पूजा-पाठ में रुचि रखने वाले घर में एक पौधे की मौजूदगी पक्की कर लेना चाहते हैं। इस पौधे की हर हिन्दू परिवार में अपनी अलग ही अहमियत होती है। इस खास पौधे का नाम है तुलसी। जिसकी पूजा ज्यादातर परिवारों में की ही जाती है। लेकिन पूजा की कैसे जाती है? आप कहेंगी…इसमें कौन सी बड़ी बात है। ये तो बहुत ही मामूली बात है। मगर ऐसा नहीं है। तुलसी पूजा के लिए आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखने की जरूरत होती है। इन बातों का ध्यान रख कर पूजा का पूरा पुण्य आसानी से मिलेगा और भरपूर भी। तुलसी पूजा और इनकी पत्तियों के इसमें इस्तेमाल से जुड़ी कुछ जरूरी बातें आइए जान लें-

कब और कहां-
तुलसी का पौधा किसी दूसरे पौधे की तरह बिलकुल नहीं होता है। मतलब इसे ऐसे ही कहीं भी और कभी भी लगा देना गलत होता है। इसको लगाने का तो एक खास दिन और जगह भी है। दरअसल तुलसी के पौधे को हमेशा घर के आंगन में बीच में लगाया जाना चाहिए। इसके अलावा फ्लैट में रहती हैं तो अपने सोने के कमरे वाली बालकनी में भी इसे लगाया जा सकता है। इसको घर में लगाने का सबसे पवित्र दिन गुरुवार का माना जाता है। इसलिए हमेशा तुलसी के पौधे को इसी दिन पर घर में स्थापित करें।
सुबह और शाम-
तुलसी के पौधे की पूजा करनी है तो शुरुआत हमेशा सुबह पौधे में जल डालकर करें। फिर इसकी परिक्रमा भी करें। इसके अलावा हर शाम को तुलसी के पौधे के नीचे घी का दिया भी जरूर जलाएं। लेकिन हां, रविवार को तुलसी के बीचे दीपक बिलकुल न जलाएं।
पत्ती तोड़ें मगर-
कई सारे दूसरे पौधों की तरह तुलसी की पत्ती की अपनी अलग चिकित्सीय उपलब्धियां होती हैं। इसको कई तरह के काढ़ों के साथ दवा के रूप में भी ग्रहण किया जाता है। आयुर्वेदिक डॉक्टर तो अक्सर इनके इस्तेमाल की सलाह देते हैं। मगर इसकी आध्यात्मिक अहमियत भी हैं। इसकी क्योंकि पूजा भी की जाती है इसलिए इसको तोड़ने से जुड़े भी कई सारे नियम हैं। इसे कभी भी यूंहीं नहीं तोड़ सकते हैं। तुलसी की पत्ती को तोड़ने का सही समय सिर्फ सुबह का ही होता है। इसे कभी भी रात या शाम को नहीं तोड़ना चाहिए।
तुलसी पूजा में चढ़ाएं-
तुलसी के पत्तों को पूजा में भी रखा जाता है। लेकिन याद रखिए कि इन पत्तों को कभी भी भगवान गणेश और मां दुर्गा पर नहीं चढ़ाना है। इस बात का ध्यान पूजा करते समय जरूर रखना है। ये भी ध्यान रखिए कि तुलसी के पत्ते बासी नहीं होते हैं। इसलिए पूजा में तुलसी के पुराने पत्ते आसानी से इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
