ज्‍यादा धूल से बढ़ सकती है हेल्‍थ प्रॉब्‍लम्‍स, इन टिप्‍स से करें घर की डीप क्‍लीनिंग: Home Dust Cleaning
Home Dust Cleaning Credit: Istock

Home Dust Cleaning:  इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप घर को कितनी बार साफ करते हैं या डस्टिंग करते हैं। धूल थोड़ी देर में टेबल और बेड साइड में नजर आने लगती है। वहीं कई बार इतनी सफाई करने के बावजूद हमेशा कोई न कोई कोना या जगह सफाई करने से चूक ही जाती है। घर में धूल का होना कई हेल्‍थ प्रॉब्‍लम्‍स और बीमारियों को बढ़ावा देता है। धूल न केवल एलर्जिक रिएक्‍शन का कारण बन सकती है, बल्कि ये कई प्री-हेल्‍थ कंडीशंस को भी खराब कर सकती है। इसलिए घर की साफ-सफाई पर विशेष ध्‍यान देना आवश्‍यक होता है। यदि आप भी धूल की समस्‍या से परेशान हैं तो ये टिप्‍स आपके काम की हो सकती हैं। चलिए जानते हैं इनके बारे में।

डेली क्‍लीनिंग रुटीन

Home Dust Cleaning
Home Dust Cleaning-Daily cleaning routine

जब धूल की बात आती है तो इसे रोकना ही बेस्‍ट ऑप्‍शन हो सकता है। धूल से छुटकारा पाने के लिए आपको डेली क्‍लीनिंग रुटीन को अपनाना होगा। यानी कि आप बिना गैप दिए डेली घर की सफाई करेंगे। वहीं डीप क्‍लीनिंग के लिए डस्‍टिंग बेहद जरूरी होती है।

सही क्रम में सफाई

क्‍या आपको लगता है कि आप अपने घर की सफाई सही क्रम में कर रहे हैं। कई बार हम पहले नीचे की सफाई करते हैं फ‍िर ऊपर की चीजें साफ करते हैं. ऐसे में ऊपर की धूल नीचे की चीजों या फर्श पर जाकर जमा हो जाती है। इसका मतलब है कि आपने वैक्‍यूमिंग में जो समय खर्च किया वो बेकार हो गया। घर का काम करते वक्‍त ऊपर से नीचे की ओर सफाई करें। धूल को रोकने के लिए हर कमरे को बारी-बारी से साफ करें।

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माइक्रोफाइबर कपड़े का यूज

घर को साफ रखने का वास्‍तविक तरीका है कि आप धूल को साफ करें। धूल साफ करते समय आपको माइक्रोफाइबर कपड़े का उपयोग करना चाहिए क्‍योंकि ये कपड़ा धूल के छोटे कणों को आसानी से समेट लेता है। इसके अलावा कोने और नजरअंदाज किए जाने वाले क्षेत्रों को साफ रखें जहां धूल और मकडि़यां उत्‍पन्‍न हो सकती है।

समय पर बदलें बेडशीट

धूल से बचाव जरूरी
Home Dust Cleaning-Change bedsheet on time

कई लोगों का मानना है कि बिस्‍तर और तकिए अधिक समय तक गंदे नहीं होते, जिस वजह से वह 10-15 दिन में इसके कवर बदलते हैं। आपको बता दें कि आप जिस बिस्‍तर पर हर रात सोते हैं, उसमें आपकी स्किन, बाल और पसीना रह जाता है जो बी‍मारी का कारण बन सकता है। इसलिए डीप क्‍लीनिंग के लिए हफ्ते में एक बार बेडशीट और पिलो कवर को अवश्‍य बदलें।

घर में बनाएं क्‍लीनिंग लिक्‍विड

क्‍लीनिंग लिक्विड बनाने के लिए आपको रीठा और पानी की आवश्‍यकता पड़ेगी। सबसे पहले 25 से 30 रीठे को एक प्रेशर कुकर में उबाल लें। लगभग पांच सीटियों का इंतजार करें। कुकर ठंडा होने पर पानी में से रीठा अलग कर लें। रीठे के सभी बीजों को निकाल लें और फिर उसको मिक्‍सी में डालकर पेस्‍ट बना लें। अब इस पेस्‍ट को पानी के साथ मिक्‍स कर लें। इसमें थोड़ा सी ग्‍लीसरीन मिलाएं। इस मिक्‍चर को कपड़े में डालकर फर्नीचर, मिरर और टेबल टॉप की सफाई की जा सकती है। वहीं इसका इस्‍तेमाल फ्लोर क्‍लीनर के रूप में भी किया जा सकता है।