International Women’s Day Theme: महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को सेलिब्रेट करने के लिए हर साल 8 मार्च को दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस यानी वूमेंस डे मनाया जाता है। इस दिन खासतौर पर महिलाओं की उपलब्धियों और समान अधिकार की बात की जाती है और उन्हें सराहा जाता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता के प्रति लोगों को जागरुक करना है। इस दिन को मनाने के लिए हर साल खास थीम रखी जाती है जिसके तहत दुनियाभर में अनेकों कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। महिलाओं की शक्तियों और उनके समान अधिकारों को उजागर करने के लिए इस वर्ष बड़ी संख्या में युवा सामने आ रहे हैं और एसिलिरेट एक्शन ले रहे हैं। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की क्या है थीम और क्या है एसिलिरेट एक्शन चलिए जानते हैं इसके बारे में।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2025 की थीम

महिलाओं को समान अधिकार दिलाने के लिए इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम एसिलिरेट एक्शन रखी गई है। ये थीम महिलाओं की उन चुनौतियों पर केंद्रित है जिसका सामना आज भी महिजलाएं सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में कर रही हैं।
क्या है एसिलिरेट एक्शन
हर महिला दिवस पर महिलाओं को समान अधिकार देने की बात की जाती है लेकिन इसे पूरी तरह से लागू नहीं किया जाता। इसलिए इस वर्ष की थीम एसिलिरेट एक्शन रखी गई है। एसिलिरेट एक्शन का अर्थ है ‘अब बातें नहीं बल्कि ठोस कदम उठाने का समय आ गया है’। इस थीम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को लैंगिक अधिकार, नए अवसर और नीतियों को लागू करने के लिए प्रभावी कार्यवाही करना है। इसके जरिए महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक और पारिवारिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया जाएगा। वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के अनुसार वर्तमान प्रगति के आधार पर पूर्ण लैंगिक समानता तक पहुंचने में लगभग 2158 तक का समय लग सकता है यानी महिलाओं की पांच पीढि़या असमानता का सामना कर सकती हैं। ये एसिलिरेट एक्शन एक माध्यम है महिलाओं को सुरक्षा, अवसर और सम्मान दिलाने का।
युवा कर रहे हैं एसिलिरेट एक्शन
एकजुटता दिखाने के लिए युवा एसिलिरेट एक्शन की मुद्रा यानी पोज अपना रहे हैं। इस पोज से युवा प्रभावी क्षेत्र में कार्यवाई को तेज करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही वह सोशल मीडिया पर IWD2025 एसिलिरेट एक्शन का पोज साझा करने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं।
क्या है समानता का मुद्दा

समान वेतन की मांग: महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर काम करती हैं लेकिन उन्हें पुरुषों की अपेक्षा कम वेतन मिलता है। महिलाएं हर क्षेत्र में समानता का अधिकार प्राप्त करने की हकदार हैं।
सुरक्षा को प्राथमिकता: महिलाओं को अपने घर, कार्यस्थलों और सड़कों पर सुरक्षा मिले। उनसे बदसलूकी करने वाले को तुरंत सजा दी जाए।
आवाज को दें बढ़ावा: बैडरूम में, कार्यालयों में और पारिवारिक निर्णयों में महिलाओं की भागीदारी हो। वह जो कहना चाहती हैं उसे सुना जाए।
इकनॉमिक फ्रीडम: महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए इकनॉमिक फ्रीडम मिलनी चाहिए। उन्हें परिवार और सरकार की ओर से फाइनेंशियल सपोर्ट मिलना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का उद्देश्य
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण के प्रति समाज को जागरुक करने का काम किया जाता है। महिला दिवस का मुख्स उद्देश्य लिंगभेद का समाप्त करना है ताकि महिलाएं भी समाज में सिर उठाकर जी सकें और पुरुषों के समान अधिकारों का लाभ ले सकें।
