शनि ग्रह का नाम सुनते ही मन विचलित हो उठता है। हांलाकि शनिग्रह की उत्पत्ति सूर्य से ही हुई है, मगर फिर भी ये ग्रह सूर्य से 88 करोड़ मील दूरी पर स्थ्ति है। जब कि धरती से इसकी दूरी 89 करोड़ मील ही है। दरअसल, शनिग्रह एक राशि पर करीबन ढ़ाई साल तक रहता है। अगर आपकी राशि में शनि की दशा सही है, तो आपको खूब सौभाग्य की प्राप्ति होती है। शनि की ढ़ैय्या आपको उंचाईयों तक ले जाने में मददगार साबित होती है। इसके अलावा शनि से आपको जीवन की सभी खुशियां हासिल होती हैं। बशर्तें आप मास मदिरा यां फिर पराई स्त्री का साथ न रखें। साथ ही किसी का दिल दुखाना भी शनि के दुष्प्रभावों को कारण साबित हो सकता है।

शनि के सकारात्मक प्रभाव

अगर आपकी कुंडली में शनि की दशा अच्छी हो तो आपको अच्छा परिवार, उंचा पद और मान प्रतिष्ठा हासिल होती है। इसके अलावा आपको सहनशील सेवक और समझदार जीवनसाथी भी हासिल होता है। राशि में शनि की उचित दशा होने के कारण शुक्र की दशा भी अच्छी ही बनी रहती है। इससे आपको जीवन में सुख और समृद्धि हासिल होती है। 

 

नीच का हो शनि तो करें ये विशेष उपाय

शनिदेव भगवान शंकर के परम भक्त हैं और अगर आपके उपर स्वंय भगवान शंकर की कृपा बनी हुई हैए तो शनि से आपको कोई हानि नहीं पहुंच सकती। ऐसे में नियमित रूप से शिवलिंग की पूजा व आराधना करनी चाहिए। पीपल में सभी देवताओं का निवास कहा गया है इस लिए पीपल को अर्घ्य देने अर्थात जल देने से शनि देव प्रसन्न होते हैं। अनुराधा नक्षत्र में जिस दिन अमावस्या हो और शनिवार का दिन हो उस दिन आप तेलए तिल सहित विधि पूर्वक पीपल वृक्ष की पूजा करें तो शनि के कोप से आपको मुक्ति मिलती है।

अगर आप भी इसी समस्या से ग्रस्त है, तो सबसे पहले हर काम के लिए अपने बड़े बुजुर्गां का आर्शीवाद लें और उन्हें सम्मान दें।

लोहे का चिमटा और जूतों का दान करें

इसके अलावा यज्ञ के लिए लकड़ियों और कोयले का दान करें, ताकि आप इस संकट से बाहर आ सकें।

शनिदेव की प्रसन्नता हेतु शनि स्तोत्र का नियमित पाठ करना चाहिए।

 

शनि की साढे़साती के लक्षण

शनि की साढ़ेसाती आरंभ होने का सबसे प्रमुख लक्षण है, घर में एक के बाद एक मुसीबतों का दस्तक देना। दरअसल, इस अवस्था में एक परेशानी जैसे ही समाप्त होती है, दूसरी परेशानी तभी घेर लेती है।

इसके अलावा अक्सर घर से जूते चप्पल का गायब हो जाना।

अगर आपके उपर शनि की ढ़ैय्या है, तो आप अकारण बार बार कलंकित हो सकते हैं।

घर में हर वक्त कोई न कोई सदस्य बीमार रहता है।

घर के सदस्यों की मास मदिरा के प्रति विशेष रूचि बढ़ने लगती है।

आपको आंख व कान में तकलीफ महसूस होने लगती है।

अगर आपके घर में अचानक आग लगी है, तो ये भी शनि की साढ़ेसाती की ओर इशारा करता है।

 

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