साई बाबा…वो जीवित इंसान, जिन्हें लोगों ने भगवान माना। दुनियाभर में उनके करोड़ों भक्त हैं और अनेकों मंदिर भी। साई बाबा से जुड़ी ढेरों कहानियां भी हैं। महाराष्ट्र के शिरडी में बने साईं मंदिर से जुड़ी तो अनगिनत मान्यताएं हैं और रोचक कहानियां भी। इस मंदिर में तो रोज करोड़ों लोग दर्शन के लिए आते हैं। मगर इस जैसे और भी कई मंदिर हैं, जहां भक्त आशीर्वाद लेने आते हैं। भले ही शिरडी साईं बाबा जितनी प्रसिद्धि इनकी नहीं है लेकिन मान्यता में ये कम भी नहीं हैं। साई बाबा के इन्हीं मंदिरों की कहानी आइए जानें, यकीन कीजिए आपकी आस्था थोड़ी और बढ़ जाएगी। और आप इनके दर्शन किए बिना खुद को रोक नहीं पाएंगे। चलिए फिर-
शिरडी साई बाबा मंदिर, चेन्नई
करीब 70 साल पुराने इस मंदिर की स्थापना नरसिम्हा स्वामी ने 1952 में की थी। नरसिम्हा स्वामी साई बाबा के बड़े भक्त थे। ये मंदिर चेन्नई के मायलापुर में बना है। ये तमिलनाडू का ऐसा मंदिर है, जिसे राज्य के सभी मंदिर में सबसे ज्यादा भक्त देखने आते हैं। ये मंदिर ऑल इंडिया साई समाज का सेंटर भी है। ये मंदिर इस समाज का हेडक्वाटर भी माना जाता है। इस समज की स्थापना भी 1940 में नरसिम्हा स्वामी ने ही की थी। 
शिरडी साई बाबा मंदिर, अहमदनगर, महाराष्ट्र-
श्री साई बाबा की समाधि पर बना ये मंदिर 1992 में बनाया गया था। महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में बने इस मंदिर को श्री साई बाबा संस्थान की ओर से चलाया जाता है। अनोखी बात ये भी है कि मंदिर के बीच शहर में न होने के बाद भी यहां रोज करीब 60000 लोग दर्शन के लिए आते हैं। भक्तों का ये आंकड़ा छुट्टी के दिन में 1 लाख तो किसी खास त्योहार पर 3 लाख तक पहुंच जाता है। 
श्री साई जन्मस्थान मंदिर, पथरी, महाराष्ट्र-
महाराष्ट्र के परभणी जिले के पथरी में बना है श्री साई जन्मस्थान मंदिर। खास बात ये है कि पथरी में ही साई बाबा का जन्म हुआ था। इस जगह पर मंदिर बनाने के
मकसद से ही यहां ट्रस्ट बनाया गया था। मंदिर का ये ट्रस्ट साई बाबा की दी हुई शिक्षा और जीवन ज्ञान को बढ़ाने का काम करता है। 
श्री शिरडी साई बाबा मंदिर, चित्तूर, आंध्र प्रदेश-
चित्तूर के इस मंदिर में साई बाबा की मार्बल से बनी बेहद सुंदर मूर्ति है। इस मंदिर में रोज कई आरती होती हैं, जैसे ककड़ आरती, धूप आरती, नून आरती और शेज आरती। इस मंदिर में कुछ खास मौकों पर आना बेहद अनोखा अनुभव देता है, जैसे गुरु पूर्णिमा, दत्ता जयंती, विजयदशमी और रामनवमी। 
शिरडी साई मंदिर, ओडिशा-
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में बने उस मंदिर में तीन खास त्योहार बनाए जाते हैं। मार्च/अप्रैल में रामनवमी, जुलाई में गुरु पुर्णिमा और सितंबर/अक्टूबर में विजयदशमी। इन मंदिर की स्थापना की शुरुआत माघ पुर्णिमा के दिन 1995 में हुई थी। इस दिन मंदिर का भूमि पूजन किया गया था। ये श्री शिरडी साई बाबा स्प्रिचुअल एंड चेरिटेबल ट्रस्ट, चेन्नई का मंदिर है। 

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