साईं बाबा, जिनकी इंसान के तौर पर दुनिया में आने और फिर भगवान वाली छवि बनाने की कहानियां कइयों ने सुनी होगी। इसके मंदिरों के बारे में भी आपने खूब सुना होगा। इनमें से काइयों को आपने देखा भी होगा। मगर साईं के मंदिरों की बात करें तो इनको मानने वालों ने पूरी दुनिया में इनके अनेकों मंदिर बनवा रखे हैं। ये सिर्फ भारत में नहीं हैं, बल्कि साईं के मंदिर तो पाकिस्तान, यूके, कनाडा और यूनाइटेड  के साथ कई और देशों में भी हैं। लेकिन साईं के भक्तों के लिए तब एक और अनोखी खबर आई थी, जब उन्हें पता चला कि दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति भारत में बनने वाली है। वो मूर्ति जिसे देखने के लिए पूरी दुनिया के लोग उत्साहित रहते हैं। फिर जब ये बनकर तैयार हुई तो मानो आस्था का सैलाब ही आ गया हो। इस खुशी से आप भी रूबरू हो लीजिए और जान लीजिए कि ये मूर्ति आंध्र प्रदेश के छोटे से गांव में है। ये मूर्ति आस्था दोगुनी करती ही है, अचंभित भी करती है। ये इंसानी कारीगरी का अद्भुत नमूना जो है। साईं की इस सबसे ऊंची मूर्ति के बारे में सारी बातें जान लीजिए-
इत्ती ऊंची-
इस मूर्ति की ऊंचाई सुनकर आपकी आंखें बड़ी भी हो सकती हैं। आप चौंक भी सकती हैं। ये मूर्ति पूरे 116 फीट ऊंची है। मूर्ति को आंध्र प्रदेश के ईस्ट गोदावरी जिले में काकीनाडा कस्बे के रेपुर गांव में बनाया गया है। इस मंदिर का कार्यभार रेपुरु श्री शिरडी साईं बाबा सेवाश्रम के पास है। 
18 फीट के पैर-
साईं बाबा की मूर्ति बैठी हुई बनी है। मूर्ति के बैठने का स्थान करीब 4 मंजिल ऊंचाई पर है। इसका बायां पैर करीब 18 फीट ऊंचाई पर है। पर ये पैर और बैठने का पॉश्चर ही मंदिर के स्ट्राक्चर की तरह काम करता है। 
11 साल का लंबा समय-
साईं बाबा की इस मूर्ति को बनाने में पूरे 11 साल का समय लग गया था। इसको साल 2001 में बनाना शुरू किया गया था और ये बनकर तैयार हुई 1 जनवरी, 2012 में। 
करोड़ों की सीमेंट-
साईं बाबा की इस अद्भुत मूर्ति को बनाने में करोड़ों का सामान लग गया था। इस मूर्ति को बनाने में 2.5 करोड़ का सीमेंट और कंक्रीट लगाया गया था। जबकि इसकी कुल कीमत करीब 3 करोड़ रही। तब कहीं जाकर इस 1000 टन से भी ज्यादा भारी मूर्ति को बनाया जा सका था। खास बात ये भी है कि इसे बनाने के बाद 500 साल की गारंटी भी दी गई है। 
इससे पहले-
इस मूर्ति से पहले आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम में मौजूद साईं बाबा की मूर्ति सबसे ऊंची मूर्ति मानी जाती थी। इसकी ऊंचाई 44 फीट है। 
संगमरमर की मूर्ति-
इस बड़ी मूर्ति के ठीक सामने एक संगमरमर से बनी साईं बाबा की मूर्ति भी है, जिसे भक्तों के लिए पूजा करने के मकसद से बनवाया गया है। यहां साईं बाबा के कई तरह के रूप देखे जा सकते हैं।