आजकल धोखाधड़ी के तरीके बदल चुके हैं. एक जमाना था जब ठग आपको बाजार में ठगते थे, अब वे आपके घर में आपको ठगते हैं. आप चलते-फिरते, उठते-बैठते या खाते-पीते कभी भी ठगे जा सकते हैं. क्योंकि ये ऑफलाइन नहीं बल्कि ऑनलाइन ठगी (online fraud) है. हैकर्स और स्कैमर्स ने आपको ठगने के विभिन्न तरीकें खोज निकाले हैं और आप शॉपिंग और ऑफर्स के चक्कर में इन स्कैमर्स के झांसे में आसानी से आ जाते हैं. वैसे तो ये ठग पूरे साल ही ऐक्टिव रहते हैं, लेकिन फेस्टिव सीजन में इनकी ठगी की गति बढ़ जाती है और इन्हें शिकार भी आसानी से मिल जाते हैं.

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट और साइबर पीस फाउंडेशन में एडवाइजर, रक्षित टंडन बताते हैं, “आजकल फेस्टिवल सीजन आने वाला है तो हैकर्स आपको लालच देंगे, फ्लिप्कार्ट या अमेजोन की नकली वेबसाइट बना देंगे और आपसे कहेंगे कि एक लाख का फोन 15 हजार में खरीद लो, या आपको मैसेज भेजेंगे कि आपने दिवाली बंपर धमाका में 50 लाख की लोटरी जीती है या आपने फ्री में नई गाड़ी जीती है. ये इन लोगों के तरीके होते हैं आपको लूटने के.”

बीते साल 2020 में हैकर्स ने एक सायबर अटैक क्रिएट किया था जिसका नाम था “बिग बिलियन डेज स्पिन द व्हील” स्कैम जिसे अमेजोन की “बिग बिलियन डे सेल” के दौरान चलाया गया और उन यूजर्स को अटैक किया गया जो फ्री प्रोडक्ट्स खरीदना चाहते थे. इसी तरह कुछ हैकर्स ने Wellbuy.com वेबसाइट बनाई जिसने हजारों भारतीय यूजर्स को ठगा था. इस वेबसाइट की ठगी का तरीका यह था कि जब इसने ढेरों ऑर्डर्स ले लिए, पेमेंट हो गई और पैसे इनके पास ट्रांसफर हो गए तो वेबसाइट गायब हो गई.

कई ठग फेसबुक या इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी अपना ऑनलाइन स्टोर खोलते हैं और ऑर्डर्स लेते हैं. जबतक फेसबुक सभी ठगे गए यूजर्स के रिव्यू और रिपोर्ट पर कोई कदम उठाकर ऐसे पेजेस को स्कैम या अनहेल्दी कह सके, उससे पहले ही ये ठग अपना काम कर चुके होते हैं.

आप इन ठगों से खुद को बचा सकते हैं लेकिन उसके लिए सतर्कता और सावधानी दोनों जरूरी है. ज्यादातर स्कैमर्स खुद को अमेजोन, फ्लिप्कार्ट या आपके बैंक का व्यक्ति बताकर और मैसेज भेजकर भी ठग सकते हैं. यही कारण है कि आपको इन ठगों को पहचानना होगा और ठगी से खुद को कैसे बचाना है इसकी जानकारी भी रखनी होगी.  

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ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीके हैं निराले

ठगी के कई तरीके हैं और जब बात ऑनलाइन की आती है तो ये तरीके काफी क्रिएटिव हो जाते हैं. वैसे तो फिशिंग स्कैम्स, फेक ऑफर और डिस्काउंट के नाम पर धोखाधड़ी सबसे सामान्य है, लेकिन ऐसे और भी कई तरीकें हैं जिनके माध्यम से लोगों को आजकल खूब लूटा जा रहा है.

फिशिंग – इसमें फ्रॉड्स आपको  किसी नामी वेबसाइट या ब्रांड के नाम से झूठे मैसेज या ईमेल भेजकर ठगते हैं. यूजर से साइन इन के लिए कहा जाता है और अकाउंट वेरिफिकेशन कन्फर्म करने के बहाने ठग MITM ( मैन इन द मिडल) तरीके से लॉग इन डिटेल्स लेकर अकाउंट एक्सेस कर सकते हैं.

यूपीआई लिंक फ्रॉड – किसी बैंक के नाम से आपको यूपीआई लिंक भेजा जाता है और जब आप अपना पिन डालकर उसपर क्लिक करते हैं तो आपके अकाउंट से पैसे कट जाते हैं.

