्हें जीएबीए कहा जाता है, जो आपकी भूख को स्टैबिलाइज करते हैं, पाचन को धीमा करते हैं और स्ट्रेस लेवल पर काम करते हैं।

खजूर

 

खजूर में भले ही कैलोरी ज्यादा होती है लेकिन इसमें फाइबर भी बहुत ज्यादा होता है। यह पाचन में मदद करता है और बॉडी में से फाइट रिमूवल को नियमित करता है। यह संतुष्टि भी देता है और एक बढ़िया स्नैकिंग विकल्प है। साथ ही वेट लॉस प्रक्रिया में आपकी मदद करता है।

प्लम

सूखे प्लम में फाइबर बहुत ज्यादा मात्रा में होता है, जिसे प्रून भी कहा जाता है। इनके सेवन से आपकी बॉडी में से गंदगी और टॉक्सिन निकल जाते हैं, जिससे वेट लॉस करने में आपकी मदद होती है। इसके साथ ही, 100 ग्राम परूँ मे सिर्फ 240 किलो कैलोरी होती है, जो एक बढ़िया स्नैक ऑप्शन है।

अखरोट

 

अखरोट न सिर्फ आपके दिमाग के लिए अच्छा है, बल्कि इनमें अनसैचुरेटेड फैट और कुछ फैटी एसिड होते हैं, जिनकी आपकी बॉडी को जरूरत होती है। अखरोट में अच्छा न्यूट्रिएन्ट एएलए होता है, जो एक जरूरी एन्ज़ाइम है। यह एन्ज़ाइम बैड कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करता है, पाचन तंत्र को सुधारता है, बॉडी में फैट के मूवमेंट को नियमित करता है और वेट लॉस करने में आपकी मदद करता है।

रोजाना कितने ड्राई फ्रूट्स

 

डायटीशियन विभा बाजपेयीके अनुसार, हमें अपनी रोजाना की डाइट में एक दिन में कम से कम 25 से 30 ग्राम तक ड्राई फ्रूट्स को जरूर शामिल करना चाहिए। लेकिन इस बात का ध्यान जरूर रखें कि अगर आपको कोई बीमारी जैसे -किडनी की बीमारी, स्टोन की बीमारी, आंत की बीमारी है तो आपको अपने डॉक्टर या डायटीशियन से सलाह लेकर ड्राई फ्रूट्स का सेवन करना चाहिए क्योंकि बिना सलाह के ये ड्राई फ्रूट आपकी बीमारी में नुकसान भी कर सकते हैं। इन ड्राई फ्रूट्स को हम प्रोटीन के रूप में भी ले सकते हैं।

ड्राई फ्रूट्स को अपनी डाइट में शामिल करने के विभिन्न तरीके

यदि आप कच्चे ड्राई फ्रूट्स का सेवन नहीं करना चाहते हैं, तो आप अन्य कई तरीके से भी ड्राई फ्रूट्स को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।   

बादाम मिल्क पीने से आपको बादाम के न्यूट्रिएन्ट और दूध के अच्छे गुण मिलते हैं। इसके साथ ही, बादाम मिल्क में लो फैट और कैलोरी कॉन्टेन्ट होता है, जिससे यह आपकी डाइट में अच्छी तरह से फिट हो जाता है।

प्रोटीन बार के सेवन से आपकी भूख दब जाती है और आपको एक बार में कई तरह के ड्राई फ्रूट्स खाने का मौका भी मिल जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रोटीन बार में एक से ज्यादा ड्राई फ्रूट्स होते हैं।

सुबह- सुबह बादाम, किशमिश जैसे ड्राई फ्रूट्स से बने स्मूदी का सेवन किया जा सकता है।

 

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