Best Gift For Rakshabandhan
Best Gift For Rakshabandhan

Gift For Rakshabandhan: हम सभी जानते हैं कि रक्षाबंधन भाई-बहन के खास रिश्ते का उत्सव है। जहां बहन अपने राखी के बंधन में भाई से अपनी रक्षा का एक वादा लेती है। लेकिन अब वक्त बदल गया है और समय की बदलती चाल में भाई बहन को सिर्फ कुछ उपहार न देकर उससे कुछ वादे करें, ताकि समाज में बरसों से चली आ रही परिपाटियों में कुछ बदलाव आए। तो इस आर्टीकल में हम जानते हैं कि वो कौन सी बदलाव की चीजें हैं जिनकी एक बहन को दरकार है।

घर जितना मेरा है उतना ही तुम्हारा

Gift For Rakshabandhan
Gift For Rakshabandhan

शादी के बाद लड़की का अपना कोई घर नहीं बचता। वो जिस घर में रहती है वो उसका ससुराल होता है और शादी के बाद मां-पापा का घर मायका बन जाता है। लेकिन एक भाई होने के नाते भाईयों की यह जिम्मेदारी है कि अपनी बहनों को यह बताएं कि घर उतना ही तुम्हारा है जितना मेरा। जब यह अहसास आपकी बहन को होगा कि घर उसका भी है तो उसके अंदर एक अलग ही आत्मविश्वास आप देख पाएंगे। वो इस बात को भी समझ पाएगी कि अगर उसके रिश्ते में कुछ परेशानी हुई तो वो अपने घर लौट सकती है।

घर के काम में बहन की मदद

आप देखेंगे तो समझ पाएंगे घर वो जगह है जहां सभी कुछ सही समय पर एक मैनेज्ड तरीके से होता है। यहां टीम लीडर अक्सर ही मम्मी होती है। लेकिन बहुत से घरों में आज भी घर के काम सिर्फ महिलाओं की जिम्मेदारी ही मान लिए गए हैं। एक समय आता है जब मां द्वारा किए जाने वाले घर के कामों की बेटियों पर आ जाता है। अगर आपके घर में भी ऐसा होता है तो कम से कम आप ऐसा न होने दें। अपनी मां और बहनों के साथ घर के कामों में हाथ जरूर बटाएं। जैसा कि बहुत से घरों में देखा गया है कि घर ही औरतें ही खाना बनाती और सर्व करती हैं। आप तय कर लें जिन भी कामों में आपकी बहन का इंवॉल्वमेंट है आप भी उसमें इंवॉल्व होकर उसकी मदद करें।

मानसिक और भावनात्मक रुप से बनाएं मजबूत

उस समय तो खैर हम आगे आ चुके हैं जब लड़कों को शिक्षा के ज्यादा मौके मिलते थे। आज के समय में बेटा- बेटी को अक्सर ही लोग बराबर स्तर का पढ़ाते हैं। लेकिन आज भी बहुत बार ऐसा होता है कि बेटी को जॉब करने दूसरे शहर भेजने के लिए पेरेंट्स हिचकिचाते हैं। खैर इसे सिर्फ संकीर्ण मानसिकता कहना गलत होगा। कई बार पेरेंट्स अपनी बेटी की सुरक्षा की वजह से भी ऐसा करते हैं। लेकिन यहां भी आपको आगे आना होगा। अपनी बहन को मानसिक और भावनात्मक रुप से इतना मजबूत बनाएं कि अकेले रहने में उसे किसी किस्म की परेशानी का सामना न करना पड़े। अपने पेरेंट्स को समझाएं। अगर वह कुछ अलग हटकर जॉब करना चाहती है तो ऐसा करने में उसकी मदद करें।

उससे बात करें

ऊपर दिए गए तीनों पॉइंट्स उन सभी बहन-भाइयों के लिए हैं जो कि टीनएज में कदम रख रहे हैं। लेकिन जिन बहन भाईयों की शादी हुए काफी वक्त बीत जाता है। मां-बाप भी नहीं रहे तो उन लड़कियों की जिंदगी में वीराने आ जाते हैं जो कि अपनी मां के साथ अपना दुख-दर्द साझा किया करती थी। अक्सर देखा गया है कि इस तरह के भाई बहनों के बीच में दूरियां आ जाती है। इसे खामोशी को बहुत न चलने दें। याद रखें कि वो आपकी वही बहन है जिसे आप शादी से पहले कितनी भी सुंदर दिखने पर सिर्फ और सिर्फ चिढ़ाया करते थे। शादी के बाद जब भी बहन घर आए उससे खूब बातें किया करें। ताकि कोई यह न कह पाए कि मां-बाप के बाद उसका मायका खत्म हो जाता है।