सोशल मीडिया स्कैम– कई ठग आपके दोस्त या रिश्तेदार के नाम का या उसका हूबहू अकाउंट बनाकर आपसे मदद के नाम पर पैसों की मांग करते हैं.

फ्री वाईफाई स्कैम – पब्लिक प्लेस पर जाकर जब आप किसी फ्रॉड वाले फ्री वाईफाई को एक्सेस करते हैं तो आपकी डिटेल्स स्कैमर्स तक पहुंच सकती है.

बैंक चेकिंग अकाउंट फ्रॉड – आपको अपने बैंक के नाम से कॉल आता है और चेकिंग के नाम पर ठग आपसे आपकी अकाउंट की सभी जानकारी ले लेते हैं.

व्हाट्सऐप फेक कॉल्स – इसमें ठग आपको व्हाट्सऐप पर कॉल कर आपसे पैसे मांगते हैं. ये आपके दोस्त या दूर के रिश्तेदार के नाम पर कॉल कर सकते हैं.

शिपिंग नोटिफिकेशन स्कैम्स – इसमें आपको नोटिफिकेशन आती है कि आपका ऑर्डर आपके पास पहुंचने वाला है, आपके पास फेक ऑर्डर आता है और उस ऑर्डर के पैसे भी ले लिए जाते हैं.

फेक वेबसाइट्स – ये वेबसाइट लुभावने झूठे प्रोडक्ट्स दिखा कर आपका ऑर्डर लेती है, पेमेंट करवाती है और फिर गायब हो जाती है.

फेक चैरिटीज – इसमें ये ठग आपकी अच्छाई का फायदा उठाते हैं और किसी की बीमारी या अनाथ बच्चों की दिवाली के नाम पर फेक ऑनलाइन डोनेशन ड्राइव चलाते हैं.

फेक रिटेलर्स– इसमें ऑनलाइन स्टोर आपसे पैसे तो लेता है लेकिन आपको आपका प्रोडक्ट नहीं भेजता और भेजता भी है तो टूटा-फूटा या एकदम गलत प्रोडक्ट.

रोमांस स्कैम्स – इसमें पहले व्यक्ति आपसे सोशल मीडिया पर मीठी-मीठी बातें करता है, आपका चाहने वाला बनता है, पैसे न होने का रोना रोता है, आपसे मिलने की इच्छा जताता है और आप भावुकता में उसे पैसे भेज भी देते हैं.  

हॉलिडे एसएमएस– इसमें आपसे हॉलिडे के नाम पर या स्पेशल ऑफर का हवाला देकर आपकी संवेदनशील जानकारी मांग ली जाती है.

गिफ्ट कार्ड स्कैम– आपके पास अपने बैंक के नाम से मैसेज आता है जो आपसे आपकी ओवरड्यू पेमेंट के रूप में गिफ्ट कार्ड की मांग करता है.

ग्रैंडपैरेंट स्कैम– इसमें ठग उम्रदराज लोगों और बुजुर्गों को निशाना बनाते हैं और फोन कर कहते हैं, “दादी, मैं बोल रहा हूँ आपका पोता”, सामने से दादी पोते का नाम लेकर पूछती हैं कि “अमन, तुम बोल रहे हो?”, तो ठग वही पोता यानी अमन बनकर कहता है कि वह किसी मुसीबत में है या उसे कुछ खरीदना है तो पैसे दे दो और मम्मी-पापा गुस्सा करेंगे तो उन्हें मत बताना. बुजुर्ग इस झांसे में आसानी से आ जाते हैं.

ओवरपेमेंट स्कैम– इसमें स्कैमर्स आपको यकीन दिलाने की कोशिश करेंगे कि उन्होंने आपको गलती से ज्यादा पैसे भेज दिए हैं और आप उन्हें जितना ज्यादा पैसा भेजा है वो लौटा दीजिये. आपको आखिर में पता चलता है कि आपके पास कोई राशि आई ही नहीं है. 

