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अंडों को हमेशा से ही सेहतमंद माना जाता है। यह प्रोटीन का एक शानदार सोर्स हैं। यही कारण है कि लोग इसे डाइट में शामिल करते हैं। प्रोटीन के साथ ही अंडे में कई प्रकार के हेल्दी फैट, विटामिन और मिनरल्स होते हैं।
Fake Eggs Test: बॉडी बनानी है तो अंडे खाओ, फिट रहना है तो डाइट में अंडे शामिल करो, बच्चों के विकास के लिए अंडे जरूरी हैं…ऐसी बातें आपने अक्सर सुनी होंगी। ये सभी बातें काफी हद तक सही हैं। अंडों को हमेशा से ही सेहतमंद माना जाता है। यह प्रोटीन का एक शानदार सोर्स हैं। यही कारण है कि लोग इसे डाइट में शामिल करते हैं। प्रोटीन के साथ ही अंडे में कई प्रकार के हेल्दी फैट, विटामिन और मिनरल्स होते हैं। ये सभी शरीर के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करते हैं। लेकिन इन सभी के बीच चिंता की बात है नकली अंडे। जी हां, मिलावटी चीजों की लिस्ट में अब ‘नकली अंडे’ भी शामिल हो गए हैं। ये आपको सेहत नहीं, कई बीमारियां दे सकते हैं।
ऐसे बनाया जाता है नकली अंडा

खुद को और अपने परिवार को लिवर, किडनी, एलर्जी जैसी गंभीर बीमारियों से बचाना है तो आपको नकली अंडे की पहचान करना आना चाहिए। दरअसल, नकली अंडों को केमिकल और सिंथेटिक पदार्थों से बनाया जाता है। इन्हें जिलेटिन, सोडियम एल्गिनेट, आर्टिफिशियल कलर और कैल्शियम कार्बोनेट व प्लास्टिक आदि डालकर बनाया जाता है। इनमें कोई पोषक तत्व नहीं होता। बस ये बिलकुल असली अंडे जैसे दिखते हैं। यही कारण है कि लोग इन्हें पहचान नहीं पाते हैं।
कई बीमारियों का कारण हैं नकली अंडे
लोग सेहत के लिए अंडे खाते हैं, लेकिन नकली अंडे लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक होते हैं। नकली अंडों में प्लास्टिक जैसे खतरनाक पदार्थ होते हैं, जिन्हें शरीर आसानी से पचा नहीं पाता है। ये माइक्रोप्लास्टिक शरीर के महत्वपूर्ण अंगों के लिए बेहद हानिकारक होते हैं। इन नकली अंडों में सोडियम एल्गिनेट जैसा खतरनाक तत्व होते हैं। इससे कई प्रकार की स्किन एलर्जी होने का खतरा रहता है। केमिकल से बने ये अंडे किडनी और लिवर को डैमेज कर सकते हैं। इनसे पेट दर्द, अपच, आंतों में सूजन, सिरदर्द, दस्त, अल्सर जैसी कई परेशानियां हो सकती हैं।
ऐसे पहचानें नकली अंडों को
वैसे तो नकली और असली अंडे देखने में बिल्कुल एक जैसे लगते हैं। लेकिन बारीकी से देखने पर आप इसमें अंतर का पता लगा सकते हैं। नकली अंडे काफी चिकने होते हैं। वहीं असली अंडे का छिलका थोड़ा सा खुरदुरा लगता है। यह बहुत ज्यादा सफेद नहीं होता है। असली अंडे की जर्दी काफी गाढ़ी होती है और आसानी से टूटती नहीं है। वहीं नकली अंडे की जर्दी आसानी से टूट जाती है। नकली अंडे की पहचान करने का सबसे आसान तरीका है ‘वाटर टेस्ट’ करना। इसके लिए आप गिलास में पानी भरें। असली अंडा पानी की सतह के नीचे बैठ जाता है। वहीं नकली अंडा प्लास्टिक से बना होने के कारण पानी की सतह के ऊपर तैरने लगता है। आप साउंड टेस्ट से भी असली और नकली अंडे की पहचान कर सकते हैं। असली अंडे को हिलाने पर उसमें से कोई आवाज नहीं आती है। वहीं नकली अंडा आवाज करता है। अगर आपको शक है कि अंडा नकली है तो आप उसके छिलके को जलाएं। प्लास्टिक का होने के कारण इसका छिलका पिघलने लग जाएगा।
