मैकू ने दो-तीन हाथ चलाकर बाकी बची हुई बोतलें और मटको का सफाया कर दिया और तब चलते-चलते ठीकेदार को एक लात जमाकर बाहर निकल आया।
कादिर ने उसको रोककर पूछा – तू पागल तो नहीं हो गया है बे? क्या करने आया था, और क्या कर रहा है?
मैकू ने लाल-लाल आंखों से उसकी ओर देखकर कहा – हां, अल्लाह का शुक्र है कि मैं जो करने आया था, वह न करके कुछ और ही कर बैठा। तुममें कूबत हो तो वालंटियर को मारो, मुझमें कूबत नहीं है। मैंने तो जो एक थप्पड़ लगाया, उसका रंज अभी तक है और हमेशा रहेगा। तमाचे के निशान मेरे कलेजे पर बन गए हैं। जो लोग दूसरों को गुनाह से बचाने के लिए अपनी जान देने को खड़े है, उन पर वहीं हाथ उठाएगा, जो पाजी है, कमीना है, नामर्द है। मैकू फिसादी है, लठैत गुंडा है, पर कमीना और नामर्द नहीं है। कह दो पुलिस वालों से, चाहें तो मुझे गिरफ्तार कर लें।
कई ताड़ीबाज खड़े सिर सहलाते हुए उसकी ओर सहमी हुई आंखों से ताक रहे थे। कुछ बोलने की हिम्मत न पड़ती थी। मैकू ने उनकी ओर देखकर कहा – मैं फिर कल आऊँगा। अगर तुममें से किसी को यहां देखा तो खून ही पी जाऊंगा। जेल और फांसी से नहीं डरता। तुम्हारी भलमनसी इसी में है कि अब भूलकर भी इधर न आना। कांग्रेस वाले तुम्हारे दुश्मन नहीं हैं। तुम्हारे और तुम्हारे बाल-बच्चों की भलाई के लिए ही तुम्हें पीने से रोकते हैं। इन पैसों से अपने बाल-बच्चों की परवरिश करो, धी-दूध खाओ। घर में तो फाके हो रहे हैं घरवाली तुम्हारे नाम को रो रही है, और तुम यहां बैठे पी रहे हो? लानत है इस नशेबाजी पर। मैकू ने वहीं डंडा फेंक दिया और कदम बढ़ाता हुआ घर चला। इस वक्त तक हजारों आदमियों का हुजूम हो गया था। सभी श्रद्धा, प्रेम और गर्व से मैकू को देख रहे थे।
