Dr. Sonali Ghosh, Director of Kaziranga National Park, has received the Kenton Miller Award from the International Union for Conservation of Nature (IUCN).

summary: डॉ. सोनाली घोष को मिला IUCN का ‘केंटन मिलर पुरस्कार’, सम्मान पाने वाली पहली भारतीय बनीं

भारत के लिए यह एक गर्व की बात है कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की निदेशक डॉ. सोनाली घोष को ‘केंटन मिलर पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उन्हें IUCN (इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर) की ओर से दिया गया है।

Sonali Ghosh: आज की महिलाएं किसी भी मामले में पुरुषों से कम नहीं हैं, और एक बार फिर यह साबित हुआ है। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिज़र्व की निदेशक डॉ. सोनाली घोष को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा सम्मान मिला है। उन्हें IUCN (इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर) की ओर से ‘केंटन मिलर अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। इस अवॉर्ड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि डॉ. सोनाली घोष इस पुरस्कार को पाने वाली पहली भारतीय बनी हैं। इतने वर्षों में यह सम्मान किसी भी भारतीय को पहली बार मिला है। यह प्रतिष्ठित अवार्ड 2025 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी में आयोजित विश्व संरक्षण कांग्रेस के दौरान प्रदान किया गया। यह सम्मान मिलना न केवल डॉ. सोनाली घोष के लिए, बल्कि पूरे भारत और ख़ासकर से महिलाओं के लिए गर्व की बात है। ऐसे में यह स्वाभाविक है कि लोग जानना चाहेंगे कि डॉ. सोनाली घोष कौन हैं और इस अवार्ड की खासियत क्या है। तो आइए, जानते हैं इस बारे में।

यह पुरस्कार 2006 में शुरू हुआ था और हर दो साल में दिया जाता है। इसका नाम आईयूसीएन के एक पूर्व महानिदेशक के नाम पर रखा गया है। यह उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने जंगल, जानवरों और पर्यावरण की रक्षा के लिए नए और असरदार तरीके अपनाए हों, जैसे कि अवैध शिकार रोकना, जलवायु परिवर्तन से निपटना, या सीमित पैसों में अच्छा काम करना।

Sonali ghosh
Sonali ghosh

आईयूसीएन ने कहा कि डॉ. घोष ने ऐसा मॉडल बनाया है जो स्थानीय लोगों को शामिल करता है, जागरूकता फैलाता है, और पुराने पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़ता है। यह मॉडल खासकर काजीरंगा और मानस राष्ट्रीय उद्यान जैसे क्षेत्रों में बहुत असरदार रहा है।

डॉ. घोष का जन्म एक सैन्य परिवार में हुआ था और वो एक अनुभवी अधिकारी हैं, जो भारतीय वन सेवा (IFS) से जुड़ी हुई हैं। वे काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की पहली महिला फील्ड डायरेक्टर बनीं, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने अपना करियर भी काजीरंगा से ही शुरू किया था।

डॉ. घोष ने वन्यजीव विज्ञान और वानिकी में कई उच्च स्तर की पढ़ाई की हैं। उन्होंने रिमोट सेंसिंग टेक्नोलॉजी में पीएचडी की है, जिसमें उन्होंने भारत-भूटान सीमा के पास मानस राष्ट्रीय उद्यान में बाघों के लिए उपयुक्त आवास का अध्ययन किया। इसके अलावा, उन्होंने नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) से पर्यावरण कानून में स्नातकोत्तर डिप्लोमा भी किया है।

Sonali ghosh achievement
Sonali ghosh achievement

इस अवार्ड के अलावा उन्होंने 2002-03 में भारतीय वन सेवा की परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था। इसके बाद वे असम वन विभाग में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुकी हैं, जिनमें प्रधान मुख्य वन संरक्षक का पद भी शामिल है। गौरतलब है कि डॉ. सोनाली घोष हाल ही में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की पहली महिला निदेशक बनी थीं, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

स्वाति कुमारी एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो वर्तमान में गृहलक्ष्मी में फ्रीलांसर के रूप में काम कर रही हैं। चार वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली स्वाति को खासतौर पर लाइफस्टाइल विषयों पर लेखन में दक्षता हासिल है। खाली समय...