DIY coffee mosquito repellent
DIY coffee mosquito repellent

Overview:कॉफी का बचा पाउडर फेंकें नहीं, ऐसे करें इस्तेमाल और पाएँ मच्छरों से छुटकारा

कॉफी पीने के बाद बचा पाउडर फेंकने के बजाय मच्छरों से बचने में काम आ सकता है। इसे चार आसान तरीकों से यूज़ किया जा सकता है – धुंआ करके, पौधों की मिट्टी में डालकर, पानी में घोल बनाकर स्प्रे करके और दरवाजों-खिड़कियों पर रखकर। यह नेचुरल और सस्ता उपाय है, जो बिना किसी कैमिकल के मच्छरों को दूर रखने में मदद करता है और पौधों के लिए हल्की खाद का भी काम करता है।

DIY Coffee Mosquito Repellent: ज़्यादातर लोगों की सुबह एक कप कॉफी से शुरू होती है। गर्मागर्म कॉफी हमें ताज़गी देती है और दिन की शुरुआत आसान बना देती है। लेकिन जब कॉफी बन जाती है तो जो पाउडर बचता है, उसे हम सीधे कूड़े में फेंक देते हैं। क्या आपको पता है यही बचा हुआ कॉफी पाउडर मच्छरों से बचाव में बहुत काम आ सकता है?

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस्तेमाल हो चुका कॉफी पाउडर मच्छरों को दूर भगाने का आसान और नेचुरल तरीका है। इसमें किसी तरह का कैमिकल नहीं होता, इसलिए यह सुरक्षित है और पॉकेट-फ्रेंडली भी। इसे आप घर पर चार अलग-अलग तरीकों से यूज़ कर सकते हैं – धुंआ करके, बगीचे या पौधों के पास डालकर, पानी में मिलाकर स्प्रे बनाकर या दरवाजे-खिड़की के पास रखकर।

कुछ स्टडीज़ ये भी कहती हैं कि सिर्फ पाउडर बिखेर देने से मच्छर नहीं भागते, लेकिन कॉफी का धुंआ और कॉफी वाला पानी मच्छरों के अंडे और लार्वा को रोक देता है। तो अगली बार जब कॉफी पिएँ, पाउडर फेंकने से पहले याद रखें कि यह आपके लिए एक बढ़िया मच्छर भगाने वाला घरेलू उपाय बन सकता है।

कॉफी का धुंआ मच्छरों को भागाता है

Reuse coffee grounds as a natural mosquito repellent with simple home tricks.
Reuse coffee grounds as a natural mosquito repellent with simple home tricks.

कॉफी पाउडर को अच्छे से सुखा लें और फिर किसी मिट्टी के बर्तन या प्लेट में जला दें। जब यह धीरे-धीरे जलता है तो धुंआ निकलता है, और मच्छरों को धुंआ बिल्कुल पसंद नहीं होता। कई लोग अगरबत्ती की तरह कॉफी पाउडर जलाते हैं और इससे मच्छर दूर रहते हैं। टिप: हमेशा इसे धातु या मिट्टी के बर्तन में जलाएँ, काँच या प्लास्टिक कंटेनर का इस्तेमाल न करें। बच्चों और पालतू जानवरों से इसे दूर रखें।

पौधों की मिट्टी में कॉफी डालें

From garden soil to homemade sprays, coffee grounds can repel mosquitoes effectively.
From garden soil to homemade sprays, coffee grounds can repel mosquitoes effectively.

अगर आपके घर में पौधे हैं तो कॉफी पाउडर उनकी मिट्टी में डाल सकते हैं। माना जाता है कि इससे मच्छर और छोटे कीड़े पास नहीं आते। हाँ, एक रिसर्च ये कहती है कि सिर्फ पाउडर डाल देने से बहुत बड़ा असर नहीं होता, लेकिन पौधों की मिट्टी थोड़ी अम्लीय हो जाती है और कई कीड़े उससे दूर रहते हैं। इसके साथ ही कॉफी पाउडर पौधों के लिए हल्की प्राकृतिक खाद (fertilizer) का भी काम करता है, क्योंकि इसमें नाइट्रोजन और मिनरल्स होते हैं। टिप: ज़्यादा मात्रा में कॉफी न डालें, हफ्ते में एक-दो बार ही पर्याप्त है।

कॉफी का स्प्रे बनाकर छिड़कें

बचे हुए कॉफी पाउडर को पानी में उबालकर उसका घोल तैयार करें। जब यह ठंडा हो जाए तो इसे स्प्रे बोतल में भर लें। अब आप इसे घर के कोनों, खिड़कियों और जहाँ पानी जमा होता है वहाँ स्प्रे कर सकते हैं। मच्छर ऐसे पानी में अंडे देने से बचते हैं और धीरे-धीरे उनकी गिनती कम हो जाती है। टिप: स्प्रे को 2–3 दिन से ज़्यादा स्टोर न करें, ताज़ा घोल हमेशा ज्यादा असरदार होता है।

दरवाजों और खिड़कियों पर पाउडर रखें

अगर आप चाहते हैं कि मच्छर घर के अंदर न आएँ, तो कॉफी पाउडर को छोटे बर्तन या प्लेट में डालकर दरवाजे और खिड़की के पास रख दें। इस पाउडर की महक और हल्का धुंआ मच्छरों को दूर रख सकता है। यह खासतौर पर तब काम आता है जब आप रात को खिड़की खोलकर सोना चाहते हैं। टिप: पाउडर को हर 2–3 दिन में बदलते रहें ताकि इसकी ताज़गी और असर बना रहे।

नींबू या लैवेंडर के साथ मिलाकर यूज़ करें

कॉफी पाउडर को अकेले यूज़ करने के बजाय आप इसे नींबू, लैवेंडर या पुदीना जैसे नैचुरल तरीकों के साथ मिला सकते हैं। अगर आप स्प्रे बना रहे हैं तो उसमें इनका तेल डाल सकते हैं। इससे महक भी अच्छी आएगी और मच्छर भी भागेंगे। कई लोग लैवेंडर ऑयल की कुछ बूंदें डालकर कॉफी वाला स्प्रे बनाते हैं, जिससे घर की खुशबू ताज़गी भरी हो जाती है और मच्छर भी आसपास नहीं आते। टिप: नींबू या लैवेंडर ऑयल की केवल कुछ बूँदें ही मिलाएँ, ज़्यादा मात्रा महक को बहुत तेज़ कर सकती है।

मेरा नाम वामिका है, और मैं पिछले पाँच वर्षों से हिंदी डिजिटल मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर सक्रिय हूं। विशेष रूप से महिला स्वास्थ्य, रिश्तों की जटिलताएं, बच्चों की परवरिश, और सामाजिक बदलाव जैसे विषयों पर लेखन का अनुभव है। मेरी लेखनी...