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माना जाता है कि ठाकुर जी की सेवा का पुण्य बहुत भाग्यशाली लोगों को ही मिलता है। हालांकि इस सेवा के दौरान आपको कई बातों का ध्यान रखना चाहिए।
Laddu Gopal Bhog Tips: श्री कृष्ण के जिन भक्तों ने अपने घर में उनके बाल रूप यानी लड्डू गोपाल विराज रखे हैं, उनके लिए वे परिवार के किसी अहम सदस्य की तरह ही होते हैं। उनकी सेवा, पूजा, भोग से लेकर शयन तक की सारी व्यवस्थाएं बेहद खास होती हैं। माना जाता है कि ठाकुर जी की सेवा का पुण्य बहुत भाग्यशाली लोगों को ही मिलता है। हालांकि इस सेवा के दौरान आपको कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। 26 अगस्त को जन्माष्टमी का महापर्व मनाया जाएगा। इस दौरान आपको भूलकर भी ये गलतियां नहीं करनी चाहिए।
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नहीं करें काले वस्त्रों का उपयोग

जन्माष्टमी के महापर्व पर आपको भूलकर भी कान्हा जी को काली रंग की पोशाक धारण नहीं करवानी चाहिए। इतना ही नहीं जातकों को स्वयं भी काले वस्त्र नहीं पहनने चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से आपको कृष्ण भक्ति का पूर्ण पुण्य नहीं मिल पाता है। आपके जीवन में नकारात्मकता आने लगती है।
नहीं तोड़ें तुलसी के पत्ते
वैसे तो धार्मिक कार्यों में तुलसी के पत्तों का विशेष महत्व होता है। लेकिन जन्माष्टमी के दिन आपको भूलकर भी तुलसी का पत्ता नहीं तोड़ना चाहिए। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार तुलसी के पवित्र पत्ते में माता लक्ष्मी का वास होता है। ऐसे में जन्माष्टमी के दिन उसे नहीं तोड़ना चाहिए। क्योंकि श्री कृष्ण विष्णु अवतार हैं। माना जाता है कि इस दिन तुलसी का पत्ता तोड़ने से पूजा सफल नहीं हो पाती है। अगर आपको चरणामृत में तुलसी डालनी है तो आप उसे एक दिन पहले ही तोड़ कर रख लें।
तामसिक भोजन से रहें दूर
अपने लड्डू गोपाल को हमेशा सात्विक भोजन का ही भोग लगाएं। वहीं जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर आपको भूलकर भी घर में तामसिक भोजन नहीं बनाना चाहिए। न ही ऐसे भोजन का सेवन करना चाहिए। इसके साथ ही जन्माष्टमी के दिन आपको घर में न ही चावल पकाने चाहिए और न ही खाने चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से श्री कृष्ण नाराज हो सकते हैं।
गौ सेवा करना है जरूरी
यह बात तो हम सभी जानते हैं कि श्री कृष्ण को गायों से विशेष प्रेम है। इसलिए जन्माष्टमी के दिन आपको गौ सेवा जरूर करनी चाहिए। घर में बना भोग सबसे पहले गाय और बछड़े को खिलाएं। अगर गाय और बछड़ा आपके घर के बाहर आए तो उसे भूलकर भी न भगाएं। बल्कि उनकी सेवा करें, उन्हें रोटी, भोग और चारा खिलाएं। इससे आपको पुण्य मिलेगा।
नमकीन-बिस्कुट का भोग
कुछ कृष्ण भक्त जन्माष्टमी पर 56 भोग की झांकी सजाते हैं और उसमें भोग की संख्या बढ़ाने के लिए कई प्रकार की नमकीन, पापड़ और बिस्कुट भी शामिल कर देते हैं। वैसे तो आप इन तीनों ही चीजों का भोग कान्हा को लगा सकते हैं। लेकिन इससे पहले कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें। पहला ये कि नमकीन और पापड़ में लहसुन और प्याज नहीं होना चाहिए। वहीं आजकल कई बिस्कुट और कुकीज में अंडा डाला जाता है। इसलिए इन्हें भोग में शामिल करने से पहले आप इन सभी की सामग्री को अच्छे से जांच लें।
