98 साल के मूर्तिकार ने बनाई अयोध्या के जटायु की प्रतिमा, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में भी दिखा चुके हुनर: Ayodhya Ram Mandir
Ayodhya Ram Mandir

98 साल के मूर्तिकार ने बनाई अयोध्या के जटायु की प्रतिमा, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में भी दिखा चुके हुनर

Ram Mandir : अयोध्या के कुबेर टीले पर जटायु की प्रतिमा लगाई गई है, जिसे 98 साल के मूर्तिकार ने बताई है। आइए जानते हैं इस बारे में-

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बने राम मंदिर 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा होने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत बहुत से लोग इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। सोमवार को राम मंदिर के गर्भगृह में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी, जिसका शुभ मूहूर्त 84 सेकेंड का है। यह 12 बजकर 29 मिनट 8 सेकंड से शुरू होकर 12 बजकर 30 मिनट 32 सेकंड तक रहेगा। इसी बीच राम मंदिर परिसर में कुबेर टीला भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पीएम मोदी मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद कुबेर टीला भी आएंगे। बता दें कि यहां जटायु प्रतिमा भी लगाई गई है, जो कस्य की बनी है। इस जटायु की मूर्ति को 98 साल के शख्स ने तराशा है। यह वहीं शख्स है, जिन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को तैयार किया था।

Also read : रामायण के ‘राम-सीता’ के साथ इन सेलिब्रिटी को मिला राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का इनवाइट: Bollywood Celebrities

Ayodhya Ram Mandir
98 year old Ram Vanji Surat made the statue

अयोध्या राम मंदिर परिसर में जटायु की 30 फीट की प्रतिमा स्थापित की गई है। इसे कुबेर टीला नाम दिया गया है। बता दें कि इस मूर्ति को मूर्तिकार राम वांजी सूरत ने बनाया है, जोकि 98 साल के है। इन्होंने व इनके बेटे ने ही गुजरात में लगी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाई है। लगी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा है। सरदार वल्लभ भाई पटेल की यह प्रतिमा 182 मीटर ऊंची है। अब उन्होंने कांस्य की जटायु की मूर्ति बनाई है। इस मूर्ति का काफी चर्चा हो रही है।

Jatayu Pratima
Jatayu Pratima

मूर्तिकार राम वांजी सूरत और उनके बेटे अनिल को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जटायु की मूर्ति बनाने का काम सौंपा है। उन्होंने राम सूरत और उनके बेटे को दो विकल्प दिए थे। एक यह कि जटायु को आक्रामक मोड में दिखाया जाए। या फिर उड़ते हुए दिखाया जाए। अनिल ने बताया कि मंदिर ट्रस्ट को जटायु का फ्लाइंग मोड काफी अच्छा लगा।

अनिल ने बताया कि भगवान राम की मूर्ति को लेकर भी उन्होंने 3 डिजाइन बताए थे। इनमें से एक डिजाइन में भगवान राम को अयोध्या के राजा के तौर पर दिखाया गया था। मंदिर ट्रस्ट को भगवान की यह मूर्ति भी अच्छी लगी।

Ramghaat
Ramghaat

वहीं राम मंदिर में स्थापित रामलला की मूर्ति मैसूर के रहने वाले अरुण योगीराज ने बनाई है। भगवान राम की यह मूर्ति 51 इंच की है। योगीराज की कई पीढ़ियां मूर्तिकार का ही काम करती आ रही है। उनके पिता योगीराज शिल्पी एक बेहतरीन मूर्तिकार हैं। वही योगीराज के दादा बसवन्ना शिल्पी ने वाडियार घराने महलों में अपनी कला दिखाई थी।

वहीं सरयू नदी के किनारे पर भगवान राम की प्रतिमा लगाई जाएगी। 251 मीटर लंबी इस प्रतिमा का अभी निर्माण किया जा रहा है। यह मूर्ति दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति होगी। अभी यह रिकॉर्ड स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास है। राम भक्तों की नजरें अब जटायु टीला और भगवान राम की प्रतिमा पर है।

निक्की मिश्रा पिछले 8 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लिख रही हैं। उन्होंने ग्वालियर के जीवाजी यूनिवर्सिटी से इकनॉमिक्स में एमए और भारतीय विद्या भवन से जर्नलिज़्म की पढ़ाई की है। लिखना उनके लिए सिर्फ एक प्रोफेशन...