Handle Bully Child: कई बच्चे बहुत ही चंचल और काफी बातुनी किस्म के होते हैं, वहीं कुछ बच्चे बहुत ही शांत और कम बोलने वाले होते हैं। ऐसे बच्चे अपने साथ घट रही चीजों के बारे में खुलकर अपने पेरेंट्स से बोल भी नहीं पाते। छोटे बच्चों के साथ कई बार ऐसा होता है कि उन्हें कुछ दूसरे बच्चे बुली करते हैं।
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लेकिन अगर आपका बच्चा हर वक्त डरा सहमा रहता है औऱ आपसे पूछने पर भी कुछ नहीं बताता, तो आपको सर्तक होने की जरूरत है। ऐसे में पेरेंट्स ही अपने बच्चे का हौंसला बढ़ा सकते हैं।
अगर आपको लगता है कि आपके बच्चे को स्कूल में या घर के आसपास बच्चों के जरिए बुली किया जा रहा है, तो आपको कुछ टिप्स से बच्चे को इससे उबरने के लिए मोटिवेट करना चाहिए। आइए आपको बताते हैं, ऐसे ही टिप्स के बारे में जिससे आप अपने बच्चे को बुली होने से बचा सकते हैं।
अपने बच्चे से बात करें

अगर आपको लगता है कि आपके बच्चे को बुली किया जाता है और वो इससे परेशान रहने लगा है, तो आपको उससे बात करनी चाहिए। उससे इतनी दोस्ती बनाएं कि वो आपसे अपनी हर परेशानी के बारे में खुलकर रह सके। कोशिश करें कि बातचीत करके आप अपने बच्चे का मनोबल बढ़ा सकें।
बच्चे को पॉजिटिव रहना सिखाएं
बच्चे को दूसरों की इन हरकतों से बचाने के लिए जरूरी है कि उसे पॉजिटिव रहना सिखाया जाए। बच्चे को सिखाएं कि कैसे टीचर की डांट या दोस्तों के बुली करने पर उसे पॉजिटिव तरीके से लेना है। इसके साथ ही जिस बात को लेकर सब उन्हें बुली करते हैं, अपने आप में वो सुधार लाने के तरीके के बारे में सिखाएं।
करियर पर फोकस करना सिखाएं

अगर आपका बच्चा दूसरों के चिढ़ाने और बुली करने से अपनी पढ़ाई पर फोकस नहीं कर पा रहा है, तो उसे प्यार से करियर पर फोकस करने के बारे में बताएं। अक्सर बुली होने पर बच्चे अपने आप में कमियों को देखने लगते हैं। ऐसे में आप उन्हें उनके लक्ष्य पर फोकस रहने के लिए मोटिवेट करें।
एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज का हिस्सा बनाएं
अगर बच्चा हर समय दूसरों के तानों और उनकी कही बातों के बारे में ही सोचे जा रहा है, तो ऐसे में पेरेंट्स के लिए उसका ध्यान वहां से हटाना जरूरी है। ऐसे में आप बच्चे को उसकी हॉबी के हिसाब से एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज में शामिल होने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। इससे वो अपने स्किल्स पर फोकस करेगा।
क्या जरूरी है ये समझाएं

अगर दूसरों के ताने और तंज में बच्चे इतना खो जाते हैं कि सब कुछ भूल जाते हैं। इससे कई बार बच्चों में डिप्रेशन जैसे लक्षण भी दिखाई देने लगते हैं। ऐसे में बहुत जरूरी है कि पेरेंट्स बच्चे को समझाएं कि उनके लिए क्या जरूरी है और क्या नहीं। उन्हें दूसरों की बेकार की बातों के बारे में ना सोचने के लिए मोटिवेट करें। इसके अलावा आपको उन्हें मानसिक रूप से मजबूत भी बनाना होगा।
अगर आपके बच्चे को भी बुली किया जा रहा है, तो आपको भी इन टिप्स से अपने बच्चे के मनोबल को बढ़ाना होगा। ये उसके विकास के लिए बहुत जरूरी है।
