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जेन जी अब बाथरूम कैंपिंग करने लगे हैं। माना जाता है कि जेन जी तनाव से बचने के लिए बाथरूम कैंपिंग का सहारा ले रहा है।
Bathroom Camping: आप भी अक्सर यह महसूस करते हैं कि जैसे ही आप टीनएज बच्चे को किसी बात पर डांटते हैं या कुछ समझाते हैं तो वो तुरंत मोबाइल हाथ में थामे बाथरूम में चला जाता है। और फिर वहां घंटों बैठा रहता है। या कई बार बिना जरूरत के भी वह बाथरूम जाता है। दरअसल, जेन जी अब बाथरूम कैंपिंग करने लगे हैं। क्या है यह नया शब्द और कैसे ये जेन जी की जिंदगी को कर रहा है खोखला, आइए जानते हैं।
जानिए क्या है ‘बाथरूम कैंपेनिंग’

बेवजह यानी बिना जरूरत के भी बाथरूम में घंटों बैठे रहना। वहां बैठकर अच्छा महसूस करना और इस समय को ‘मी टाइम’ का नाम देना ही ‘बाथरूम कैंपेनिंग’ है। एक समय था जब बाथरूम में ज्यादा देर तक बैठना बुरी बात मानी जाती थी। लेकिन आज के जेन जी मोबाइल लेकर घंटों तक बाथरूम में बैठे रहते हैं। ऐसा वह कुछ समय पाने के लिए करते हैं। यह नया ट्रेंड है जो दुनियाभर में चल रहा है।
समझें इस ट्रेंड को
माना जाता है कि जेन जी तनाव से बचने के लिए बाथरूम कैंपिंग का सहारा ले रहा है। वे बाथरूम जाते हैं और वहां शांति से बैठकर मोबाइल पर समय बिताते हैं। सोशल मीडिया पर रील्स देखते हैं या फिर गाने सुनते हैं। बस वो ये वक्त खुद के साथ बिताना चाहते हैं। अपने घर, स्कूल, कॉलेज या दफ्तर में वे बाथरूम को अपना स्पेस बना लेते हैं।
न कोई दखल, न शोर
‘माय पर्सनल स्पेस’ के नाम पर जेन जी ने बाथरूम को चुना है। यह ट्रेंड टिक टॉक से शुरू हुआ और धीरे-धीरे बाथरूम ही जेन जी का फेवरेट स्पेस बन गया। भागदौड़ भरी जिंदगी में जेन जी बाथरूम को एक सिक्योर और शांत जगह के रूप में देख रहे हैं। जहां उन्हें कोई कुछ नहीं बोल सकता। न ही वहां किसी प्रकार का दखल होता है।
ये चाहता है आज का यूथ
मनोचिकित्सक ताती सिल्वा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर बाथरूम कैंपिंग पर एक वीडियो शेयर करके जेन जी को रिलेक्स होने का सही मतलब बताया है। आज के यूथ की पर्सनल स्पेस पाने की चाहत में कोई बुराई नहीं है। और इसी चाहत के कारण बाथरूम कैंपिंग की शुरुआत हुई है। शोर शराबे से दूर, थकान उतारने के लिए, रिलेक्स होने के लिए यूथ बाथरूम कैंपिंग कर रहे हैं। लेकिन जरूरी नहीं है कि खुद को रिलैक्स करने के लिए आप बाथरूम का ही सहारा लें।
माइक्रो ब्रेक्स लेना है जरूरी
सिल्वा का कहना है कि यूथ को ये समझने की जरूरत है कि वे सही तरीके से माइक्रो ब्रेक्स लें। बाथरूम में घुसने की जगह आप खुली हवा में निकलें। अपनी आंखें बंद करके किसी गार्डन में या घर के बाहर बैठें। गहरी सांस लें। और इसके बाद जानने की कोशिश करें कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं।
कॉपी न करें, सही रास्ता चुनें
सिल्वा का कहना है कि हम सभी रिलेक्स और हील होना चाहते हैं। लेकिन इसके लिए ट्रेंड को कॉपी करने की जगह, सही रास्ता चुनने की जरूरत है। जब आप खुद को पूरी जागरुकता के साथ समय देने लगते हैं तो हीलिंग प्रोसेस अपने आप शुरू होने लगता है। आप अपने आप को बेहतर जान पाते हैं। इसके लिए आपको बाथरूम का सहारा लेने की जगह नहीं है।
