एक बार स्कूल में समारोह था। कई तरह के कार्यक्रम आयोजित हुए थे। एक कार्यक्रम के अंतर्गत मैरिट में आने वाले बच्चों को सर्टिफिकेट दिए जाने थे, जिन में मेरा भी नाम शामिल था। छोटे होने के कारण मुझे मैरिट शब्द का सही अर्थ नहीं पता था। मैंने घर आकर सभी को बताना शुरू किया कि मुझे ‘मैरिड सर्टिफिकेट दिया जाएगा। जिसको भी बताती वही जोर-जोर से मुझ पर हंसने लगता। शाम तक सभी मुझे चिढ़ाने लगे। पिताजी को यह बात मैंने रोते-रोते बताई। एक बार तो वह भी हंसे, लेकिन बाद में इसका मतलब मुझे समझाया। फिर मुझे भी बहुत हंसी आई। आज जब मेरे बच्चे कभी मैरिट का कार्ड लाते हैं तो मैं उन्हें यह बात बताना नहीं भूलती। मेरी दोनों बेटियां मैरिट सर्टिफिकेट मुझे ‘मैरिड सर्टिफिकेट कह कर ही दिखाती हैं।
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