 इन ठगों से बचें ऐसे

साइबर क्राइम एक्सपर्ट रक्षित कहते हैं, “देखिए, हमेशा कहा जाता है कि प्रिवेंशन इज बेटर देन इन्वेस्टीगेशन. इन ठगों को रोकने के लिए जो भी प्लेटफॉर्म, डिवाइस या फ्रेमवर्क आप इस्तेमाल करते हैं आपको उसकी प्रॉपर नॉलेज होनी चाहिए. उदाहरण के तौर पर आप ईमेल इस्तेमाल करते हैं, तो आपको पता होना चाहिए कि आपके ईमेल को कैसे सुरक्षित रखा जाए. ईमेल से हमारा फोन चलता है, ईमेल से हम सोशल मीडिया पर खाता बनाते हैं, और उसी ईमेल को सुरक्षित रखना जानते नहीं हैं. पता चले कोई हैकर आपका ईमेल चुरा ले और आपको नुक्सान पहुंचा दे. अपने ईमेल और सोशल मीडिया खाते को सुरक्षित रखने के लिए और इन अपराधों से बचने के लिए आप अपनी आईडी पर डबल वेरिफिकेशन करके रखें. इसे कहा जाता है टू स्टेप वेरिफिकेशन. इससे आपकी आईडी सिर्फ पासवर्ड से नहीं खुलेगी, उसे खोलने के लिए आपको दो बार अपना परिचय देना पड़ेगा.”

इसके अलावा ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए निम्न सावधानियां जरूर बरतें –

1. किसी भी अनजान यूपीआई लिंक को कभी क्लिक मत कीजिए.

2. अगर आप किसी नई वेबसाइट से शॉपिंग कर रहे हैं तो गूगल पर जाकर उस वेबसाइट के नाम के आगे “स्कैम”, “रिव्यूज” और “कम्प्लेंट्स” कीवर्ड डालकर सर्च कीजिये.

3. अपनी बैंक डिटेल्स सिर्फ उन्हीं दुकानदारों को दीजिये जिनपर आप विश्वास करते हैं.

4. अगर आपको किसी अनजान नंबर से कॉल या मैसेज आता है जो पैसों की मांग करे तो उसे तुरंत ब्लॉक कर दीजिये.

5. आपके बैंक अकाउंट से किसी भी तरह का अनचाहा विड्रॉअल होता है तो तुरंत अपने बैंक को सूचना दीजिये.

6. सिर्फ उन्हीं फ्री वाईफाई से अपना फोन कनेक्ट करें जिस नेटवर्क को आप जानते हों, जैसे किसी लाइब्रेरी या होटल का वाईफाई.

7. जिस इंटरनेट कनेक्शन को आप न जानते हों, उनसे कभी भी पैसे ट्रांसफर या कोई पेमेंट न करें.

8. उन ऐप्स और वेबसाइट्स से दूर रहें जिनके डिस्क्रिप्शन गलत हों और यूजर फीडबैक न हों.

9. जब कोई ऐप आपसे आपके फोन की अत्यधिक गैरजरूरी जानकारी मांगे तो वह स्कैम ऐप हो सकती है.

10. अपने मोबाइल और टेबलेट की सिक्योरिटी से छेड़छाड़ न करें और न ही उन्हें हटाएं. ये सेटिंग्स हैकर्स को दूर रखती हैं.

11. कभी भी किसी व्यक्ति को अपनी निजी जानकारी न दें. अगर वो आपसे पूछे कि “मैं बोल रहा हूँ, पहचाना” तो कोई नाम खुद से बताने की बजाय सीधा कहें “नहीं”.

12. अपना क्रेडिट कार्ड नंबर ऑनलाइन किसी अनजान व्यक्ति को कभी न दें.

13. अगर आपने कोई सामान आर्डर नहीं किया है और फिर भी आपको शिपिंग का मैसेज आए तो उस मैसेज का एड्रेस देखें, कोई गड़बड़ दिखे तो नंबर ब्लॉक कर दें.

14. जिस सामान को आर्डर नहीं किया है उसे पैसे देकर रिसीव न करें.

15. अगर आपके पास कोई ईमेल आया है और उसमें कोई अनचाही अटैचमेंट है तो उसे ओपन न करें, अनजान हायपरलिंक्स को भी न खोलें. ये फिशिंग स्कैम हो सकता है.

16. फेक वेबसाइट्स बुरी तरह डिजाइन हुई दिखती हैं, अनप्रोफेशनल दिखती हैं और उनके लिंक्स ठीक से काम नहीं करते हैं. ऐसी वेबसाइट्स से शॉपिंग न करें.

17. फेक वेबसाइट्स पर कोई पता और फोन नंबर भी नहीं होता है.

18. उन वेबसाइट्स से कभी शॉपिंग ना करें, जिनका कस्टमर केयर फोन नंबर चल नहीं रहा हो.

19. आपकी बैंक डिटेल्स या पर्सनल डिटेल्स मांगने वाले पॉप-अप्स, नोटिफिकेशन और मैसेज से बचकर रहें.

20. अपने सभी सॉफ्टवेयर्स में एंटी-वायरस को अपडेटेड रखें.

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